'दीदी' ने दिखाया 'दादा' पर भरोसा, बनाया बंगाल क्रिकेट संघ का बॉस
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पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को निर्विरोध क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। बृहस्पतिवार को कैब अधिकारियों की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बात घोषणा की। दिवंगत जगमोहन डालमिया के बेटे अभिषेक डालमिया को कैब का संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
बीसीसीआई और कैब अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के अचानक हुई निधन के बाद से गांगुली के कैब अध्यक्ष बनने की कवायद और तेज हो गई थीं। कैब के संयुक्त सचिव गांगुली के अलावा इस पद की होड़ में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के दो उम्मीदवार अरूप विश्वास और सुब्रता मुखर्जी भी थे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद बृहस्पतिवार को हुई बैठक में गांगुली को निर्विरोध कैब का अध्यक्ष चुन लिया गया है।
गांगुली के कैब अध्यक्ष बनने के बाद संयुक्त सचिव का पद डालमिया के बेटे अभिषेक को दे दिया गया। अभिषेक अब गांगुली की जगह कैब के संयुक्त सचिव होंगे। वहीं, सुबीर गांगुली अन्य संयुक्त सचिव के पद पर जारी रहेंगे जबकि विश्वरूप डे खजांची के पद पर बने रहेंगे। बुधवार रात गांगुली के सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद ही यह साफ हो गया था कि गांगुली ही कैब का नया बॉस बनने जा रहे हैं।
काफी मजबूत था गांगुली का दावा
जगमोहन डालमिया के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद से ही गांगुली के कैब अध्यक्ष बनने के कयास लगाए जा रहे थे क्योंकि गांगुली डालमिया के काफी करीबी माने जाते रहे हैं और राज्य भर के क्रिकेट क्लबों से डालमिया का अच्छा नाता रहा था।
डालमिया ने अपनी प्रशासनिक पारी राजस्थान क्लब के साथ शु्रू की थी। ऐसे में इस पद के लिए अगर चुनाव होता भी तो गांगुली का पक्ष काफी मजबूत दिख रहा था।
गांगुली के परिवार का भी एसोसिएशन से काफी पुराना नाता है। गांगुली के पिता चंडीदास गांगुली कुछ सालों तक कैब के सेक्रेटरी थे। पिता के बाद गांगुली भी वर्तमान में कैब के संयुक्त सचिव पद पर आसीन हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ‘गांगुली को अध्यक्ष चुनने का फैसला कैब के अधिकारियों का था। डालमिया जी के अचानक हुई निधन के बाद हम बड़े संकट में थे। कोई भी कैब का प्रमुख बन सकता है। लेकिन डालमिया को क्रिकेट से प्यार था।
लिहाजा यह अहम था कि एसोसिएशन को वह व्यक्ति चलाए जो उनका नजदीकी हो और उसे क्रिकेट से प्यार हो। मेरा आप सभी से यही आग्रह है कि हम सभी एकजुट होकर जग्गू दा की विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएं।’