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Richard Kettleborough: उस अंपायर की कहानी जिसने वाइड नहीं देकर कोहली के शतक में की मदद, विवादों से पुराना नाता
Fri, 20 Oct 2023 04:27 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पुणे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 20 Oct 2023 04:27 PM IST
सार
रिचर्ड कैटलबॉरो ने वाइड गेंद को लेकर ऐसा फैसला किया, जिसके चलते कोहली को शतक बनाने में मदद मिली। हालांकि, जिस तरह से कोहली का शतक हुआ, उसमें अंपायर के फैसले का ज्यादा योगदान नहीं था।
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रिचर्ड कैटलबॉरो
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वनडे विश्व कप 2023 में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की है। गुरुवार के दिन बांग्लादेश को हराकर भारत ने टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत हासिल की। भारत की इस जीत में विराट कोहली का योगदान सबसे अहम था। कोहली ने नाबाद 103 रन बनाए और टीम इंडिया को जीत दिलाई। हालांकि, कोहली का शतक विवादों में आ गया। जब विराट कोहली 80 रन के निजी स्कोर पर थे, तब भारत को जीत के लिए 20 रन चाहिए थे। ऐसे में कोहली ने सभी रन खुद बनाने का फैसला किया। उन्होंने एक रन भागना बंद कर दिया और बड़े शॉट खेलने लगे। इस बीच बांग्लादेश के हसन महमूद ने एक वाइड गेंद भी की। ऐसे में जब कोहली 97 रन के निजी स्कोर पर पहुंचे तो भारत को जीत के लिए दो रन चाहिए थे।
बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाज नसुम अहमद ने लेग स्टंप पर गेंद की। कोहली गेंद की लाइन से हट गए और विकेटकीपर ने गेंद पकड़ी। हालांकि, अंपायर रिचर्ड कैटलबॉरो ने इसे वाइड करार नहीं दिया। अगली गेंद पर कोई रन नहीं बना, लेकिन इसके बाद कोहली ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई और अपना शतक भी पूरा कर लिया। हालांकि, जिस तरह से कोहली का शतक हुआ, उसमें अंपायर के फैसले का ज्यादा योगदान नहीं था। अगर अंपायर उस गेंद को वाइड भी देते तो भारत को जीत के लिए एक रन की जरूरत होती और कोहली छक्का या चौका लगाकर अपना शतक पूरा कर सकते थे।
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मैच खत्म होने के बाद रिचर्ड कैटलबॉरो का निर्णय विवादों में आ गया। दरअसल, टी20 विश्व कप 2022 में ठीक ऐसी ही घटना रविचंद्रन अश्विन के साथ हुई थी। भारत को जीत के लिए आखिरी गेंद में दो रन चाहिए थे। अश्विन स्ट्राइक पर थे और नवाज की लेग स्टंप की गेंद पर वह हट गए थे। अंपायर ने इसे वाइड करार दिया था। अब भारत को आखिरी गेंद में एक रन चाहिए था और अश्विन आसानी से यह रन बनाकर भारत को जीत दिलाई थी।
वाइड गेंद के क्या हैं नियम?
अगर गेंद लेग स्टंप और ऑफ साइड पर वाइड की पट्टी के अंदर है और ऊंचाई बल्लेबाज के सिर से ज्यादा ऊपर नहीं है तो इसे वाइड नहीं करार दिया जा सकता। अगर बल्लेबाज के शरीर में गेंद लगती है या गेंद का सामना करते समय बल्लेबाज अपनी वास्तविक स्थिति से हट जाता है तो अंपायर इसे वाइड नहीं करार देते हैं। हालांकि, अलग-अलग मौकों पर अंपायर अपने विवेक के अनुसार यह फैसला करते हैं।
पहले भी विवादों में रहे हैं रिचर्ड कैटलबॉरो
रिचर्ड कैटलबॉरो पहले क्रिकेटर रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अंपायर बनने का फैसला किया। साल 2009 में उन्होंने पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग की थी। यह एक टी20 मैच था। साल 2011 में वह विश्व कप के लिए आईसीसी के अंपायरों के पैनल में शामिल हो गए। इस समय उनकी उम्र 38 साल थी और वह सबसे युवा अंपायर थे। 2013 में वह आईसीसी एलीट अंपायर पैनल में शामिल हुए और आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर भी बने। वह साल 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी विवादों में रहे थे। उन्होंने शुभमन गिल को विवादित कैच पर आउट करार दिया था। जबकि, गेंद जमीन पर लग रही थी। गिल ने भी सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया था।
रिचर्ड कैटलबॉरो ने 112 टेस्ट, 155 वनडे और 51 टी20 मुकाबलों में अंपायरिंग की है। वह इंग्लैंड के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेल चुके हैं। 33 मुकाबलों में उन्होंने 1258 और 21 लिस्ट ए मैचों में 290 रन बनाए। वह शीर्ष क्रम बल्लेबाज होने के साथ ही उपयोगी गेंदबाज भी थे।
बतौर अंपायर रिचर्ड कैटलबॉरो के साथ भारतीय टीम का अजीब रिश्ता है। वह जब भी भारत के अहम मैच में अंपायर रहे हैं, तब भारत को हार झेलनी पड़ी है। टी20 विश्व कप 2021 और 2019 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत हारा था और दोनों बार रिचर्ड ही अंपायर थे। वह 2014 टी20 विश्व कप, 2015 वनडे विश्व कप, 2016 टी20 विश्व कप और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की हार के साक्षी रहे हैं।
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बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाज नसुम अहमद ने लेग स्टंप पर गेंद की। कोहली गेंद की लाइन से हट गए और विकेटकीपर ने गेंद पकड़ी। हालांकि, अंपायर रिचर्ड कैटलबॉरो ने इसे वाइड करार नहीं दिया। अगली गेंद पर कोई रन नहीं बना, लेकिन इसके बाद कोहली ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई और अपना शतक भी पूरा कर लिया। हालांकि, जिस तरह से कोहली का शतक हुआ, उसमें अंपायर के फैसले का ज्यादा योगदान नहीं था। अगर अंपायर उस गेंद को वाइड भी देते तो भारत को जीत के लिए एक रन की जरूरत होती और कोहली छक्का या चौका लगाकर अपना शतक पूरा कर सकते थे।
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Umpire Richard Kettleborough has to be the biggest fan of Virat Kohli! Nobody wanted a King Kohli century more than him! 🔥😂pic.twitter.com/eR35L0ViDf
— Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) October 20, 2023
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मैच खत्म होने के बाद रिचर्ड कैटलबॉरो का निर्णय विवादों में आ गया। दरअसल, टी20 विश्व कप 2022 में ठीक ऐसी ही घटना रविचंद्रन अश्विन के साथ हुई थी। भारत को जीत के लिए आखिरी गेंद में दो रन चाहिए थे। अश्विन स्ट्राइक पर थे और नवाज की लेग स्टंप की गेंद पर वह हट गए थे। अंपायर ने इसे वाइड करार दिया था। अब भारत को आखिरी गेंद में एक रन चाहिए था और अश्विन आसानी से यह रन बनाकर भारत को जीत दिलाई थी।
Virat Kohli Completed His Century With Six And This Atmosphere Is The Dream Of Every Cricketer. Maximum Likes For Virat Kohli❤️ #ViratKohli #INDvBAN #GOAT #Abhiya #indiavsbangladesh #INDvsBAN #Selfish #KLRahul #BB17 #CWC23pic.twitter.com/0nFfLxh9cf
— sonveer singh (@sonuec1234) October 20, 2023
वाइड गेंद के क्या हैं नियम?
अगर गेंद लेग स्टंप और ऑफ साइड पर वाइड की पट्टी के अंदर है और ऊंचाई बल्लेबाज के सिर से ज्यादा ऊपर नहीं है तो इसे वाइड नहीं करार दिया जा सकता। अगर बल्लेबाज के शरीर में गेंद लगती है या गेंद का सामना करते समय बल्लेबाज अपनी वास्तविक स्थिति से हट जाता है तो अंपायर इसे वाइड नहीं करार देते हैं। हालांकि, अलग-अलग मौकों पर अंपायर अपने विवेक के अनुसार यह फैसला करते हैं।
पहले भी विवादों में रहे हैं रिचर्ड कैटलबॉरो
रिचर्ड कैटलबॉरो पहले क्रिकेटर रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अंपायर बनने का फैसला किया। साल 2009 में उन्होंने पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग की थी। यह एक टी20 मैच था। साल 2011 में वह विश्व कप के लिए आईसीसी के अंपायरों के पैनल में शामिल हो गए। इस समय उनकी उम्र 38 साल थी और वह सबसे युवा अंपायर थे। 2013 में वह आईसीसी एलीट अंपायर पैनल में शामिल हुए और आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर भी बने। वह साल 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी विवादों में रहे थे। उन्होंने शुभमन गिल को विवादित कैच पर आउट करार दिया था। जबकि, गेंद जमीन पर लग रही थी। गिल ने भी सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया था।
रिचर्ड कैटलबॉरो ने 112 टेस्ट, 155 वनडे और 51 टी20 मुकाबलों में अंपायरिंग की है। वह इंग्लैंड के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेल चुके हैं। 33 मुकाबलों में उन्होंने 1258 और 21 लिस्ट ए मैचों में 290 रन बनाए। वह शीर्ष क्रम बल्लेबाज होने के साथ ही उपयोगी गेंदबाज भी थे।
बतौर अंपायर रिचर्ड कैटलबॉरो के साथ भारतीय टीम का अजीब रिश्ता है। वह जब भी भारत के अहम मैच में अंपायर रहे हैं, तब भारत को हार झेलनी पड़ी है। टी20 विश्व कप 2021 और 2019 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत हारा था और दोनों बार रिचर्ड ही अंपायर थे। वह 2014 टी20 विश्व कप, 2015 वनडे विश्व कप, 2016 टी20 विश्व कप और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की हार के साक्षी रहे हैं।