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बीसीसीआई से कट गया विरोधियों का पत्ता
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 01 Oct 2013 09:21 AM IST
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बीसीसीआई से उन सभी विरोधियों की छुट्टी हो गई है जो श्रीनिवासन के खिलाफ कभी भी विरोध का बिगुल बजा सकते थे।
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श्रीनिवासन के खिलाफ खुले आम आवाज उठाने की हिम्मत तो वर्तमान बीसीसीआई हाउस में किसी ने नहीं उठाई। लेकिन बोर्ड अध्यक्ष को उनके विरोधी होने का जिस पर शक भी हुआ उसकी रविवार को बीसीसीआई से छुट्टी कर दी गई।
फारूख अब्दुल्ला, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज हों या फिर निरंजन शाह और सुधीर दाबिर जैसे बोर्ड के पुराने पदाधिकारी श्रीनिवासन ने इन सभी के पर कतर दिए।
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यही नहीं चेन्नई में हुई वार्षिक आम सभा की बैठक में दक्षिण के इस धुरंधर ने हर महत्वपूर्ण पद पर अपने वफादारों की तैनाती कर दी है। इससे यह भी साफ हो गया है कि निकट भविष्य में उनके खिलाफ बोर्ड में अंदरूनी तौर पर आवाज उठाने के लिए बड़ा खेल खेलना होगा।
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अरुण जेटली 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए उपाध्यक्ष पद से दूर हो गए। लेकिन उन्होंने अपने खास एसपी बंसल को इस पद पर बिठवा दिया। राजीव शुक्ला को श्रीनिवासन के करीबी होने का फायदा मिला। वह न सिर्फ वापस उपाध्यक्ष बनें बल्कि टूर व फिक्सचर कमेटी के प्रमुख भी बने।
निरंजन शाह जैसे दिग्गज को सिर्फ शरद पवार के करीबी होने के शक पर फिर उपाध्यक्ष नहीं बनाया गया। जबकि विदर्भ के सुधीर दाबिर को शशांक मनोहर के नजदीकी की कीमत चुकानी पड़ी।
पूर्व बोर्ड अध्यक्ष रणबीर महेंद्रा के पुत्र अनिरुद्ध चौधरी को भी श्रीनिवासन के करीबी होने का ईनाम ट्रेजरॉर के रूप में मिला। मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव चौधरी ने रखा था।
यही नहीं दक्षिण में अपना जलवा पूरी तरह कायम रखने को अब तक श्रीनिवासन के विरोधी रहे आंध्र प्रदेश के जी गंगा राजू को फाइनेंस कमेटी का चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्थान पर नियुक्त किया गया।
सिंधिया ने पहली बार श्रीनिवासन के खिलाफ आवाज उठाई थी। केरल के टीसी मैथ्यु को बोर्ड अध्यक्ष के करीब आने का ईनाम नेशनल क्रिकेट अकादमी बोर्ड के चेयरमैन के रूप में मिला।
श्रीनिवासन के खास झारखंड के पूर्व डीजीपी अमिताभ चौधरी मार्केटिंग कमेटी के हेड फारुख अब्दुल्ला के स्थान पर बने हैं। पवार के खेमे में होने के आरोपी देश के पूर्व विकेटकीपर चंद्रकांत पंडित को अंडर-19 चयन समिति के चेयरमैन पद से हटना पड़ा।
उनके स्थान पर बड़ौदा के कोनर विलियम्स आए हैं। यही नहीं श्रीनिवासन के विरोधी पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष आईएस बिंद्रा को और न ही सचिव एमपी पांडव को किसी कमेटी में जगह दी गई।
सीपी जोशी की मीडिया कमेटी से छुट्टी कर दी गई है। उनके स्थान पर गोआ के विनोद फड़के आए हैं।