वर्ल्ड कप में क्यों नहीं हुआ रायुडू का चयन, मुख्य चयनकर्ता ने बताई असली वजह
बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने अनुभवी धोनी को टीम में शामिल नहीं किए जाने पर कहा, ‘वह इस दौरे के लिए उपलब्ध नहीं थे। हमने टी-20 विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीम चुनी है।’ साथ ही प्रसाद ने अंबाती रायुडू को विश्व कप टीम में शामिल नहीं करने के फैसले का बचाव किया। प्रसाद ने कहा कि विजय शंकर की चोट के बाद मयंक को इसलिए कवर के रूप में भेजा गया क्योंकि राहुल को इंग्लैंड मैच के दौरान चोट लग गई थी इसलिए हमें स्थानापन्न के लिए एक ओपनर चाहिए था।
हो सकता है कि अंबाती रायडू के त्रिआयामी (थ्री डी) वाले ट्वीट के कारण हो सकता है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जल्दी अलविदा कहना पड़ा हो। लेकिन मुख्य चयनकर्ता ने कहा कि उनके पैनल को पक्षपाती नहीं कहा जा सकता। रायुडू को जनवरी तक भारत का नंबर 4 बल्लेबाज माना जा रहा था लेकिन उन्हें विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली। उनकी जगह तमिलनाडु के ऑलराउंडर विजय शंकर को लिया गया था, जिनके बारे में प्रसाद ने ‘त्रिआयामी खिलाड़ी’ की टिप्पणी की थी।
इसके बाद ही रायडू ने व्यंग्यात्मक ट्वीट किया था, ‘विश्व कप देखने के लिए अभी त्रिआयामी चश्में मंगाए हैं।’ इसमें निश्चित तौर पर चयनसमिति को निशाना बनाया गया था और माना जा रहा है कि इसी कारण बाद में भी चोटिल खिलाड़ियों की जगह पर उनकी बजाए ऋषभ पंत और मयंक अग्रवाल को टीम में लिया गया था। इसके बाद रायुडू ने सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था।
प्रसाद ने कहा, 'जब रायुडू यो-यो फिटनेस टेस्ट में फेल हो गए थे तो हमने उससे फिटनेस प्रोग्राम कराए। लेकिन, कुछ कॉम्बिनेशन के कारण वह वर्ल्ड कप की टीम में नहीं चुने जा सके। इस तरह सेलेक्शन कमेटी को पक्षपाती नहीं बताया जा सकता।' इसके अलावा जब प्रसाद से जब रायुडू के ट्वीट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'अच्छा ट्वीट था, मैंने उसका मजा किया, टाइमिंग के हिसाब से था, शानदार।'
बता दें कि वर्ल्ड कप की टीम में अंबति रायुडू को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज करते हुए विजय शंकर को मौका दिया था। तब चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद के कहा था कि विजय शंकर 3डी टैलेंट खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग कर सकते हैं।