कप्तान रोहित शर्मा ने बताया टीम इंडिया की जीत का 'मंत्र', रणनीति का भी किया खुलासा
टीम इंडिया ने रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में तीसरे व अंतिम टी20 इंटरनेशनल मैच में श्रीलंका को 5 विकेट से हराकर साल का सुखद अंत किया। टीम इंडिया ने इस साल कोई सीरीज नहीं गंवाई। सीरीज के आखिरी मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 135 रन बनाए। जवाब में टीम इंडिया ने चार गेंदें शेष रहते पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया।
मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा समेत अन्य सदस्यों ने ये बातें कहीं:
रोहित शर्मा ने मैच के बाद कहा, 'हम सात बल्लेबाजों के साथ खेल रहे थे और वाशिंगटन सुंदर भी अच्छे बल्लेबाज हैं। इसलिए हम अपने आप को प्रोत्साहित करते हुए मैच खेल रहे थे। हमने दौरे की शुरुआत में ही बात की थी कि छह बल्लेबाज और एक ऑलराउंडर के साथ मैदान संभालेंगे। जिस तरह हमने वन-डे और टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली, उससे मैं बहुत खुश हूं। मेरे ख्याल से हम टीम प्रयास के बलबूते जीत सके।'
'हिटमैन' रोहित ने साथ ही कहा, 'कुछ खिलाड़ियों को पहला या दूसरा मौका मिला, लेकिन ऐसा महसूस नहीं हुआ कि यह उनका पहला या दूसरा मैच है। टीम प्रबंधन के रूप में हमारा काम युवाओं को सपोर्ट देना है। अब हमारा पूरा ध्यान दक्षिण अफ्रीका दौरे पर है।'
दक्षिण अफ्रीका दौरे के बारे में बात करते हुए 30 वर्षीय रोहित ने कहा, 'वहां कड़ी चुनौती होगी। मगर हम अपने घरेलू सीजन की याद दिलाना चाहेंगे- किसी को हराना आसान नहीं। हमे कई बार कड़ी चुनौती मिली, लेकिन हमने हर बार दमदार वापसी की।'
मैन ऑफ द सीरीज जयदेव उनाडकट कभी नहीं भूलेंगे इन्हें, वजह है खास
मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज जयदेव उनाडकट ने कहा, 'मेरे लिए चीजें अच्छी हो रही थी। सीरीज से पहले मैंने कुछ योजनाए बनाई थी और उसी के मुताबिक तैयारी भी की। पॉवरप्ले में गेंदबाजी करने पर मैंने ज्यादा ध्यान लगाया था। डेब्यू के काफी लंबे समय के बाद टीम में वापसी की। मगर मैंने घरेलू क्रिकेट काफी खेला। मुझे एक परिपक्व खिलाड़ी बनने में इससे काफी मदद मिली। मैं टीम प्रबंधन का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया।'
श्रीलंकाई कप्तान थिसारा परेरा ने कहा, 'कप्तान के रूप में मुझे अपनी गेंदबाजी इकाई पर गर्व है, जिन्होंने छोटे लक्ष्य का इस तरह बचाव करने की कोशिश की। मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हमारे पास हमेशा से अच्छे फील्डिंग कोच रहे और यही वजह है कि हमारी फील्डिंग अच्छी रही। हमने इस दौरे पर कई चीजें सीखी। हम सभी को पता है कि टीम इंडिया बहुत ही दमदार है। हमने कई चीजें सीखी और अपना प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान लगाएंगे। हमारी बल्लेबाजी को अच्छा करने की जरुरत है और मुझे लगता है कि हम काफी आगे आ चुके हैं।'
टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने कहा- इस खिलाड़ी के कारण सबसे ज्यादा सिरदर्द
टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने कहा, 'हम अपने विरोधियों की इज्जत करते हैं और जब आप ऐसा करते हैं तो जमीन से जुड़े होते हैं। टीम के सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन करने का जज्बा दिखाया जो बढ़िया रहा। उनाडकट ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। वो हमारे साथ पिछले 6-7 साल से हैं। उन्हें अपनी गेंदबाजी की समझ है। इस समय हमने काफी क्रिकेट खेली है। टी20 क्रिकेट को लेकर हम चिंता नहीं करते। हम इसका इस्तेमाल युवाओं को मौका देकर करते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'केएल राहुल बहुत ही अच्छे खिलाड़ी हैं। हमारे लिए सबसे बड़ा सिरदर्द वो ही हैं। पिछले 18 महीनों में सबसे ज्यादा सुधार उन्हीं के प्रदर्शन में आया। यह टीम बेहतरीन है, जो विश्व की किसी भी दिग्गज टीम को कड़ी टक्कर दे सकती है।'
मनीष पांडे ने कहा, 'यह देखना अच्छा लगा कि एमएस धोनी और दिनेश कार्तिक ने स्टाइल से मैच का अंत किया। मेरे ख्याल से हमने अच्छी बल्लेबाजी की जबकि विकेट से इतनी मदद नहीं मिल रही थी। वैसे हम जल्दी जीत सकते थे।'
दिनेश कार्तिक ने कहा, 'थोड़ा दबाव में था। मेरे ख्याल से धोनी का क्रीज पर रहना जरूरी था ताकि मैच करीब ले जा सकें। मेरे ख्याल से अंतिम ओवर में 12 रन का पीछा कर सकते थे, लेकिन मुझे शॉट जमाने के लिए आसान गेंद मिली। टेस्ट मैच के पहले दिन के हिसाब से ये पिच बेहतरीन थी क्योंकि उछाल और स्विंग मौजूद थी। ऐसी पिचों पर 150 रन विजयी स्कोर साबित होता। मुझे ऐसी पिचों पर खेलना पसंद है। मेरे ख्याल से धर्मशाला वन-डे को छोड़कर शेष सभी मैचों में हमारा दबदबा था।'