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परफेक्ट 10 का राज: तीन खिलाड़ियों ने एक पारी में 10 विकेट लिए, तीनों स्पिनर, जानिए क्यों तेज गेंदबाज नहीं ले पाए 10 विकेट
Mon, 06 Dec 2021 07:47 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 06 Dec 2021 07:47 AM IST
सार
वानखेडे़ टेस्ट में न्यूजीलैंड के स्पिनर एजाज पटेल ने भारत के सभी 10 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। वो तीसरे स्पिन गेंदबाज हैं, जिन्होंने यह कारनामा किया है। वहीं कोई भी तेज गेंदबाज ऐसा नहीं कर पाया है। यहां हम बता रहे हैं कि तेज गेंदबाजों को 10 विकेट लेने में मुश्किल क्यों आती है।
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भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में कीवी स्पिनर एजाज पटेल ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने वानखेडे़ टेस्ट की पहली पारी में भारत के सभी 10 विकेट अपने नाम किए। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह तीसरा मौका था, जब किसी एक गेंदबाज ने सभी 10 विकेट लिए। खास बात यह है कि तीनों बार किसी स्पिन गेंदबाज ने ही यह कारनामा किया है। एजाज से पहले भारत के अनिल कुंबले और इंग्लैंड के जिम लेकर ने यह कारनामा किया था। अब तक कोई भी तेज गेंदबाज यह कीर्तिमान नहीं हासिल कर सका है।
तेज गेंदबाज विपक्षी टीम को शुरुआती झटके देने में अक्सर कामयाब रहते हैं, क्योंकि नई गेंद से उन्हें मदद मिलती है। लेकिन एक पारी में उन्हें सभी 10 विकेट लेने में परेशानी होती है और कोई एक गेंदबाज सभी विकेट नहीं ले पाता। एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बात करें तो 10 सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में सात बार स्पिन गेंदबाज हैं और तीन बार तेज गेंदबाजों का नाम शामिल है। यहां यह बता रहे हैं कि तेज गेंदबाजों को सभी 10 विकेट लेने में परेशानी क्यों आती है।
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तेज गेंदबाज विपक्षी टीम को शुरुआती झटके देने में अक्सर कामयाब रहते हैं, क्योंकि नई गेंद से उन्हें मदद मिलती है। लेकिन एक पारी में उन्हें सभी 10 विकेट लेने में परेशानी होती है और कोई एक गेंदबाज सभी विकेट नहीं ले पाता। एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बात करें तो 10 सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में सात बार स्पिन गेंदबाज हैं और तीन बार तेज गेंदबाजों का नाम शामिल है। यहां यह बता रहे हैं कि तेज गेंदबाजों को सभी 10 विकेट लेने में परेशानी क्यों आती है।
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लंबे स्पेल नहीं डाल पाते हैं तेज गेंदबाज
स्पिन गेंदबाजों की तुलना में तेज गेंदबाजों को एक गेंद फेंकने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इस वजह से तेज गेंदबाज जल्दी थक जाते हैं और वो ज्यादा लंबे स्पेल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में जब भी कोई तेज गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहा होता है और लगातार विकेट निकालता है तब भी कप्तान उसे 10 ओवर से ज्यादा लंबा स्पेल नहीं देते। कई मौकों पर तेज गेंदबाजों ने इससे ज्यादा लंबा स्पेल भी किया है, लेकिन स्पिनर उनकी तुलना में बहुत ज्यादा लंबे स्पेल फेंकते हैं। जिम लेकर ने 51.2, अनिल कुंबले ने 26.3 और एजाज पटेल ने 47.5 ओवर की गेंदबाजी में 10 विकेट लिए थे। आमतौर पर तेज गेंदबाज एक पारी में इतने ज्यादा ओवर नहीं करते हैं। खासकर जब वो अच्छी लय में होते हैं और पिच से उन्हें मदद मिल रही होती है।
कुंबले ने 26.3 तीन ओवर में 10 विकेट जरूर लिए थे, लेकिन उन्होंने मैच के पांचवे दिन यह कारनामा किया था। टेस्ट मैच के आखिरी दिन स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है और पाकिस्तान की पिच पर कुंबले को इसका फायदा मिला था।
कुंबले ने 26.3 तीन ओवर में 10 विकेट जरूर लिए थे, लेकिन उन्होंने मैच के पांचवे दिन यह कारनामा किया था। टेस्ट मैच के आखिरी दिन स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है और पाकिस्तान की पिच पर कुंबले को इसका फायदा मिला था।
गेंद पुरानी होने के साथ खत्म होती है धार
तेज गेंदबाजों को नई गेंद से मदद मिलती है और वो शुरुआत में काफी विकेट लेते हैं, लेकिन गेंद पुरानी होने के साथ ही उनकी धार कमजोर होती जाती है। मैच आगे बढ़ने के साथ ही पिच टूटती है और इससे भी तेज गेंदबाजों का असर कम होता है। वहीं पुरानी गेंद से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है। नई गेंद का सामना अक्सर बल्लेबाज करते हैं और पुरानी गेंद पुछल्ले बल्लेबाज खेलते हैं। इस वजह से पुछल्ले बल्लेबाज भी बाद के ओवरों में ठीक तरीके से तेज गेंदबाजों को खेल लेते हैं। वहीं स्पिनर मैच आगे बढ़ने के साथ ही घातक होते चले जाते हैं और एक बार बल्लेबाजों के आउट होने पर बड़ी आसानी से पूरी टीम को समेट देते हैं।
तेज गेंदबाजों की स्विंग में समानता
अब तक जिन तीन स्पिन गेंदबाजों ने 10 विकेट लिए हैं वो तीनों अलग शैली के गेंदबाज हैं। जिम लेकर दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर हैं, जबकि कुंबले लेग स्पिनर थे। वहीं एजाज बाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं। हर स्पिनर की अपनी शैली और खासियत होती और अक्सर एक टीम में एक शैली का एक ही स्पिन गेंदबाज होता है। ऐसे में जब उसे पिच से मदद मिलती है और वह अपनी लय में होता है तो लगातार गेंदबाजी करने का मौका मिलता है। साथ ही कोई दूसरा गेंदबाज उतना प्रभावी नहीं रहता है। इस वजह से एक ही गेंदबाज सभी विकेट ले जाता है।
वहीं तेज गेंदबाजों में सभी गेंदबाज आमतौर पर ऑउट स्विंग या इन स्विंग गेंदों पर ही विकेट लेते हैं। इसके अलावा बाउंसर भी विकेट दिलाने वाली गेंद है, लेकिन हर तेज गेंदबाज के पास ये तीनों गेंद होती हैं। अधिकतर टीमों के दो शुरुआती तेज गेंदबाज स्विंग कराने में महारत रखते हैं और पिच से मदद मिलने पर दोनों ही विकेट चटकाते हैं। इंग्लैंड के एंडरसन और ब्रॉड की जोड़ी इसका सबसे सटीक उदाहरण है। इसी वजह से जब कोई एक तेज गेंदबाज लय में होता है तो उसके साथी को भी मदद मिलती है और कम से कम एक विकेट दूसरा गेंदबाज भी ले जाता है।
वहीं तेज गेंदबाजों में सभी गेंदबाज आमतौर पर ऑउट स्विंग या इन स्विंग गेंदों पर ही विकेट लेते हैं। इसके अलावा बाउंसर भी विकेट दिलाने वाली गेंद है, लेकिन हर तेज गेंदबाज के पास ये तीनों गेंद होती हैं। अधिकतर टीमों के दो शुरुआती तेज गेंदबाज स्विंग कराने में महारत रखते हैं और पिच से मदद मिलने पर दोनों ही विकेट चटकाते हैं। इंग्लैंड के एंडरसन और ब्रॉड की जोड़ी इसका सबसे सटीक उदाहरण है। इसी वजह से जब कोई एक तेज गेंदबाज लय में होता है तो उसके साथी को भी मदद मिलती है और कम से कम एक विकेट दूसरा गेंदबाज भी ले जाता है।