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रांची टेस्ट में विराट कोहली ने की थी यह गलती: गावस्कर
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:15 PM IST
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सुनील गावस्कर
- फोटो : getty
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भारत और ऑस्ट्रेलिया रांची में खेला गया तीसरा टेस्ट उतार-चढ़ाव के बाद ड्रॉ रहा। दोनों ही टीमों को कड़ी मेहनत के बाद इस मैच का नतीजा किसी भी टीम के पक्ष में नहीं गया। इस मैच में भारतीय टीम के गेंदबाजी चयन को लेकर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने सवाल खड़े किए।
विराट कोहली के टीम चयन पर उन्होंने कहा "जब नंबर 6 और 7 पर भारतीय टीम अश्विन और ऋद्धिमान साहा जैसे खिलाड़ियों की बल्लेबाजी कर सकते हैं और 8वें नंबर जडेजा भी रन बना सकते हैं, को टीम को 6 बल्लेबाज और 5 गेंदबाज का फॉर्मूल अपनाना चाहिए। सोमवार को भारत को पांचवें गेंदबाज की कमी महसूस हुई। मैं यह नहीं कह रहा कि पांचवां गेंदबाज विपक्षी टीम को आउट कर देता लेकिन वह कठिन मेहनत कर रहे तेज गेंदबाजों को विराम जरुर देता। उमेश और इशांत ने दिल से गेंदबाजी की।"
ऐसा पहले हुआ भी था जब कप्तान विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 गेंदबाज और 6 बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतरे थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने इसे बदलते हुए 7 बल्लेबाजों के साथ जाने का फैसला किया। पुणे टेस्ट में 333 रनों की करारी शिकस्त ने कोहली को फूंक-फूंक पर कदम रखने के लिए मजबूर किया। इससे पहले न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम में 5 गेंदबाजों को खिलाया गया, जिसका फायदा भी टीम को मिला।
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विराट कोहली के टीम चयन पर उन्होंने कहा "जब नंबर 6 और 7 पर भारतीय टीम अश्विन और ऋद्धिमान साहा जैसे खिलाड़ियों की बल्लेबाजी कर सकते हैं और 8वें नंबर जडेजा भी रन बना सकते हैं, को टीम को 6 बल्लेबाज और 5 गेंदबाज का फॉर्मूल अपनाना चाहिए। सोमवार को भारत को पांचवें गेंदबाज की कमी महसूस हुई। मैं यह नहीं कह रहा कि पांचवां गेंदबाज विपक्षी टीम को आउट कर देता लेकिन वह कठिन मेहनत कर रहे तेज गेंदबाजों को विराम जरुर देता। उमेश और इशांत ने दिल से गेंदबाजी की।"
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ऐसा पहले हुआ भी था जब कप्तान विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 गेंदबाज और 6 बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतरे थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने इसे बदलते हुए 7 बल्लेबाजों के साथ जाने का फैसला किया। पुणे टेस्ट में 333 रनों की करारी शिकस्त ने कोहली को फूंक-फूंक पर कदम रखने के लिए मजबूर किया। इससे पहले न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम में 5 गेंदबाजों को खिलाया गया, जिसका फायदा भी टीम को मिला।
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