कप्तान स्मिथ फिर बने भारत के लिए मुसीबत
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मेलबर्न में खेले जा रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम को तो आसानी से आउट कर दिया लेकिन उसके सामने कप्तान स्मिथ अभी भी मुसीबत बने हुए हैं।
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मेलबर्न टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म होने के समय ऑस्ट्रेलिया ने 5 विकेट पर 259 रन बना लिए थे। क्रीज पर कप्तान स्टीवन स्मिथ (72) और ब्रैड हैडिन (23) खेल रहे थे और दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी हो चुकी है। स्मिथ को सस्ते में आउट करना भारतीय गेंदबाजों के संभव होता नहीं दिख रहा। वह जारी सीरीज में अपनी 5 पारियों में अब तक 3 शतक और एक अर्धशतक लगा चुके हैं।
स्मिथ के अलावा ऑस्ट्रेलियाई पारी में 2 अर्धशतक लगे। भारत की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने 2-2 विकेट झटके, जबकि एक सफलता आर अश्विन के हाथ लगी।
टीम इंडिया 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में पहले दोनों मैच हारकर 0-2 से पिछड़ी हुई है। उसे सीरीज में वापसी के लिए इस मैच को हर हाल में जीतना होगा। पहला टेस्ट एडिलेड में 48 रन से गंवाने के बाद भारत ब्रिसबेन टेस्ट 4 विकेट से हार गया था। भारत ऑस्ट्रेलिया में लगातार 6 टेस्ट हार चुका है।
खाता खुलने से पहले ही उमेश ने दिया कंगारुओं को झटका
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया लेकिन उसका यह निर्णय उस समय गलत साबित होता दिखा जब टीम का खाता भी नहीं खुला था और धाकड़ बल्लेबाज डेविड वॉर्नर (0) पर आउट हो गए। तेज गेंदबाज उमेश यादव ने उन्हें स्लिप में शिखर धवन के हाथों कैच आउट कराकर चलता किया।
इसके बाद ओपनर क्रिस रोजर्स का साथ देने क्रीज पर शेन वॉटसन आए। सीरीज में अब तक आउट ऑफ फॉर्म रहे वॉटसन को अपने इस पसंदीदा मैदान से फॉर्म वापसी की उम्मीद थी जिसमें वह कामयाब भी रहे। उन्होंने इस मैदान पर अर्धशतक ठोकते हुए रोजर्स के साथ दूसरे विकेट के लिए 115 रनों की शतकीय साझेदारी कर डाली।
दूसरी ओर, रोजर्स ने भी अपनी फिफ्टी लगाई। उनकी सीरीज में यह लगातार तीसरी अर्धशतकीय पारी है। इससे पहले उन्होंने ब्रिसबेन टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाया था। खेल के दूसरे सत्र में मोहम्मद शमी ने रोजर्स को 57 रन के निजी स्कोर पर विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। इसके बाद भारत को वॉटसन (52) का विकेट झटकने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। आर अश्विन ने वॉटसन को एलबीडब्ल्यू कराया। भारत को यह दोनों सफलता 7 गेंदों के अंदर मिली।
वॉटसन के लिए यह मैदान एक बार फिर लकी साबित हुआ। उन्होंने करीब एक साल बाद किसी टेस्ट मैच में अर्धशतकीय पारी खेली है, इससे पहले उन्होंने यहीं पर फिफ्टी ठोकी थी। पिछली 7 पारियों में उन्होंने एक शतक के अलावा 4 अर्धशतक लगाए हैं। हालांकि उनकी अर्धशतकीय पारी बेदाग नहीं रही, उन्हें 37 रन के निजी स्कोर पर स्लिप में शिखर धवन ने जीवनदान दे दिया था।
स्मिथ फिर बने भारत के लिए मुसीबत, चौथे शतक की ओर
लेकिन चौथे विकेट के लिए कप्तान स्टीवन स्मिथ (72) और शॉन मार्श (32) ने 69 रनों की एक और अर्धशतकीय साझेदारी कर टी-ब्रेक तक भारत को और कोई सफलता हासिल करने का मौका नहीं दिया। टी-ब्रेक के दौरान ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 3 विकेट पर 174 रन पर था। हालांकि ब्रेक के बाद मोहम्मद शमी ने मार्श को विकेट के पीछे कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया।
मॉर्श के आउट होने के बाद क्रीज पर नवोदित बल्लेबाज जोए बर्न्स आए। बर्न्स के क्रीज पर आते ही कप्तान स्मिथ ने उन्हें टिककर खेलने की सलाह दी। कुछ देर तक वे स्मिथ के साथ क्रीज पर जरूर बने रहे पर ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए। उमेश यादव ने बर्न्स को 13 रन के निजी स्कोर पर धोनी के हाथों कैच आउट कराकर भारत को पांचवी सफलता दिला दी।
इसके बाद स्मिथ का साथ देने आउट ऑफ फॉर्म बल्लेबाज ब्रैड हैडिन क्रीज पर आए और दोनों ने खेल के अंत तक भारत को और कोई सफलता हासिल करने का मौका नहीं दिया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को आराम से ढाई सौ के पार पहुंचा दिया।
इस बीच स्मिथ ने अपना अर्धशतक ठोक दिया। 25 मैचों में उनका यह 10वां अर्धशतक है। इसके अलावा वह 5 शतक भी जमा चुके हैं। सीरीज के पिछले 2 मैचों में वह 3 शतक जमा चुके हैं।
दोनों टीमों में एक-एक बदलाव, दोनों का पहला मैच
चोटिल मिचेल मार्श की जगह जोए बर्न्स को कंगारू एकादश में रखा गया है। वह इस मैच से अपने टेस्ट करियर का आगाज कर रहे हैं। जबकि भारत ने रोहित को बाहर का रास्ता दिखाते हुए बल्लेबाज लोकेश राहुल को मौका दिया है। राहुल का भी यह पहला मैच है।
भारत को सीरीज में वापसी के लिए यह मैच जीतना ही होगा। हालांकि इस मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन पिछले दो दशकों से अच्छा नहीं रहा है। टीम इंडिया ने इस मैदान पर आखिरी बार 1981 में टेस्ट मैच जीत हासिल की थी। महज 143 रनों का लक्ष्य देने के बाद भारतीय टीम ने मेजबान को महज 83 रनों पर आउट कर रोमांचक जीत हासिल की थी।
इसके अलावा टीम इंडिया ने इस मैदान पर अपने पिछले सभी पांचों मैचों में हार का सामना किया है। जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पिछले 5 मैचों में 3 में जीत और 2 में हार का सामना किया है।