भारत और बांग्लादेश के बीच पहला ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच शुक्रवार से कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का ये आखिरी मुकाबला है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला गुलाबी गेंद से खेला जाएगा। ऐसे में पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख राहुल द्रविड़ ने कहा कि गुलाबी गेंद स्टेडियम में दर्शकों को खींचकर लाने में मदद करेगी।
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राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
द्रविड़ ने कहा यह न केवल टेस्ट क्रिकेट को पूर्नजीवित करने का हल है, लेकिन यह उन चीजों में से एक है, जिसे हमें करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सिर्फ डे-नाइट खेल भारत में टेस्ट क्रिकेट को पुनर्जीवित नहीं कर सकता। इसके अलावा भी काफी सारी चीजें हैं, जिसपर ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर हम ओस पर काबू पाने में सफल रहे तो डे-नाइट क्रिकेट भारत में हर वर्ष होने वाला एक मैच हो सकता है।
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राहुल द्रविड़
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द्रविड़ ने कहा कि अगर ओस रहती है तो गेंद गीली हो जाती है और इससे गेंदबाजों को गेंदबाजी करने में मुश्किल होती है और यह स्विंग भी नहीं होती है। गुलाबी गेंद सिर्फ दर्शकों को मैदान पर लाने तक का जरिया है और इसका इस्तेमाल होना चाहिए। साथ ही अलग मुद्दों को भी देखने की जरूरत है। द्रविड़ का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों को मिलने वाली सुविधाओं में भी इजाफा होना चाहिए।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पुणे में खेले गए टेस्ट में दर्शकों ने शुरुआती सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए थे। द्रविड़ ने कहा कि आपको टॉयलेट, सीट, कार पार्किंग पर भी ध्यान देने की जरूरत है। पूर्व बल्लेबाज ने कहा, 'जब हम कहते हैं कि 2001 में ईडन गार्डन्स में 100000 लोग थे, तो हम इसे याद नहीं कर रहे हैं। उस समय, कोई एचडी टेलीविजन नहीं था जो आपको घर पर बेहतर अनुभव की गारंटी दे सकता था, मोबाइल पर कोई क्रिकेट नहीं था। और यदि आप देखना चाहते थे तो आपको मैदान में आना पड़ता था।'
द्रविड़ ने बॉक्सिंग डे और लॉर्ड्स टेस्ट का उदाहरण देते हुए आगे कहा, 'इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट अच्छी स्थिति में है। लेकिन वहां ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास टेस्ट क्रिकेट कैलेंडर है और हमारे पास नहीं है।' द्रविड़ ने कहा, 'लोग दिसंबर में बॉक्सिंग डे टेस्ट और एक साल पहले ही जुलाई में लॉर्ड्स टेस्ट की योजना बना सकते हैं। हमें भारतीय क्रिकेट में ऐसा करने की जरूरत है। इसके अलावा, हमें स्टेडियम में बेहतर सुविधाओं की जरूरत है।'