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IPL 2026: केएससीए ने मांगे थे 10000 मुफ्त टिकट? बंगलूरू से फाइनल की मेजबानी छिन जाने के बाद BCCI का बड़ा दावा
Fri, 08 May 2026 04:35 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 08 May 2026 04:35 PM IST
सार
आईपीएल 2026 का सीजन अब दूसरे चरण में पहुंच गया है और बीसीसीआई ने प्लेऑफ का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। इस बार भी आईपीएल का खिताबी मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।
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बंगलूरू का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम
- फोटो : ANI
विस्तार
आईपीएल 2026 के फाइनल की मेजबानी बंगलूरू के बजाय अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को दी गई है। इसे लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। गत चैंपियन होने के नाते फाइनल मैच बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही कराया जाना था, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ज (बीसीसीआई) ने अहमदाबाद में खिताबी मुकाबला कराने का फैसला लिया। इतना ही नहीं बंगलूरू में प्लेऑफ का एक भी मैच नहीं होगा।
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कितनी है चिन्नास्वामी स्टेडियम की दर्शक क्षमता?
बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) द्वारा अतिरिक्त 10,057 मानार्थ टिकटों की मांग किए जाने के कारण एम चिन्नास्वामी स्टेडियम से आईपीएल फाइनल और प्लेऑफ मैचों को स्थानांतरित किया गया। परंपरा के अनुसार, मौजूदा चैंपियन होने के कारण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फाइनल की मेजबानी करनी थी। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने हालांकि कहा कि अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले इस स्टेडियम में मानार्थ टिकटों की अत्यधिक मांग के कारण बंगलूरू में फाइनल आयोजित करना असंभव हो गया था। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 दर्शकों की है।
बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) द्वारा अतिरिक्त 10,057 मानार्थ टिकटों की मांग किए जाने के कारण एम चिन्नास्वामी स्टेडियम से आईपीएल फाइनल और प्लेऑफ मैचों को स्थानांतरित किया गया। परंपरा के अनुसार, मौजूदा चैंपियन होने के कारण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फाइनल की मेजबानी करनी थी। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने हालांकि कहा कि अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले इस स्टेडियम में मानार्थ टिकटों की अत्यधिक मांग के कारण बंगलूरू में फाइनल आयोजित करना असंभव हो गया था। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 दर्शकों की है।
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प्लेऑफ और फाइनल का कार्यक्रम
इस सत्र के प्लेऑफ मुकाबले धर्मशाला (26 मई) और न्यू चंडीगढ़ (27 और 29 मई) में खेले जाएंगे, जबकि खिताबी मुकाबला 31 मई को नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में होगा। सूत्र ने बताया, 'केएससीए स्टेडियम क्षमता के 15 प्रतिशत तक मानार्थ टिकट पाने का हकदार है। हालांकि, केएससीए ने अतिरिक्त 10,057 टिकटों की मांग की थी।' इनमें से लगभग 900 पास केवल राज्य विधानसभा के सदस्यों की मांग पूरी करने के लिए आवश्यक थे।
इस सत्र के प्लेऑफ मुकाबले धर्मशाला (26 मई) और न्यू चंडीगढ़ (27 और 29 मई) में खेले जाएंगे, जबकि खिताबी मुकाबला 31 मई को नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में होगा। सूत्र ने बताया, 'केएससीए स्टेडियम क्षमता के 15 प्रतिशत तक मानार्थ टिकट पाने का हकदार है। हालांकि, केएससीए ने अतिरिक्त 10,057 टिकटों की मांग की थी।' इनमें से लगभग 900 पास केवल राज्य विधानसभा के सदस्यों की मांग पूरी करने के लिए आवश्यक थे।
सूत्र ने कहा, 'केएससीए ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को तीन-तीन मानार्थ पास देने पर सहमति जताई थी, जो कुल मिलाकर लगभग 900 पास होते हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञ समिति और कर्नाटक सरकार के साथ अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं के लिए मानक 15 प्रतिशत के अलावा 750 अतिरिक्त मानार्थ टिकटों की आवश्यकता थी।' इससे प्रशंसकों के लिए सिर्फ 20,000 टिकट ही बचते।
सूत्र ने यह भी कहा कि केएससीए को रियायती दरों पर कुछ सशुल्क टिकटों की भी आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, इसमें क्रिकेट खेलने वाले क्लबों के लिए पी3 स्टैंड में 2,000 रुपये की रियायती दर पर 3,007 टिकट और सदस्यों के पति-पत्नी तथा बच्चों के लिए मेंबर्स स्टैंड में 900 टिकट शामिल थे। इसके अलावा, संघ को एम4 स्टैंड में औसतन लगभग 2,000 रुपये की दर से 1000 टिकट और विभिन्न स्टैंडों में आजीवन सदस्यों के लिए 3500 टिकट खरीदने की भी आवश्यकता थी।
सूत्र ने यह भी कहा कि केएससीए को रियायती दरों पर कुछ सशुल्क टिकटों की भी आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, इसमें क्रिकेट खेलने वाले क्लबों के लिए पी3 स्टैंड में 2,000 रुपये की रियायती दर पर 3,007 टिकट और सदस्यों के पति-पत्नी तथा बच्चों के लिए मेंबर्स स्टैंड में 900 टिकट शामिल थे। इसके अलावा, संघ को एम4 स्टैंड में औसतन लगभग 2,000 रुपये की दर से 1000 टिकट और विभिन्न स्टैंडों में आजीवन सदस्यों के लिए 3500 टिकट खरीदने की भी आवश्यकता थी।