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बदलाव: द्रविड़ की अगुवाई में अब कोचों को बनाया जाएगा विश्वस्तरीय, एनसीए में शुरू हुआ 'कॉर्पोरेट क्लास'
Sun, 22 Aug 2021 11:20 PM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Sun, 22 Aug 2021 11:20 PM IST
सार
भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने और युवा क्रिकेटरों को निखारने के बाद अब राहुल द्रविड़ घरेलू क्रिकेट के कोचों को प्रतिभावान और विश्वस्तरीय बनाएंगे।
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राहुल द्रविड़
- फोटो : social media
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने और युवा क्रिकेटरों को निखारने के बाद अब राहुल द्रविड़ घरेलू क्रिकेट के कोचों को प्रतिभावान और विश्वस्तरीय बनाएंगे। भारतीय क्रिकेट के दीवार कहे जाने वाले दिग्गज द्रविड़ की अगुवाई में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) ने देश के कोचेज के लिए विशेष ट्रेनिंग कोर्स की शुरुआत की है। यह कोर्स कॉरपोरेट क्लासेज के नाम से शुरू हुआ।
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चयनकर्ताओं से सामंजस्य बैठाने की स्किल सिखाई जाती है
एनसीए के इस कोर्स में हिस्सा लेने वाले कोचेज को दबाव वाली कई तरह की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है। इनमें चयनकर्ताओं से सामंजस्य बैठाना भी शामिल है। कई बार ऐसा होता है जब चयनकर्ता की राय कोच की राय से अलग होती है। ऐसे में कोच अपने पक्ष को और टीम की जरूरत को कितने अच्छे तरीके से रख पाता है, यह मायने रखता है और यहां इसी की ट्रेनिंग दी जाती है।
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लेवल-2 कोच तैयार करेगा एक खिलाड़ी
कॉरपोरेट क्लास के अलावा एनसीए में कोचेज के लिए भी कई अन्य कोर्स हैं। इनमें लेवल-2 कोर्स भी शामिल है। इस बार लेवल-2 कोर्स कर निकले कोचेज को टास्क दिया गया है कि वे अपने-अपने शहर में वापस जाएं और वहां एक खिलाड़ी को तैयार करने का प्रोजेक्ट पूरा करें।
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द्रविड़ सिर्फ पढ़ाते नहीं, खुद भी सीखते हैं
कॉरपोरेट क्लास की खूबी यह है कि इसमें द्रविड़ बतौर हेड ट्रेनर या टीचर बनकर नहीं आते। वे खुद भी ट्रेनिंग लेने वाले कोचेज के साथ क्लास लेते हैं और सीखने की लगातार कोशिश करते हैं। द्रविड़ कोच से अपनी राय साझा करते हैं और खुद भी उनकी राय सुनते हैं।