विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का पूरा गणित, न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेश में होगा भारत का असल 'टेस्ट'
- भारत-न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट 21 फरवरी से वेलिंग्टन में तो दूसरा टेस्ट 29 मार्च से क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा
- रोहित, धवन के बगैर साल 2020 के पहले विदेशी दौरे पर टेस्ट सीरीज में होगी टीम इंडिया की कड़ी परीक्षा
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विश्व कप के बाद क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को मिलाकर भारतीय टीम ने लगातार 12 सीरीज में जीत दर्ज की थी, लेकिन न्यूजीलैंड ने वन-डे सीरीज में टीम इंडिया का 0-5 सेे सूपड़ा साफ कर दिया। अब इसे लेकर भारतीय खेेेेेमा अधिक चिंतित नहीं है और उसका फोकस अब आगामी दो टेस्ट मैच की सीरीज पर है।
कोच रवि शास्त्री की माने तो फिलहाल वन-डे क्रिकेट से ज्यादा टी-20 सीरीज मायने रखती है, जिसे उन्होंने शानदार अंदाज में 5-0 से जीता। रवि शास्त्री का कहना है कि उनका लक्ष्य नंबर 1 टेस्ट टीम की तरह खेलना है, क्योंकि उनकी टीम किसी और चीज से ज्यादा इस में भरोसा करती है और टेस्ट में वह इसी आधार पर खेल रहे हैं।
शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार चोटिल होकर बाहर चल रहे हैं। हालांकि इशांत शर्मा का फिटनेस टेस्ट पास कर जाना एक राहत भरी बात है। शास्त्री ने खिलाड़ियों के चोटिल होने के पीछे भारतीय टीम के व्यस्त शेड्यूल को कारण बताया।
शास्त्री की माने तो, 'हमारी कोर टीम के चार से पांच खिलाड़ी बाहर हैं। ऐसे में अन्य खिलाड़ियों पर लोड बढ़ना स्वभाविक है। फिट खिलाड़ी कैसे वर्कलोड कैसे मैनेज कर रहे हैं यह अहम होगा।
टेस्ट चैम्पियनशिप में अभी भारत की क्या स्थिति है?
टेस्ट क्रिकेट को और रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शुरू की गई टेस्ट चैंपियनशिप का पहला एडिशन जून 2021 तक चलेगा, जबकि जून 2021 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर फाइनल खेला जाएगा। इस एडिशन के समाप्त होते ही दूसरे संस्करण की शुरुआत होगी, जो अप्रैल 2023 तक चलेगा। 1 अगस्त 2019 से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली एशेज से शुरू हुई टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल नौ देशों के बीच टीम इंडिया की बादशाहत बरकरार है। टीम इंडिया ने अब तक सात मैच खेले हैं और उसे सभी में जीत मिली है। सर्वाधिक 360 अंक लेकर नंबर एक पायदान पर मौजूद है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप टेबल 2019-21
| टीम | मैच | जीत | हार | टाई | ड्रॉ | पॉइंट्स |
| भारत | 7 | 7 | 0 | 0 | 0 | 360 |
| ऑस्ट्रेलिया | 10 | 7 | 2 | 0 | 1 | 296 |
| इंग्लैंड | 9 | 5 | 3 | 0 | 1 | 146 |
| पाकिस्तान | 5 | 2 | 2 | 0 | 1 | 140 |
| श्रीलंका | 4 | 1 | 2 | 0 | 1 | 80 |
| न्यूजीलैंड | 5 | 1 | 4 | 0 | 0 | 60 |
| द.अफ्रीका | 7 | 1 | 6 | 0 | 0 | 24 |
| वेस्टइंडीज | 2 | 0 | 2 | 0 | 0 | 00 |
| बांग्लादेश | 3 | 0 | 3 | 0 | 0 | 00 |
इस साल कितने टेस्ट खेलेगा भारत?
दो साल तक खेली जाने वाली इस चैंपियनशिप के दौरान सभी टीमों को छह टेस्ट सीरीज खेलना है। इसमें तीन सीरीज घरेलू और तीन विदेशी होंगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटिगुआ टेस्ट से विश्व चैंपियनशिप का आगाज करने वाली टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ अपनी घरेलू सीरीज जीत ली है। अब उसे न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस साल विदेशों में छह टेस्ट खेलने हैं, जिसमें मौजूदा कीवी दौरे के दो टेस्ट शामिल हैं।
हर सीरीज के कुल 120 पॉइंट्स मिलते हैं। एक-दो टेस्ट मैच की सीरीज में अधिकतम 60 अंक हासिल किए जा सकते हैं जबकि पांच मैचों की सीरीज में हर मैच से अधिकतम 24 अंक हासिल मिलते हैं। ऐसे में 57 वर्षीय शास्त्री टेस्ट चैंपियनशिप के लिए गुणा-भाग करते भी नजर आए।
भारत के लिए 80 टेस्ट खेलने वाले इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि, 'हमें लॉर्ड्स में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने के लिए अभी 100 पॉइंट की और दरकार है। अगर हम 6 विदेशी टेस्ट में से 2 में जीत दर्ज करते हैं तो हम बहुत अच्छी स्थिति में रहेंगे।
पिछले 5 या 10 टेस्ट में भारत का क्या प्रदर्शन रहा है?
वेस्टइंडीज दौरे पर अपने दोनों मैच में शानदार जीत हासिल कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का धमाकेदार अंदाज में आगाज करने वाली टीम इंडिया ने इसके बाद अपने अगले पांच मैच घरेलू सरजमीं पर दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ खेले। दोनों ही देशों के खिलाफ उसने क्लीन स्विप किया। इस दौरान उसने कोलकाता में खेले गए ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट में बांग्लादेश को भी विशाल अंतर से रौंदा था।
| विपक्षी | स्थान | विजेता | जीत का अंतर |
| बांग्लादेश | कोलकाता | भारत | पारी और 130 रन |
| बांग्लादेश | इंदौर | भारत | पारी और 46 रन |
| दक्षिण अफ्रीका | रांची | भारत | पारी और 202 रन |
| दक्षिण अफ्रीका | पुणे | भारत | पारी और 137 रन |
| दक्षिण अफ्रीका | विजाग | भारत | 203 रन |
टेस्ट में भी मध्यक्रम बड़ी समस्या
जिस मध्य क्रम की वजह से टीम इंडिया ने विश्व कप गंवाया था वही उसके लिए विश्व टेस्ट चैंपिनशिप में भी खतरा साबित हो सकता है। एकदिवसीय मुकाबलों में नंबर तीन पर उतरने वाले विराट क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में चौथी पायदान पर आते हैं। मध्यक्रम उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमता है।
अगर वह जल्दी आउट हो जाए तो नंबर मिडिल ऑर्डर में ऐसा कोई बल्लेबाज नजर नहीं आता जो टीम की डूबती नैय्या संभाले। अजिंक्य रहाणे का मौजूदा फॉर्म चिंता का सबब है। टीम के उपकप्तान के बल्ले से कोई यादगार पारी निकले लंबा वक्त बीत गया।
पिछले छह मैच की 11 पारियों की बात करें तो रहाणे का बल्ला खामोश ही रहा। मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में उन्होंने कर्नाटक, रेलवे और बड़ौदा के खिलाफ बल्लेबाजी की। इसके पहले बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज में भी उनका सर्वोच्च स्कोर 86, जो उन्होंने इंदौर में बनाया था। हालांकि टेस्ट सीरीज से पहले प्रैक्टिस मैच में उन्होंने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ रहे चार दिवसीय मैच में भारत ए के लिए नाबाद 101 रन बनाए थे। अगले मैच में ऋषभ पंत के बल्ले से भी 65 गेंदों पर 70 रन की पारी निकली।