कोरोना वायरस के चलते नहीं कटेगा खिलाड़ियों का वेतन, PCB के पास घाटे की भरपाई के लिए नया प्लान
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत के द्वारा द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने से इनकार करने के कारण हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी का अधिकार देने की मांग की है। साथ ही साथबोर्ड ने ये भी साफ कर दिया कि वह खिलाड़ियों के वेतन में भी कटौती नहीं करेगा। पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने कहा कि पाकिस्तान 2023 में आईसीसी के किसी बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी करने के लिए तैयार है, लेकिन बोर्ड मौजूदा वित्तीय वर्ष में अपने खिलाड़ियों के सैलेरी में कटौती नहीं करेगा। पीसीबी का मौजूदा वित्तीय वर्ष 30 जून तक चलेगा।
पीसीबी से पहले, बीसीसीआई भी अपने खिलाड़ियों के सैलरी में कटौती करने से इनकार कर चुका है। वसीम खान ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी अब इतना बड़ा मुद्दा है, क्योंकि सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने पाकिस्तान में ‘पाकिस्तान सुपर लीग’ का आयोजन करने के साथ टेस्ट मैचों के लिए श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों की मेजबानी की। हमने कई और छोटे टूर्नामेंटों और श्रृंखला का आयोजन किया है, जिससे पता चलता है कि हम आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी करने में सक्षम हैं।’
खान ने कहा कि पाकिस्तान को आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी इसलिए भी मिलनी चाहिए क्योंकि भारत पिछले काफी समय से पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेल रहा है। इससे पाकिस्तान को काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। निकट भविष्य में भारत- पाकिस्तान श्रृंखला की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला की संभावना काफी कम है और हमें पहले ही लाखों डालर का नुकसान हो चुका है।’ उन्होंने कहा कि आईसीसी क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ टी-20 विश्व कप, एशिया कप और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप पर वीडियो कांफ्रेस के जरिए चर्चा करेगा।