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चयन मामला सार्वजनिक नहीं होना चाहिए: श्रीकांत
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 14 Dec 2012 12:11 AM IST
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पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता प्रमुख कृष्णमाचारी श्रीकांत ने पूर्व चयनकर्ता मोहिंदर अमरनाथ के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर सनसनीखेज खुलासे पर कहा कि चयन मामलों को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। अमरनाथ ने हाल ही में यह कहकर तहलका मचा दिया था कि आस्ट्रेलिया दौरे से पहले चयन समिति धोनी को कप्तान पद से हटाना चाहती थी लेकिन बोर्ड अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने इस फैसले को वीटो कर दिया था।
अमरनाथ के इस खुलासे पर श्रीकांत ने कहा, ‘चयन समिति के मामले बंद कमरे में ही रहने चाहिए और इन मामलों को कतई सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। मैंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि जो कुछ भी चयन समिति की बैठकों में होता है वह चार दीवारी के अंदर रहना चाहिए। यह किसी कंपनी की बोर्ड बैठक की तरह है जहां कंपनी की प्रगति के बारे में क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं किया जाना चाहिए, उस पर चर्चा होती है। लेकिन इन बातों को लेकर कुछ भी सार्वजनिक नहीं होता है।’ श्रीकांत उस चयन समिति के अध्यक्ष थे जिसने इंग्लैंड में टीम इंडिया का पूरी तरह सफाया होने के बावजूद धोनी को कप्तान पद पर बरकरार रखा था।
मोरे ने भी की अमरनाथ की आलोचना
एक और पूर्व मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे ने कहा कि अमरनाथ को चयन मामले में बीसीसीआई अध्यक्ष के हस्तक्षेप का खुलासा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से यह काफी गोपनीय क्षेत्र होता है। जब आप चयनकर्ता बनते हैं तो आपको जानना चाहिए कि बीसीसीआई के नियम और कायदे क्या हैं। मैं अमरनाथ के विचारों से सहमत नहीं हूं और यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। टीम चयन वाला कमरा बेहद गोपनीय होता है और इसी बातें बाहर निकलकर नहीं आना चाहिए। मुझे इससे बेहद दुख हुआ है और यह भारतीय क्रिकेट के लिए काफी बुरा है।’
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अमरनाथ के इस खुलासे पर श्रीकांत ने कहा, ‘चयन समिति के मामले बंद कमरे में ही रहने चाहिए और इन मामलों को कतई सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। मैंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि जो कुछ भी चयन समिति की बैठकों में होता है वह चार दीवारी के अंदर रहना चाहिए। यह किसी कंपनी की बोर्ड बैठक की तरह है जहां कंपनी की प्रगति के बारे में क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं किया जाना चाहिए, उस पर चर्चा होती है। लेकिन इन बातों को लेकर कुछ भी सार्वजनिक नहीं होता है।’ श्रीकांत उस चयन समिति के अध्यक्ष थे जिसने इंग्लैंड में टीम इंडिया का पूरी तरह सफाया होने के बावजूद धोनी को कप्तान पद पर बरकरार रखा था।
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मोरे ने भी की अमरनाथ की आलोचना
एक और पूर्व मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे ने कहा कि अमरनाथ को चयन मामले में बीसीसीआई अध्यक्ष के हस्तक्षेप का खुलासा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से यह काफी गोपनीय क्षेत्र होता है। जब आप चयनकर्ता बनते हैं तो आपको जानना चाहिए कि बीसीसीआई के नियम और कायदे क्या हैं। मैं अमरनाथ के विचारों से सहमत नहीं हूं और यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। टीम चयन वाला कमरा बेहद गोपनीय होता है और इसी बातें बाहर निकलकर नहीं आना चाहिए। मुझे इससे बेहद दुख हुआ है और यह भारतीय क्रिकेट के लिए काफी बुरा है।’
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