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खिताब के लिए चाहिए थे 482 रन, पूरा कर रचा इतिहास
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:18 PM IST
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टी-20 वर्ल्ड कप के धूम-धड़ाके के बीच 482 रनों के टारगेट को शेष भारत ने अंतिम दिन के आखिरी क्षणों में हासिल कर इतिहास रच
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दिया। शुरुआत के चार दिन विपक्षी टीम और रणजी चैंपियन मुंबई बढ़त की ओर दिख रही थी। लेकिन पांचवें दिन पूरा मैच पलट गया।
ईरानी ट्रॉफी में मुंबई ने पहली पारी में 603 रन बनाए थे। टीम के शुरुआती 6 बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाया और इसमें दो बल्ले से
शतक भी निकले। जवाब में शेष भारत ने 306 रन बनाए थे। शेष भारत के गेंदबाज जयंत यादव ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके थे।
दूसरी पारी में मुंबई टीम के बल्लेबाजों की कलई खुल गई। बिना किसी अर्धशतक के टीम 182 रनों पर ढ़ेर हो गई। दूसरी पारी में भी
जयंत यादव ने 4 विकेट झटके। दूसरी पारी में जल्दी सिमटने के बावजूद मुंबई ने शेष भारत को डेढ़ दिन में 482 रनों का मुश्किल लक्ष्य
दिया।
बेहद मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए शेष भारत ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया और 5 बल्लेबाजों की फिफ्टी (एक शतक
समेत) के सहयोग से अंतिम दिन आखिरी क्षणों में 4 विकेट से बाजी मारी और ईरानी कप अपने नाम किया।
हालांकि यह रिकॉर्ड पहली बार नहीं है। इससे पहले दिल्ली ने 1980-81 में 628 रन और कर्नाटक ने 2013-14 में 606 रन बनाए थे।