टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को आखिरी वन-डे में 35 रन से हराया, 4-1 से सीरीज पर कब्जा
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पिछले मैच में बल्लेबाजों के 'फ्लॉप शो' के बाद रविवार को भारतीय टीम ने पांचवें वनडे में 18 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। भारतीय मध्यक्रम पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव था और इस मैच में चौथे क्रम के बल्लेबाज रायडु की पारी ने मुख्य अंतर पैदा किया। विश्व कप से पहले चौथे नंबर के बल्लेबाज को लेकर प्रश्न चिन्ह लगा था लेकिन रायडू की इस पारी ने सीरीज जीत के साथ टीम प्रबंधन को भी कुछ राहत दी होगी जो विश्व कप से टीम संयोजन को लेकर चिंतन में लगा है।
रायडु (113 गेंदों पर 90 रन) ने विजय शंकर (64 गेंदों पर 45 रन) के साथ पांचवें विकेट के लिए 98 और केदार जाधव (45 गेंदों पर 34 रन) के साथ छठे विकेट के लिए 74 रन की उपयोगी साझेदारियां करके भारत को शुरुआती झटकों से उबारा। अंत में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की आक्रामक पारी ने 35 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। न्यूजीलैंड की टीम 253 रन के लक्ष्य के जवाब में 44.1 ओवरों में 217 पर ऑलआउट हो गई। पहले तीन वनडे जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने वाली टीम ने अंतत: 4-1 से सीरीज अपने नाम की।
भारतीय टीम ने एशिया के बाहर टेस्ट खेलने वाले देशों में पहली बार 4-1 के अंतर से सीरीज जीती है। एशिया के बाहर कनाडा (टेस्ट नहीं खेलता) में भारत 4-1 से सीरीज जीत चुका है। 1997 में उसने पाकिस्तान को हराया था। टीम इंडिया ने कुल पांचवीं बार विदेश में द्विपक्षीय सीरीज इस अंतर से जीती है। इससे पहले श्रीलंका में 2009 और 2012 में और पाकिस्तान में 2006 में 4-1 से जीत हासिल की थी।
भारतीय गेंदबाज कसौटी पर खरे
मोहम्मद शमी (35 रन देकर दो) ने न्यूजीलैंड का शीर्ष क्रम झकझोरा जबकि युजवेंद्र चहल (41 रन देकर तीन), पंड्या (50 रन देकर दो) और जाधव (34 रन देकर एक) ने मध्यक्त्रस्म के बल्लेबाजों को पारी संवारने का मौका नहीं दिया।
शमी ने दोनों सलामी बल्लेबाजों हेनरी निकोल्स (08) और कोलिन मुनरो (24) को ज्यादा देर तक नहीं टिकने दिया। निकोल्स ने उठती हुई गेंद पर शार्ट मिडविकेट पर कैच थमाया जबकि मुनरो ने उनकी आफ स्टंप से बाहर जाती गेंद विकेटों पर खेली।
पंड्या ने 11वें ओवर में गेंद संभाली और अपनी दूसरी गेंद पर ही फार्म में चल रहे रोस टेलर (01) को पगबाधा आउट कर दिया जिससे स्कोर तीन विकेट पर 38 रन हो गया। कप्तान केन विलियमसन (39) और टाम लॉथम (37) ने बीच में 15 ओवरों में कोई विकेट नहीं गिरने दिया और इस बीच 67 रन की साझेदारी की।
विलियमसन ने ऐसे में जाधव की गेंद पुल शाट से हवा में लहरायी जिसे शिखर धवन ने आसानी से कैच किया। चहल ने इसके बाद लॉथम और कोलिन डि ग्रैंडहोम (11) को पगबाधा आउट करके कीवी टीम को बैकफुट पर भेजा।
हार्दिक ने 5 वीं बार लगाई छक्कों की हैट्रिक
निलंबन खत्म होने के बाद भारतीय टीम में लौटे हार्दिक पंड्या ने दिखाया कि क्यों वह टीम संयोजन के लिए इतने महत्वपूर्ण हैं। पंड्या ने स्लॉग ओवरों में 22 गेंदों पर पांच छक्कों की मदद से 45 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने टॉड एस्टल के 47वें ओवर की दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार तीन छक्के लगाए। इससे पहले विभिन्न प्रारूपों में वह चार अन्य अवसरों पर भी ऐसा कर चुके हैं।
| बनाम | गेंदबाज | मैच | स्थल | कब |
| ऑस्ट्रेलिया | एडम जांपा | पहला वनडे | चेन्नई | सितंबर 2017 |
| श्रीलंका | पुष्पकुमारा | तीसरा टेस्ट | पल्लेकल | अगस्त 2017 |
| पाकिस्तान | शादाब खान | चैंपिसंस ट्रॉफी | द ओवल | जून 2017 |
| पाकिस्तान | इमाद वसीम | चैंपियंस ट्रॉफी | बर्मिंघम | जून 2017 |
निशाम का रनआउट होना टर्निंग प्वाइंट
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जिम्मी नीशाम (44) ने शमी और भुवनेश्वर दोनों पर करारे शॉट खेलकर मैच को रोमांचक बनाने की कोशिश की लेकिन उनके अजीबोगरीब तरीके से रन आउट होने के साथ न्यूजीलैंड की रही सही उम्मीदों पर पानी फिर गया।
दरअसल विकेटकीपर धोनी की चपलता के चलते यह महत्वपूर्ण ब्रेकथ्रू भारत को मिला। नीशाम जब क्रीज पर थे न्यूजीलैंड जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। बदलाव के तौर पर लाएग गए पार्टटाइम स्पिनर केदार जाधव की गेंद पर जोरदार अपील हुई। नीशाम अपील के दबाव में क्रीज से बाहर निकल गए लेकिन धोनी सतर्क थे और उन्होंने रन आउट करने में देर नहीं लगाई।
भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, शुभमन गिल, अंबाती रायुडू, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, विजय शंकर, हार्दिक पांड्या, युजवेंद्र चहल, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार।
न्यूजीलैंड: कॉलिन मुनरो , हेनरी निकोल्स , केन विलियमसन (कप्तान), रॉस टेलर, टॉम लैथम, जिम्मी नीशाम, मिचेल सेंटनर, कोलिन डि ग्रैंडहोम, ट्रेंट बोल्ट, टाड एस्टल, हेनरी।