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जानिए, कैसे इंग्लैंड से छिटक भारत की झोली में आई ट्रॉफी
बर्मिंघम
Updated Mon, 24 Jun 2013 04:06 PM IST
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चैंपियंस ट्रॉफी में बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के दम पर भारत फाइनल में पहुंचा था लेकिन खिताबी जंग में गेंदबाजों ने कमाल दिखाते हुए टीम को अद्भुत जीत दिला दी।
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लगातार बारिश के कारण मैच समय से शुरू नहीं हो पाया था। बारिश थमने के बाद खेल शुरू होने पर भी कई बार बारिश ने खेल में बाधा डाली।
हालांकि टूर्नामेंट में भारत की कामयाब बल्लेबाजी फाइनल में कुछ खास नहीं कर सकी थी और विपक्षी इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य ही दे पाया था।
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लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को शुरू में हिचकोले खाने पड़े लेकिन मध्य क्रम के उपयोगी योगदान के बाद उसने मैच पर अपनी पकड़ बना ली और लगने लगा कि मेजबान टीम आसानी से मैच और खिताब पर कब्जा जमा लेगी।
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एक समय इंग्लैंड को जीत के लिए 16 गेंदों में 20 रन बनाने थे और उसके पास छह विकेट शेष थे।
आइए जानते हैं कि यहां से ऐसा क्या हुआ कि एकदम से जीत भारत की झोली में आ गई।
इशांत शर्मा का दोहरा झटका
18वां ओवर चल रहा था और इशांत शर्मा गेंदबाजी कर रहे थे। इसी ओवर की दूसरी गेंद पर इयोन मोर्गन छक्का जमा चुके थे और इसके बाद इशांत इस कदर लय से भटक गए कि उन्होंने लगातार दो गेंद वाइड फेंक दी।
खासे दबाव में दिख रहे इशांत ने खुद पर नियंत्रण पाया और कैप्टन कूल धोनी से बातचीत कर आगे बढ़े और अगली ही गेंद पर मोर्गन को मिडविकेट पर अश्विन के हाथों कैच आउट कराकर टीम इंडिया को बड़ी सफलता दिलाई।
इशांत यहीं पर नहीं थमे और अगली ही गेंद पर एक और खतरनाक बल्लेबाज रवि बोपारा को शार्ट बॉल कर अश्विन के हाथों लपकवा दिया।
मोर्गन व बोपारा दोनों ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने पांचवें विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की थी।
जडेजा के ओवर में भी मिली कामयाबी
इशांत के ओवर में मिली दोहरी सफलता के बाद कप्तान धोनी ने 19वां ओवर में 'सर' रवींद्र जडेजा को सौंपी।
यह पावरप्ले ओवर भी था। हालांकि बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा पाए।
दूसरी ही गेंद पर जडेजा ने जोस बटलर को खाता खोले बगैर ही पवेलियन की राह दिखा दी।
एक गेंद के अंतराल पर टिम ब्रेसनन रन चुराने के प्रयास में रन आउट हो गए। पूरे ओवर में जडेजा ने महज चार रन दिए।
अश्विन की कसी हुई गेंदबाजी और चूका इंग्लैंड
मैच और टूर्नामेंट का आखिरी ओवर फेंकने के लिए अश्विन को गेंद सौंपी गई। अश्विन के सामने थे स्टुअर्ट ब्रॉड।
ब्रॉड ऐसे बल्लेबाज हैं जिनका बल्ला भारत के खिलाफ जमकर बोलता है। लेकिन पहली गेंद पर रन बनाने का मौका चूकने के बाद ब्रॉड ने दूसरी गेंद पर चौका जड़ दिया। जिससे अगली चार गेंदों पर टीम को 11 रन बनाने थे।
लेकिन बल्लेबाज महज पांच रन ही जोड़ पाए। अश्विन की कसी हुई गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस नजर आए।
वहीं शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने आस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी खिताब पर कब्जा जमा लिया।