फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   on this day 13th july 2002 india beat england by 2 wickets in NatWest Series final Yuvraj Singh and Mohammad Kaif played great innings

ऐतिहासिक पल: 19 साल पहले आज ही के दिन युवराज-कैफ ने रचा था इतिहास, भारत ने इंग्लैंड को हराकर जीती नेटवेस्ट ट्रॉफी

Tue, 13 Jul 2021 02:59 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ओम. प्रकाश Updated Tue, 13 Jul 2021 02:59 PM IST
सार

सौरव गांगुली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 19 साल पहले आज के दिन नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में इंग्लैंड को हराकर लॉर्ड्स पर इतिहास रचा था। इस फाइनल मुकाबले में भारत ने 326 रनों का टारगेट बाद में बल्लेबाजी करते हुए हासिल किया था। 

विज्ञापन
on this day 13th july 2002 india beat england by 2 wickets in NatWest Series final Yuvraj Singh and Mohammad Kaif played great innings
भारतीय टीम - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय क्रिेकेट इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। 13 जुलाई 2002 को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में भारत ने सौरव गांगुली की कप्तानी में लॉर्ड्स पर इतिहास रच दिया। इस फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने एकदिवसीय क्रिकेट में उस समय तक के सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की। भारत को यह खिताबी मैच जिताने में युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने खास भूमिका निभाई। इन खिलाड़ियों ने मुश्किल हालात में बल्लेबाजी करते हुए भारत को न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि जीत की दहलीज तक ले गए। 

विज्ञापन

क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर खेले गए इस फाइनल में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक और निक नाइट ने जोरदार शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। निक नाइट 14 रन बनाकर आउट हुए। वहीं ट्रेस्कोथिक डटे रहे। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए नासिर हुसैन ने मोर्चा संभाला। इन दोनों बल्लेबाजों ने टीम इंडिया के गेंदबाजों की धुनाई करते हुए 185 रनों की साझेदारी की। ट्रेस्कोथिक 109 और हुसैन 115 रन बनाकर आउट हुए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इनके अलावा मध्यक्रम के बल्लेबाज एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने रही सही कसर पूरी कर दी। उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 32 गेदों पर 40 रन बनाए। इस तरह इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 5 विकेट पर 325 रन बनाए। भारत की तरफ से जहीर खान ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए। जबकि आशीष नेहरा और अनिल कुंबले को 1-1 विकेट मिला।

विज्ञापन

326 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के शानदार शुरुआत की। पारी का आगाज करने उतरे सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी की। सौरव गांगुली 60 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे दिनेश मोंगिया कुछ खास नहीं कर पाए और 9 रन बनाकर आउट हुए। इस बीच वीरेंद्र सहवाग पर भी दबाव बढ़ा और वह 45 रन बनाकर चलते बने। 

इस दौरान इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बेहतरीन बॉलिंग करते हुए 146 रन पर भारत के पांच विकेट आउट कर दिए। टीम इंडिया के मान्यता प्राप्त ज्यादातर बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। एक समय ऐसा लगा कि इंग्लैंड यह खिताबी मुकाबला आराम से जीत लेगा। लेकिन किसे पता था कि छठे और सातवें नंबर पर बल्लेबेाजी करने आए युवराज और मोहम्मद कैफ इतिहास रच देंगे। इन दोनों बल्लेबाजों ने 121 रनों की साझेदारी कर भारत को संकट से उबार लिया। 

युवराज 69 रनों की यादगार पारी खेलकर आउट हुए। उन्होंने अपनी इनिंग्स में 9 चौके और एक छ्क्का लगाया। जबकि मोहम्मद कैफ ने 87 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम इंडिया को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने तीन गेंदें शेष रहते 8 विकेट पर 326 रन बना लिए। मैच में अविजित 87 रनों की पारी खेलने वाले कैफ को मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी टी-शर्ट उतारकर हवा में लहराई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed