फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   Mayank Yadav Coach Devendra Sharma on his return to Indian Team doubt about whether he could make comeback

पंत की तरह चुनौतीपूर्ण रही मयंक की टीम में वापसी: कोच देवेंद्र को पहले जैसी वापसी पर संशय था, जानें क्या कहा

Fri, 30 Oct 2026 08:29 AM IST
Hemant Rastogi हेमंत रस्तोगी
Updated Fri, 30 Oct 2026 08:29 AM IST
सार

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मयंक यादव इन दिनों न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। मयंक चोट के कारण लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे थे। मयंक यादव के कोच देवेंद्र शर्मा ने बताया कि किस तरह उनकी वापसी भी ऋषभ पंत की तरह चुनौतीपूर्ण थी। देवेंद्र को इस बात की खुशी है कि ऋषभ और मयंक दोनों ने सभी के कयासों को झुठलाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करके दिखाई है।

विज्ञापन
Mayank Yadav Coach Devendra Sharma on his return to Indian Team doubt about whether he could make comeback
कोच देवेन्द्र शर्मा के साथ मयंक यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

न्यूजीलैंड में बीते वर्ष लोअर बैक की सर्जरी कराने से पहले मयंक यादव ने सिर्फ तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलकर चार विकेट लिए थे, लेकिन आठ माह के कड़े पुनर्वास के बाद उन्होंने टीम में वापसी करते हुए आठ मैच में 10 विकेट ले डाले हैं। टी20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर मौजूद मयंक की यह वापसी आसान नहीं थी। यह कुछ वैसी चुनौती थी जो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से चोटिल हुए उनके सोनेट क्लब के वरिष्ठ साथी ऋषभ पंत के सामने आई थी। 
विज्ञापन


इन दोनों के कोच देवेंद्र शर्मा ने ऋषभ और मयंक की वापसी को नजदीकी से देखा है। पूर्व रणजी क्रिकेटर देवेंद्र अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि ऋषभ और मयंक, दोनों के ही मामलों में उनके दिमाग में यह बात आई थी कि वे पहले जैसी वापसी कर भी पाएंगे या नहीं, लेकिन देवेंद्र को इस बात की खुशी है कि ऋषभ और मयंक दोनों ने सभी के कयासों को झुठलाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करके दिखाई है।
विज्ञापन
Trending Videos

बस हिम्मत नहीं हारनी है
देवेंद्र को खुशी है कि ऋषभ की तरह मयंक ने भी हिम्मत नहीं हारी। जिंबाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ मयंक ने 149 से 150 तक की स्पीड निकाली। देवेंद्र बताते हैं कि न्यूजीलैंड में सर्जरी के बाद मयंक परेशान थे। मयंक ने देवेंद्र से कहा कि मेडिकल टीम कह रही है। वापसी में कम से कम छह माह का समय लगेगा। यह बड़ा समय है। तब मैंने उनसे कहा कि कोई बात नहीं यह समय निकल जाएगा। बस हिम्मत नहीं हारनी है। देवेंद्र कहते हैं ऐसे समय में किसी भी खिलाड़ी के दिमाग में यह बात आती है कि वह दोबारा खेल पाएगा या नहीं, तब मैंने उसे सिर्फ प्रोत्साहित कर उसका हौसला बढ़ाया।
विज्ञापन

शुरुआत में बेहद कमजोर थे पैर और जांघें
देवेंद्र कहते हैं कि उन्होंने मयंक को बिना किसी तकलीफ के रोजाना 30 ओवर फेंकने का लक्ष्य दिया। जिस दिन वह ऐसा करेंगे, वह वनडे और टेस्ट टीम में होंगे। देवेंद्र बताते हैं कि उनके पिता प्रभु यादव उन्हें सोनेट क्लब लाए थे। तब वह बेहद कमजोर थे उनकी जांघे और पैर भी कमजोर थी, लेकिन उनमें गजब की तेजी थी। यह भगवान की देन है। बाद में उन्होंने उनकी टांगें मजबूत कराईं।
विज्ञापन

कृष्ण भक्त और शाकाहार के दम पर 150 की तेजी
मयंक की कमजोरी देखकर देवेंद्र ने उनके पिता से पूछा कि इसे क्या खिलाते हैं। तो उन्होंने बताया कि यह शाकाहारी है। तब कोच ने मयंक को मीट खिलाने की सलाह दी थी। देवेंद्र बताते हैं कि मयंक कन्हैया का भक्त है। वह नॉन वेज को छूते भी नहीं। आज भी वह पनीर, टोफू और शाकाहार के सहारे 150 की गति निकालता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed