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'पहले रेड बॉल में खुद को साबित करो': दलीप ट्रॉफी में वैभव को उपकप्तान बनाने पर सचिन ने किया आगाह; क्या कहा?
Tue, 03 Nov 2026 09:39 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Tue, 03 Nov 2026 09:39 PM IST
सार
सचिन तेंदुलकर ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने को जल्दबाजी बताया है। उन्होंने सलाह दी कि वैभव को पहले रेड बॉल क्रिकेट में अधिक अनुभव हासिल करना चाहिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, गौतम गंभीर ने भी कहा कि टीम मैनेजमेंट का काम लोकप्रिय नहीं, बल्कि सही फैसले लेना है।
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वैभव-सचिन
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को कम उम्र में नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर अपनी राय रखी है। सचिन का मानना है कि महज 15 साल की उम्र में सूर्यवंशी को उपकप्तान जैसी जिम्मेदारी देना जल्दबाजी है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले रेड बॉल क्रिकेट में ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए और उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ने देना चाहिए।
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वैभव और अभिषेक
- फोटो : ANI/BCCI
क्या बोले सचिन?
दरअसल, मंगलवार को रेडिट पर आयोजित सवाल-जवाब सत्र के दौरान सचिन तेंदुलकर से पूछा गया कि 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपे जाने को वह किस नजरिए से देखते हैं? इस पर सचिन ने जवाब दिया, 'मुझे लगता है कि दलीप ट्रॉफी में उसे उपकप्तान बनाना अभी जल्दबाजी है। हमें उसे रेड बॉल क्रिकेट में और मैच खेलने देने चाहिए और एक-एक कदम आगे बढ़ना चाहिए।'
दरअसल, मंगलवार को रेडिट पर आयोजित सवाल-जवाब सत्र के दौरान सचिन तेंदुलकर से पूछा गया कि 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपे जाने को वह किस नजरिए से देखते हैं? इस पर सचिन ने जवाब दिया, 'मुझे लगता है कि दलीप ट्रॉफी में उसे उपकप्तान बनाना अभी जल्दबाजी है। हमें उसे रेड बॉल क्रिकेट में और मैच खेलने देने चाहिए और एक-एक कदम आगे बढ़ना चाहिए।'
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अभिषेक और वैभव
- फोटो : IANS
दलीप ट्रॉफी में उपकप्तान बनाए गए हैं वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार प्रदर्शन के दम पर वह तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा और भविष्य की बड़ी प्रतिभा माना जा रहा है। इस साल उन्हें ईस्ट जोन की टीम में शामिल करने के साथ दलीप ट्रॉफी के लिए उपकप्तान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। हालांकि, सचिन का मानना है कि इतनी कम उम्र में नेतृत्व की जिम्मेदारी देने के बजाय उनके खेल को निखारने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार प्रदर्शन के दम पर वह तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा और भविष्य की बड़ी प्रतिभा माना जा रहा है। इस साल उन्हें ईस्ट जोन की टीम में शामिल करने के साथ दलीप ट्रॉफी के लिए उपकप्तान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। हालांकि, सचिन का मानना है कि इतनी कम उम्र में नेतृत्व की जिम्मेदारी देने के बजाय उनके खेल को निखारने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
जो रूट को लेकर भी सचिन ने कही बड़ी बात
रेडिट पर बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर से मौजूदा समय के उनके पसंदीदा गैर-भारतीय बल्लेबाजों के बारे में भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने हैरी ब्रूक, जो रूट और स्टीव स्मिथ का नाम लिया। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि जो रूट उनके टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं और रूट ने कहा है कि सचिन के साथ इस चर्चा में शामिल होना ही उनके लिए बड़ी बात है, तो सचिन ने इंग्लैंड के बल्लेबाज की जमकर तारीफ की। सचिन ने कहा, 'मैंने हमेशा उन्हें बहुत ऊंचे स्तर का बल्लेबाज माना है। उनके पहले टेस्ट मैच में ही मुझे यह साफ दिखाई दे गया था कि वह बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले हैं।'
रेडिट पर बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर से मौजूदा समय के उनके पसंदीदा गैर-भारतीय बल्लेबाजों के बारे में भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने हैरी ब्रूक, जो रूट और स्टीव स्मिथ का नाम लिया। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि जो रूट उनके टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं और रूट ने कहा है कि सचिन के साथ इस चर्चा में शामिल होना ही उनके लिए बड़ी बात है, तो सचिन ने इंग्लैंड के बल्लेबाज की जमकर तारीफ की। सचिन ने कहा, 'मैंने हमेशा उन्हें बहुत ऊंचे स्तर का बल्लेबाज माना है। उनके पहले टेस्ट मैच में ही मुझे यह साफ दिखाई दे गया था कि वह बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले हैं।'
वैभव और सैमसन
- फोटो : BCCI
टीम इंडिया में मौके का इंतजार कर रहे हैं वैभव
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए लगातार मौके का इंतजार करना पड़ रहा है। टीम के शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने में चुनौती मिल रही है। दोनों बल्लेबाजों ने इस साल टी20 विश्व कप में भारत को खिताब बचाने में अहम योगदान दिया था। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के साथ अनुभवी और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बनाए रखने की चुनौती भी है।
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए लगातार मौके का इंतजार करना पड़ रहा है। टीम के शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने में चुनौती मिल रही है। दोनों बल्लेबाजों ने इस साल टी20 विश्व कप में भारत को खिताब बचाने में अहम योगदान दिया था। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के साथ अनुभवी और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बनाए रखने की चुनौती भी है।
गौतम गंभीर बोले- मेरा काम सबको खुश करना नहीं
वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिलने को लेकर उठ रहे सवालों पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी अपनी बात रखी। पांचवें टी20 मुकाबले से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में गंभीर ने साफ कहा कि उनका काम सभी को खुश करना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसले लेना है। गंभीर ने कहा, 'सबसे पहले, मेरा काम हर किसी को खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, लोकप्रिय फैसले लेना नहीं। मैं यहां इसी काम के लिए हूं।' उन्होंने आगे कहा कि टीम में उन खिलाड़ियों को भी सुरक्षा और भरोसा मिलना जरूरी है, जिन्होंने लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
गंभीर के मुताबिक, टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को भी पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह लोकप्रिय फैसला लेना बहुत आसान है, लेकिन मेरे लिए सही फैसला लेना और ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है, वे ज्यादा मौके और भरोसे के हकदार हैं। हम इसी सोच के साथ आगे बढ़ते हैं।'
वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिलने को लेकर उठ रहे सवालों पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी अपनी बात रखी। पांचवें टी20 मुकाबले से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में गंभीर ने साफ कहा कि उनका काम सभी को खुश करना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसले लेना है। गंभीर ने कहा, 'सबसे पहले, मेरा काम हर किसी को खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, लोकप्रिय फैसले लेना नहीं। मैं यहां इसी काम के लिए हूं।' उन्होंने आगे कहा कि टीम में उन खिलाड़ियों को भी सुरक्षा और भरोसा मिलना जरूरी है, जिन्होंने लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
गंभीर के मुताबिक, टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को भी पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह लोकप्रिय फैसला लेना बहुत आसान है, लेकिन मेरे लिए सही फैसला लेना और ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है, वे ज्यादा मौके और भरोसे के हकदार हैं। हम इसी सोच के साथ आगे बढ़ते हैं।'