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Deepti Sharma: धोनी को देखकर कठिन समय में संयम बनाए रखना सीखती थीं दीप्ति, बोलीं- उनसे दबाव झेलना सीखा
Fri, 11 Jul 2025 05:01 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 11 Jul 2025 05:01 PM IST
सार
दीप्ति ने अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में शानदार बल्लेबाजी से लगातार प्रभावित किया है। दबाव में धैर्य बनाए रखने की क्षमता दीप्ति को अलग स्तर का खिलाड़ी बनाती है। दीप्ति पिछले कुछ वर्षों में टीम की सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में से एक रही हैं।
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दीप्ति शर्मा
- फोटो : BCCI
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विस्तार
भारतीय महिला टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह धोनी के वीडियो देखकर कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखना सीखती थीं। कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी को दबाव संभालने के मामले में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। दीप्ति ने हाल ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। वह झूलन गोस्वामी (355) के बाद ऐसे करने वाली दूसरी भारतीय गेंदबाज हैं।
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दीप्ति ने अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में शानदार बल्लेबाजी से लगातार प्रभावित किया है। दबाव में धैर्य बनाए रखने की क्षमता दीप्ति को अलग स्तर का खिलाड़ी बनाती है। दीप्ति पिछले कुछ वर्षों में टीम की सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में से एक रही हैं। उन्हें अक्सर गेंद से महत्वपूर्ण सफलता दिलाने या बल्ले से टीम को मुश्किल हालात से निकालने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
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दीप्ति को पसंद हैं चुनौतियां
दीप्ति ने बीसीसीआई टीवी से कहा, मैंने एमएस धोनी सर से दबाव को झेलना सीखा है। जब भी उनका कोई मैच होता था मैं टीवी से चिपकी रहती थी और मैच देखती थी। ऐसा कभी नहीं लगा कि वह किसी भी पल दबाव में हैं, वह शांति से स्थिति को संभालते थे और अंत में मैच जीतते थे। मैंने भी अपने खेल में यही गुण विकसित किया है। मैं चीजों को सरल रखती हूं, उदाहरण के लिए हर मैच में जब भी मुझे गेंदबाजी करने का मौका मिलता है, चाहे वह पावरप्ले में हो या आखिरी ओवरों में, मैं उस काम को बहुत शांतचित होकर करती हूं। मुझे चुनौतियां पसंद हैं और जब भी कोई मुश्किल स्थिति आती है, टीम प्रबंधन को लगता है कि हमारे पास दीप्ति है और वह काम पूरा सकती है।
दीप्ति ने बीसीसीआई टीवी से कहा, मैंने एमएस धोनी सर से दबाव को झेलना सीखा है। जब भी उनका कोई मैच होता था मैं टीवी से चिपकी रहती थी और मैच देखती थी। ऐसा कभी नहीं लगा कि वह किसी भी पल दबाव में हैं, वह शांति से स्थिति को संभालते थे और अंत में मैच जीतते थे। मैंने भी अपने खेल में यही गुण विकसित किया है। मैं चीजों को सरल रखती हूं, उदाहरण के लिए हर मैच में जब भी मुझे गेंदबाजी करने का मौका मिलता है, चाहे वह पावरप्ले में हो या आखिरी ओवरों में, मैं उस काम को बहुत शांतचित होकर करती हूं। मुझे चुनौतियां पसंद हैं और जब भी कोई मुश्किल स्थिति आती है, टीम प्रबंधन को लगता है कि हमारे पास दीप्ति है और वह काम पूरा सकती है।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर 300 विकेट पूरे करके बहुत अच्छा महसूस हो रहा है और यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत गर्व का क्षण है। टीम ने भी इस उपलब्धि के लिए मेरी बहुत तारीफ की है। जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो मैंने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया था। तब मेरा एकमात्र लक्ष्य भारत के लिए खेलना था। मैंने उसी के अनुसार कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ अभ्यास किया। मैं रिकॉर्ड और अन्य चीजों के बारे में नहीं सोच रही थी। यह कभी मेरे दिमाग में नहीं था लेकिन जब हम किसी उपलब्धि को हासिल करते है तो अच्छा लगता है।