हार के साथ हुई शुरुआत पर अब जीत मिलना तय
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वर्ल्ड कप से पहले अपनी-अपनी तैयारियों को परखने का यह अंतिम मौका है लेकिन ऑस्ट्रेलिया को छोड़ दिया जाए तो त्रिकोणीय वनडे सीरीज में टीम इंडिया और इंग्लैंड का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और उन्हें हार से शुरुआत करनी पड़ी है। ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में इंग्लैंड को 3 विकेट से हराया था फिर भारमत को भी 4 विकेट से हराकर दोहरी जीत हासिल कर ली।
सीरीज में अपने-अपने शुरुआती मुकाबले हारने के बाद जब दोनों दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो दोनों की नजर पहली जीत पर होगी। दोनों के बीच मुकाबले से एक बात तो तय है कि एक टीम जीत का खाता खोलने में कामयाब रहेगी।
भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार को ब्रिसबेन में एक-दूसरे को चुनौती देने मैदान पर उतरेंगी। यह मुकाबला सुबह साढ़ें आठ बजे से शुरू होगा। टीम इंडिया की कमान भले ही महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में हैं लेकिन टीम में कई खिलाड़ी युवा हैं और उन्हें वर्ल्ड कप से पहले एक सशक्त खिलाड़ी के रूप में उभरने का मौका है, तो दूसरी ओर इंग्लैंड की कमान ईयोन मोर्गन के पास है जिन्हें अचानक इसी महीने इंग्लिश टीम का कप्तान बनाया गया है।
गेंदबाजों को बनाए रखना होगा अपना लय
पहले वनडे मैच में भारत को अपने बल्लेबाजों से निराशा हाथ लगी थी लेकिन उसके गेंदबाजों ने एक समय मैच में रोमांच ला दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम जब लक्ष्य के करीब जा रही थी तो उसे गेंदबाजों ने आराम से जीतने का मौका नहीं दिया।
पहले बात भारतीय गेंदबाजों की करते हैं तो तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और फिरकी गेंदबाज अक्षर पटेल विपक्षी टीम पर रन बनाने की गति पर अंकुश लगा सकते हैं। भुवनेश्वर चोटिल होने के कारण टेस्ट सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में नहीं खेले लेकिन अंतिम मैच में जब वह मैदान पर आए तो वह अपने पुराने अंदाज में नहीं दिखे। लेकिन जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह पहले मैच में उतरे तो उनकी गेंदबाजी सुधरी हुई नजर आई और उसे इंग्लैंड के खिलाफ और बेहतर कर सकते हैं।
युवा लेफ्ट ऑर्म स्पिनर अक्षर पटेल ने भी कंगारुओं के सामने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे कप्तान धोनी बेहद खुश होंगे। उन्हें अपने इस युवा खिलाड़ी से और बेहतर प्रदर्शन की आस होगी।
इन दोनों के अलावा अन्य गेंदबाजों को भी लय में बने रहना होगा। तेज गेंदबाज उमेश यादव भी धोनी आस लगाए होंगे।
अन्य बल्लेबाजों को भी दिखाना होगा जलवा
बल्लेबाजी टीम इंडिया का मजबूत स्तंभ है लेकिन पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। ओपनर रोहित शर्मा और सुरेश रैना को छोड़ दिया जाए तो अन्य बल्लेबाज बेहद असफल रहे। खुद कप्तान धोनी भी ज्यादा योगदान नहीं दे सके।
ओपनिंग जोड़ी के साथ भारत की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शिखर धवन अभी भी लय हासिल नहीं कर सके हैं और पहले मैच में वह शुरुआती ओवर में ही आउट हो गए। तीसरे नंबर पर अजिंक्य रहाणे जरूर नाकाम रहे लेकिन वह जल्द लय हासिल कर सकते हैं। हालांकि विराट कोहली को अपना विकेट बचाकर रखना होगा। पहले मैच में वह एक खराब शॉट खेल बैठे और अपना विकेट उस समय गंवा दिया जब टीम संकट में थी।
शीर्ष क्रम में सिर्फ रोहित ही चले तो मध्य क्रम से सिर्फ सुरेश रैना ही कुछ देर तक क्रीज पर टिके रह सके। अन्य बल्लेबाजों ने टीम को निराश किया। भारत को अगर वर्ल्ड कप में अपने खिताब बचाने के अभियान में बने रहना है तो उसे इस सीरीज में दमदार प्रदर्शन कर उम्मीद को बनाए रखने का दबाव होगा।
इंग्लैंड की टीम पर भी खासा दबाव होगा। भारत के हाथों उसे अपने घर और बाहर दोनों जगह हार मिली है। और उसके तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन अगर इस मैच में 3 विकेट और झटक लेते हैं तो वह भारत और इंग्लैंड के बीच मैच के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे।