सौराष्ट्र को पहली बार रणजी चैंपियन बनाने वाले जयदेव उनादकट ने की सगाई, पुजारा ने बताया नाम
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सौराष्ट्र को पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने वाले 28 साल के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने सगाई रविवार को सगाई कर ली है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी सगाई की तस्वीर पोस्ट की है। तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'छह घंटे, दो प्लेट खाना और बदा में एक साझा केक।' इसके साथ ही उन्होंने एक अंगूठी और दिल का इमोजी भी शेयर किया है।
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6 hours, 2 meals & 1 shared mud cake later.. 💍❤️
A post shared by Jaydev Unadkat (@jd_unadkat) on
उनादकट ने किसके साथ सगाई, इस बात का खुलासा उन्होंने अपने ट्वीट में नहीं किया है। मगर उनकी टीम के साथ खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा ने जयदेव के मंगेतर के नाम का खुलासा किया। पुजारा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'परिवार में आपका स्वागत है रिन्नी। मुझे बहुत खुशी है कि मेरे भाई जयदेव उनादकट को अपने जीवन का प्यार मिला है।'
Welcome to the family Rinny. I am so glad that my brother @JUnadkat has found the love of his life. 🤗
— cheteshwar pujara (@cheteshwar1) March 15, 2020
P:S - You have to deal with a lot of bromance pic.twitter.com/X9aZxFfm0o
जयदेव उनादकट की कप्तानी में सौराष्ट्र ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। 70 साल में सौराष्ट्र ने पहली ट्रॉफी जीती है। सौराष्ट्र की इस जीत में कप्तान उनादकट ने अहम भूमिका निभाई।
उनादकट ने सत्र में 13.23 की औसत से सर्वाधिक 67 विकेट चटकाए। यह एक सत्र में किसी पेसर का रणजी इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने कर्नाटक के डोडा गणेश (62, 1998-99) का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। हालांकि उनादकट एक सत्र में बिहार के आशुतोष अमन (68, पिछले साल) का सर्वाधिक विकेट लेने का सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ने से एक विकेट पीछे रह गए।
सौराष्ट्र ने बंगाल के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।