IND Inning
37/2 (4.1 ov)
Target: 172
Ishan Kishan 3(3)*
Shreyas Iyer 2 (3)
IND need 135 runs in 15.5 remaining overs
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दक्षिण अफ्रीका को भारी पड़ी रक्षात्मक सोच
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 23 Feb 2015 04:38 PM IST
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[संजय मांजरेकर की कलम से]
मैच शुरू होने से पहले दक्षिण अफ्रीकी टीम का पलड़ा भारी था, लेकिन वो ऐसे खेले, जैसे कि कमजोर टीम हो। उन्होंने शुरू से ही बेहद रूढ़ीवादी दृष्टिकोण अपनाया। नई गेंद से गेंद कर रहे डेल स्टेन अपने ओवर की हर चौथी गेंद पर स्क्वायर लेग फील्डर को पीछे भेज देते। इस डिफेंसिव एप्रोच को बल्लेबाजों ने भी भांपा और इसका फायदा उठाया।
शुरुआत में ही इस तरह के कदमों से विपक्षी टीम की मानसिकता का अंदाजा लग जाता है और दक्षिण अफ्रीका ने शुरू से ही रक्षात्मक सोच अपनाई। स्टेन शिखर धवन के खिलाफ शॉर्टपिच गेंदबाजी करने के ज्यादा इच्छुक नहीं दिखे जबकि धवन की यह बड़ी कमजोरी है। धवन और अंजिक्य रहाणे की बल्लेबाजी देखकर मजा आ गया!
धवन की सबसे अच्छी बात यह है कि जब वह रन बनाते हैं, तो बड़ी पारी खेलते हैं। जब उन पर शॉर्ट गेंद से हमला किया गया, तो वह घबराए नहीं बल्कि अगली ही गेंद पर फ्रंटफुट पर आकर ड्राइव खेली। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अपनी कमजोरियों को छिपाते हुए भी उन्होंने अपनी ताकत को कम नहीं होने दिया।
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धवन ने शतक जमाया, लेकिन रहाणे की पारी को लंबे समय तक याद किया जाएगा। मेरा मानना है कि उन्होंने अपने वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली।
बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर 307 रन का स्कोर बहुत ज्यादा नहीं था, लेकिन एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर ऐसी टीम दिखाई दी, जिसे खुद पर ही शक रहता है। मुझे हैरानी है कि इस टीम पर दुनिया को जितना भरोसा है, इस दक्षिण अफ्रीकी टीम को खुद पर इतना भरोसा है भी या नहीं! (पीएमजी)
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मैच शुरू होने से पहले दक्षिण अफ्रीकी टीम का पलड़ा भारी था, लेकिन वो ऐसे खेले, जैसे कि कमजोर टीम हो। उन्होंने शुरू से ही बेहद रूढ़ीवादी दृष्टिकोण अपनाया। नई गेंद से गेंद कर रहे डेल स्टेन अपने ओवर की हर चौथी गेंद पर स्क्वायर लेग फील्डर को पीछे भेज देते। इस डिफेंसिव एप्रोच को बल्लेबाजों ने भी भांपा और इसका फायदा उठाया।
शुरुआत में ही इस तरह के कदमों से विपक्षी टीम की मानसिकता का अंदाजा लग जाता है और दक्षिण अफ्रीका ने शुरू से ही रक्षात्मक सोच अपनाई। स्टेन शिखर धवन के खिलाफ शॉर्टपिच गेंदबाजी करने के ज्यादा इच्छुक नहीं दिखे जबकि धवन की यह बड़ी कमजोरी है। धवन और अंजिक्य रहाणे की बल्लेबाजी देखकर मजा आ गया!
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धवन की सबसे अच्छी बात यह है कि जब वह रन बनाते हैं, तो बड़ी पारी खेलते हैं। जब उन पर शॉर्ट गेंद से हमला किया गया, तो वह घबराए नहीं बल्कि अगली ही गेंद पर फ्रंटफुट पर आकर ड्राइव खेली। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अपनी कमजोरियों को छिपाते हुए भी उन्होंने अपनी ताकत को कम नहीं होने दिया।
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धवन ने शतक जमाया, लेकिन रहाणे की पारी को लंबे समय तक याद किया जाएगा। मेरा मानना है कि उन्होंने अपने वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली।
बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर 307 रन का स्कोर बहुत ज्यादा नहीं था, लेकिन एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर ऐसी टीम दिखाई दी, जिसे खुद पर ही शक रहता है। मुझे हैरानी है कि इस टीम पर दुनिया को जितना भरोसा है, इस दक्षिण अफ्रीकी टीम को खुद पर इतना भरोसा है भी या नहीं! (पीएमजी)