फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   No shame in showing tears, it's ok for men to cry: Sachin Tendulkar

सचिन तेंदुलकर का मर्दों के नाम खुला खत, कहा- भावनाएं न छिपाए, आंसुओं को बहने दें

Thu, 21 Nov 2019 08:04 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Thu, 21 Nov 2019 08:04 AM IST
सार

  • अंतरराष्ट्रीय पुरुष सप्ताह पर सचिन ने पुरुषों के लिए लिखा भावुक खुला पत्र
  • अंतिम टेस्ट में अपने आंसुओं के निकलने की वेदना को किया बयां

विज्ञापन
No shame in showing tears, it's ok for men to cry: Sachin Tendulkar
2003 विश्व कप के दौरान सचिन - फोटो : ट्विटर

विस्तार

सचिन तेंदुलकर ने अपने जीवन में पहली बार पुरुषों के नाम पर भावुक खुला पत्र लिखा है। अंतराष्ट्रीय पुरुष सप्ताह और अपने अंतिम टेस्ट की छठवीं वर्षगांठ के मौके पर सचिन ने पुरुषों के आंसुओं की कीमत को भावुकता के साथ बयां किया है। वह किस तरह मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम टेस्ट में अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए थे, सचिन ने इसका खुलासा अपने खुले पत्र के जरिए किया है।

विज्ञापन


सचिन ने लिखा है कि पुरुषों को शुरू से सिखाया जाता है कि अपने आंसुओं पर काबू रखकर मजबूत बनो। पुरुष रोने के लिए नहीं बने हैं, रोना पुरुष की कमजोरी को दिखाता है। वह भी इसी सीख के साथ बड़े हुए और यही कारण है कि उन्हें इस मौके पर यह खुला पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने यह महसूस किया कि वह गलत थे। उनके संघर्ष और दर्द ने न सिर्फ उन्हें अच्छा इंसान बनाया बल्कि वह बनाया जो वह आज हैं।

विज्ञापन

नहीं छुपा पाया अंतिम टेस्ट में आंसुओं को

No shame in showing tears, it's ok for men to cry: Sachin Tendulkar
sachin tendulkar retirement

सचिन लिखते हैं कि 16 नवंबर 2013 को मैदान पर अंतिम दिन उन्हें अच्छी तरह याद है। वह इस दिन के आने के बारे में लंबे समय से सोच रहे थे लेकिन अपने आपको पवेलियन की ओर जाने वाली अंतिम पदयात्रा के लिए तैयार नहीं कर पा रहे थे। इस दौरान जैसे-जैसे वह कदम आगे बढ़ा रहे थे, उन्हें लग रहा था कि उनकी श्वांस नलिका में कोई गांठ पड़ती जा रही हो। यह डर था उनके करियर के समाप्त होने का। उनके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। वह संघर्ष नहीं करते हुए इसे अंदर नहीं रख पाए और पूरी दुनिया के सामने उन्होंने इसे सामने लाकर रख दिया। अपनी भावनाओं को बाहर लाकर उन्होंने उस वक्त अपने आपको मजबूत महसूस किया।

No shame in showing tears, it's ok for men to cry: Sachin Tendulkar
सचिन तेंदुलकर

उन्होंने उस वक्त इसे अपना पौरुष महसूस किया। सचिन लिखते हैं कि अपने आंसुओं को छुपाने में कोई शर्म नहीं होनी चाहिए। फिर उस अंश को कैसे छुपाया जा सकता है जो आपको मजबूत बनाता है। अपने आंसुओं को क्यों छुपाना? अपने दर्द और संवेदनशीलता को दिखाने के लिए भी बहुत साहस की जरूरत होती है, लेकिन यह जरूर होना चाहिए हर सुबह की तरह अपने को मजबूत और बेहतर बनाएं, इस लिए वह सभी पुरुषों को इन बीते हुए रूढ़िवादी अभिप्रायों से निकलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वह कहीं भी हों जहां भी हों अपने अंदर यह साहस लेकर आएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed