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Champions Trophy: चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने को तैयार पीसीबी, आईसीसी के सामने रखी ये शर्त
Sat, 30 Nov 2024 05:30 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 30 Nov 2024 05:30 PM IST
सार
चैंपियंस ट्रॉफी को होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं है, लेकिन अब तक इसका कार्यक्रम जारी नहीं हो सका है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान के पास है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस सुरक्षा का हवाला देते हुए इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इन्कार कर दिया था।
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चैंपियंस ट्रॉफी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने के लिए तैयार है, लेकिन उसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के समक्ष के अहम शर्त रख दी है। आईसीसी और सदस्य देशों के बीच शुक्रवार को वर्चुअल बैठक हुई थी जिसमें क्रिकेट की वैश्विक संस्था ने पीसीबी को अल्टीमेटम दिया था। आईसीसी ने पाकिस्तान बोर्ड से कहा था कि यह तो वह चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी हाइब्रिड मॉडल के तर्ज पर करने के लिए तैयार हो जाए या फिर टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए तैयार रहे।
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चैंपियंस ट्रॉफी
- फोटो : अमर उजाला
चैंपियंस ट्रॉफी को होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं है, लेकिन अब तक इसका कार्यक्रम जारी नहीं हो सका है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान के पास है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस सुरक्षा का हवाला देते हुए इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी को हाइब्रिड मॉडल के तर्ज पर आयोजित किए जाने की चर्चा चल रही है। हालांकि, अब तक पीसीबी हाइब्रिड मॉडल को अस्वीकार करता आया है, लेकिन अब उसके सामने ज्यादा विकल्प बचे नहीं है।
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चैंपियंस ट्रॉफी
- फोटो : ICC
एशिया कप में भी लागू हुआ था हाइब्रिड मॉडल
हाइब्रिड मॉडल को अगर मंजूरी मिलती है तो चैंपियंस ट्रॉफी में भारत सहित कुछ मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हो सकते हैं। इससे पहले, पिछले साल एशिया कप का आयोजन भी हाइब्रिड मॉडल के तहत किया गया था जिसमें भारत के मुकाबले सहित खिताबी मैच श्रीलंका में हुआ था। माना जा रहा है कि क्रिकेट की वैश्विक संस्था जल्द ही इस बारे में कोई आधिकारिक एलान कर सकती है।
हाइब्रिड मॉडल को अगर मंजूरी मिलती है तो चैंपियंस ट्रॉफी में भारत सहित कुछ मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हो सकते हैं। इससे पहले, पिछले साल एशिया कप का आयोजन भी हाइब्रिड मॉडल के तहत किया गया था जिसमें भारत के मुकाबले सहित खिताबी मैच श्रीलंका में हुआ था। माना जा रहा है कि क्रिकेट की वैश्विक संस्था जल्द ही इस बारे में कोई आधिकारिक एलान कर सकती है।
'हाइब्रिड मॉडल की नीति 2031 तक लागू हो'
इस बीच, न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार पीसीबी सूत्रों ने बताया है कि पीसीबी अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल स्वीकार करने के लिए तैयार है जिसमें भारत अपने मुकाबले दुबई में खेलेगा, लेकिन उसकी शर्त है कि आईसीसी यह नीति 2031 तक होने वाले उसके सभी टूर्नामेंट के लिए लागू करे। सूत्र ने साथ ही बताया कि बोर्ड हाइब्रिड मॉडल पर सहमत होने के लिए सालाना राजस्व चक्र में ज्यादा हिस्सेदारी की मांग भी कर रहा है। पीसीबी सूत्र ने कहा, मौजूदा स्थिति में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल तभी स्वीकार करेगा अगर आईसीसी इस बात पर राजी हो कि भविष्य में सभी आईसीसी टूर्नामेंट इसी के तर्ज पर आयोजित होंगे जिसमें पाकिस्तान अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत नहीं जाएगा।
इस बीच, न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार पीसीबी सूत्रों ने बताया है कि पीसीबी अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल स्वीकार करने के लिए तैयार है जिसमें भारत अपने मुकाबले दुबई में खेलेगा, लेकिन उसकी शर्त है कि आईसीसी यह नीति 2031 तक होने वाले उसके सभी टूर्नामेंट के लिए लागू करे। सूत्र ने साथ ही बताया कि बोर्ड हाइब्रिड मॉडल पर सहमत होने के लिए सालाना राजस्व चक्र में ज्यादा हिस्सेदारी की मांग भी कर रहा है। पीसीबी सूत्र ने कहा, मौजूदा स्थिति में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल तभी स्वीकार करेगा अगर आईसीसी इस बात पर राजी हो कि भविष्य में सभी आईसीसी टूर्नामेंट इसी के तर्ज पर आयोजित होंगे जिसमें पाकिस्तान अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत नहीं जाएगा।
सूत्र ने कहा, पाकिस्तान यह भी चाहता है कि आईसीसी बोर्ड राजस्व में वित्तीय चक्र में उसके हिस्से को 5.75 प्रतिशत से बढ़ा दे और नकवी इस पर अड़े हुए हैं, लेकिन उन्होंने मेजबानी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा है। लोग कह रहे हैं कि नकवी ने अपनी सरकार से बात करने के बाद फिर बताने के लिए समय मांगा है। लेकिन हमें नहीं पता कि क्या वह सरकार के समर्थन से वहां गए थे और उन्होंने आईसीसी बोर्ड की वर्चुअल बैठक में अपना पक्ष रखने के लिए पहले ही उनकी मंजूरी मांगी थी।
नकवी का बयान
इस मामले पर अब पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी का भी बयान आ गया है। उन्होंने कहा, मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता। क्योंकि इससे चीजें बिगड़ सकती हैं। हमने अपना दृष्टिकोण (आईसीसी को) बता दिया है, भारतीयों ने भी अपना दृष्टिकोण बता दिया है। यह प्रयास सुनिश्चित करना है कि सभी के लिए जीत हो। क्रिकेट को जीतना चाहिए यह सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन सभी के सम्मान के साथ। हम वही करेंगे जो क्रिकेट के लिए सबसे अच्छा होगा। हम जो भी फॉर्मूला अपनाएंगे, वह समान शर्तों पर होगा। पाकिस्तान का गौरव सबसे महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि क्रिकेट जीते, लेकिन पाकिस्तान का गौरव भी बरकरार रहे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अब इस व्यवस्था के लिए सहमत हो गया है, तो नकवी ने जवाब दिया, "देखते हैं क्या होता है। मेरा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि कोई एकतरफा व्यवस्था न हो। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम भारत जाएं और वे हमारे देश में न आएं। विचार यह है कि इसे एक बार और हमेशा के लिए समान शर्तों पर सुलझा लिया जाए।
भारत को 2031 तक कई टूर्नामेंट की करनी है मेजबानी
भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। आईसीसी की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द इसका रास्ता निकले। पीसीबी ने जो शर्त क्रिकेट की वैश्विक संस्था के सामने रखी है उसे मानना आसान नहीं है। भविष्य में ऐसे कई टूर्नामेंट है जिसकी मेजबानी भारत को करनी है। इनमें 2025 महिला वनडे विश्व कप, 2025 में पुरुषों का एशिया कप, 2026 में श्रीलंका के साथ मिलकर पुरुष टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी 2029 और बांग्लादेश के साथ 2031 वनडे विश्व कप की मेजबानी करना शामिल है।
इस मामले पर अब पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी का भी बयान आ गया है। उन्होंने कहा, मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता। क्योंकि इससे चीजें बिगड़ सकती हैं। हमने अपना दृष्टिकोण (आईसीसी को) बता दिया है, भारतीयों ने भी अपना दृष्टिकोण बता दिया है। यह प्रयास सुनिश्चित करना है कि सभी के लिए जीत हो। क्रिकेट को जीतना चाहिए यह सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन सभी के सम्मान के साथ। हम वही करेंगे जो क्रिकेट के लिए सबसे अच्छा होगा। हम जो भी फॉर्मूला अपनाएंगे, वह समान शर्तों पर होगा। पाकिस्तान का गौरव सबसे महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि क्रिकेट जीते, लेकिन पाकिस्तान का गौरव भी बरकरार रहे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अब इस व्यवस्था के लिए सहमत हो गया है, तो नकवी ने जवाब दिया, "देखते हैं क्या होता है। मेरा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि कोई एकतरफा व्यवस्था न हो। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम भारत जाएं और वे हमारे देश में न आएं। विचार यह है कि इसे एक बार और हमेशा के लिए समान शर्तों पर सुलझा लिया जाए।
भारत को 2031 तक कई टूर्नामेंट की करनी है मेजबानी
भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। आईसीसी की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द इसका रास्ता निकले। पीसीबी ने जो शर्त क्रिकेट की वैश्विक संस्था के सामने रखी है उसे मानना आसान नहीं है। भविष्य में ऐसे कई टूर्नामेंट है जिसकी मेजबानी भारत को करनी है। इनमें 2025 महिला वनडे विश्व कप, 2025 में पुरुषों का एशिया कप, 2026 में श्रीलंका के साथ मिलकर पुरुष टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी 2029 और बांग्लादेश के साथ 2031 वनडे विश्व कप की मेजबानी करना शामिल है।