पाक मंत्री चौधरी फवाद का एक और शर्मनाक बयान, श्रीलंकाई खिलाड़ियों के इनकार को बताया भारत की साजिश
Informed sports commentators told me that India threatened SL players that they ll be ousted from IPL if they don’t refuse Pak visit, this is really cheap tactic, jingoism from sports to space is something we must condemn, really cheap on the part of Indian sports authorities
— Ch Fawad Hussain (@fawadchaudhry) September 10, 2019विज्ञापन
पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीकी मंत्री फवाद चौधरी ने मंगवार दोपहर ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'कमेंटेटर्स से मुझे बताया कि भारत ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने पाकिस्तान दौरे से इनकार नहीं किया तो उन्हें IPL से बाहर कर दिया जाएगा। यह वास्तव में सस्ती रणनीति है। खेल से लेकर अंतरिक्ष तक यह एक ऐसी अंधराष्ट्रीयता है, जिसका हमें विरोध करना चाहिए, निंदा करनी चाहिए। भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से वाकई एक सस्ता कदम'।
आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल, श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने 27 सितंबर से शुरू हो रही छह मैचों की सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि शुरुआती टीम में शामिल खिलाड़ियों को ए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी दी गई, लेकिन 10 खिलाड़ियों ने इससे हटने का फैसला किया है। इनमें निरोशन डिकवेला, कुसल परेरा, धनंजय डी सिल्वा, थिसारा परेरा, अकिला धनंजय, लसिथ मलिंगा, एंजेलो मैथ्यूज, सुरंगा लकमल और दिनेश चंडीमल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
हालांकि श्रीलंका के खेल मंत्री हेरिन फनार्डो ने पहले ही कहा था कि अधिकतर खिलाड़ियों के परिवारों ने सुरक्षा स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि टीम के अधिकारी खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे और पाकिस्तान दौरे के लिए उन्हें समझाएंगे कि उन्हें वहां पर पूरी सुरक्षा दी जाएगी।
ये सभी खिलाड़ी 10 साल पहले पाकिस्तान में श्रीलंकाई टीम की बस पर हुए आतंकवादी हमले से अबतक दहशतजदा है। साल 2009 में पाकिस्तान दौरे पर गई लंकाई टीम की बस पर लाहौर में आतंकियों ने हमला कर दिया था, उस वक्त आतंकियों की गोलीबारी में महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा को हल्की चोटें आईं थीं। साथ ही अजंता मेंडिस, समरवीरा और थरंगा परावितर्ना को बम फटने से निकलने वाले टुकड़ों से चोटें आईं थीं। तब से ही कोई भी देश पाकिस्तान में क्रिकेट दौरा करने से मना करता रहा है।
विवादित बयानों के 'चौधरी'
पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीकी मंत्री फवाद चौधरी ने चंद्रयान-2 की विफलता पर तंज कसने में जरा भी समय नहीं लिया था। चौधरी ने चंद्रयान-2 को महज एक खिलौना करार देते हुए ट्वीट किया, 'जो काम आता नहीं है उससे पंगा नहीं लेते डियर इंडिया'।
जिस तकनीक से चंद्रयान-2 को तैयार किया गया और अंतरिक्ष में भेजा गया, उस तकनीक को विकसित करने में खुद पाकिस्तान अभी बरसों दूर है। इसके बाद तो भारत समेत दुनिया भर में मौजूद हिंदुस्तानियों ने चौधरी की जमकर क्लास लगाई थी। सोशल मीडिया पर उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया गया था।
अनुच्छेद 370 पर झलकी थी बौखलाहट
इमरान खान के करीबी माने जाने वाले फवाद चौधरी ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद भी जमकर आग उगली थी। उस वक्त फवाद चौधरी ने कहा था कि पाकिस्तान को भारत के साथ राजनयिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। कश्मीर की स्थिति पर पाकिस्तान संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए फवाद चौधरी ने कहा था कि पाकिस्तान को जंग से नहीं डरना चाहिए, क्योंकि सम्मान सबसे ज्यादा जरूरी होता है। जंग सम्मान के लिए लड़ी जाती है, जीतने या हारने के लिए नहीं। तो हमें जंग से नहीं डरना चाहिए।
भारत के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने की गीदड़ भभकी
चौधरी फवाद हुसैन अनुच्छेद 370 पर भारत को गीदड़ भभकी देने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा था कि इमरान सरकार भारत के लिए अपना हवाई क्षेत्र (एयर स्पेस) पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रही है।
उस वक्त भी उन्होंने ट्वीट किया था कि, 'प्रधानमंत्री भारत के लिए वायु क्षेत्र को पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहे हैं, अफगानिस्तान के लिए भारतीय व्यापार को लेकर पाकिस्तानी जमीनी मार्गों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोकने का भी सुझाव आया है। इन फैसलों की कानूनी औपचारिकताओं पर विचार हो रहा है...मोदी ने शुरू किया, हम उसे खत्म करेंगे।'