फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Maharashtra: Cricketer Shubham Dubey said - Earlier I used to play for job, then cricket became my passion

Maharashtra: क्रिकेटर शुभम दुबे बोले- पहले नौकरी के लिए खेलता था, फिर मेरा जुनून बन गया क्रिकेट

Sat, 30 Dec 2023 06:17 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 30 Dec 2023 06:17 PM IST
सार

शुभम दुबे ने अपने प्रारंभिक दिनों के संघर्षों को अमर उजाला के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह संघर्ष और मेहनत के बल पर इस मुकाम तक पहुंचे। उनका लक्ष्य टीम इंडिया के लिए खेलना है। फिलहाल, आईपीएल में खेलने के लिए मिला मौका भुनाना चाहते हैं, और इसके लिए रोज पसीना बहा रहे हैं...

विज्ञापन
Maharashtra: Cricketer Shubham Dubey said - Earlier I used to play for job, then cricket became my passion
Maharashtra: Shubham Dubey - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

आईपीएल 2024 की नीलामी में स्टार खिलाड़ी बने नागपुर के शुभम दुबे पहले नौकरी के लिए खेलते थे, लेकिन बाद में क्रिकेट खेलना उनका जुनून बन गया। अब वे बड़े-बड़े शॉट्स खेलने के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल 2024 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने शुभम को 5.8 करोड़ में खरीदा है। शुभम को उम्मीद तो थी कि आईपीएल 2024 की नीलामी में वह करोड़पति बन सकते हैं। लेकिन इस तरह किस्मत चमकेगी, यह नहीं सोचा था।

विज्ञापन

शुभम दुबे ने अपने प्रारंभिक दिनों के संघर्षों को अमर उजाला के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह संघर्ष और मेहनत के बल पर इस मुकाम तक पहुंचे। उनका लक्ष्य टीम इंडिया के लिए खेलना है। फिलहाल, आईपीएल में खेलने के लिए मिला मौका भुनाना चाहते हैं, और इसके लिए रोज पसीना बहा रहे हैं। शुभम दुबे का जन्म 27 अगस्त 1994 में विदर्भ के यवतमाल जिले में हुआ, लेकिन पढ़ाई नागपुर में हुई। उनके पिता बद्री प्रसाद दुबे और मां जयश्री और बड़े भाई नागपुर में रहते हैं। शुभम बताते हैं कि परिवार की माली हालत अच्छी नहीं थी। पिता कमाल स्क्वायर पर पान का ठेला लगाते थे, जबकि भाई एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। फिर भी परिवारवालों ने कभी उन्हें नौकरी करने के लिए नहीं कहा। शुभम ने बताया कि मैने अपनी मां से एक बार कहा था कि क्रिकेट खिलाड़ी को भी सरकारी नौकरी मिलती है। शुभम ने नौकरी के लिए कई जगह आवेदन किया, लेकिन कहीं भी सेलेक्शन नहीं हो पाया। कौन जानता था कि शुभम के भाग्य में नौकरी नहीं, बल्कि क्रिकेट जगत में नाम कमाना लिखा है।

विज्ञापन

परिवार और दोस्तों ने की मदद

शुभम बताते हैं कि परिवार और दोस्तों ने उनकी बहुत मदद की। शुरूआत में वे टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे। उस समय उनके पास ग्लब्स खरीदने के पैसे नहीं थे। इसी दौरान उनकी निहाल और चितरंजन से दोस्ती हुई, जो अकादमी में ही रहते थे। जान-पहचान बढ़ी, तो वह विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ गए। नागपुर में ही सुजीत जायसवाल एक क्रिकेट क्लब चलाते थे। उन्होंने शुभम को क्रिकेट किट उपलब्ध कराया था। एक बार सांई बाबा क्रिकेट टूर्नामेंट में घरेलू पिच पर शुभम ने कई छक्के लगाए थे। कोच रोहित केसलवार इससे प्रभावित हुए, तो उन्होंने शुभम को न केवल प्रशिक्षण दिया, बल्कि रॉयल क्रिकेट एसोसिएशन क्लब के लिए खेलने में उनकी सहायता भी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

धोनी, युवराज, गौतम और गांगुली हैं आदर्श

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, गौतम गंभीर और सौरव गांगुली शुभम दुबे के आदर्श हैं। शुभम ने बताया कि धोनी से फिनिशिंग और टेंपरामेंट तो युवराज सिंह से बल्लेबाजी के गुर सीखते हैं। वहीं, गौतम गंभीर से एटीट्यूट और सौरभ गांगुली से एग्रेशन और लीडरशिप सीखते हैं। मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज शुभम दुबे ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अब तक के मैचों में चौके से अधिक छक्के जड़े हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed