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कैप्टन धोनी, जयंत यादव को भी मौका देते तो क्या जाता?
सुरेंद्र कुमार वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Jun 2016 07:02 PM IST
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महेंद्र सिंह धोनी
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संभवतः धोनी ने लगभग एक दशक के अपनी कप्तानी करियर में पहली बार किसी एक दौरे पर ढेर सारे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय कैप पहनने का मौका दिया है। वरना उनका इतिहास यह रहा है कि वह टीम में ज्यादा फेरबदल पसंद नहीं करते और अपने प्रयोग किए हथियारों के साथ मैदान पर उतरते रहे हैं।
पहली बार बतौर कप्तान धोनी जिम्बाब्वे के दौरे पर गए हैं और उनके साथ मंझे हुए खिलाड़ियों की फौज के बजाए युवा खिलाड़ियों को भेजा गया। उम्मीद थी कि सभी युवा खिलाड़ियों को इस बार अपना हुनर दिखाने का मौका मिल जाएगा और जिस तरह से वनडे सीरीज में युवा क्रिकेटरों को लेने की दिलचस्पी दिखाई उससे तो यही लगा था, लेकिन एक युवा खिलाड़ी ऐसा भी रहा जिसकी किस्मत में मौका मिलना नहीं लिखा था और ड्रेसिंग रूम में बैठकर ही दौरे का अंत करना पड़ रहा है।
दिल्ली के ऑफ स्पिनर जयंत यादव है उस अनलकी क्रिकेटर का नाम जिसे मौके के जोरदार अवसर पर भी बेरंग लौटना पड़ेगा। धोनी ने सभी को मौका दिया, कुछ की खराब शुरुआत के बाद भी अगले मैच में खिलाया। लेकिन जयंत को मौका नहीं दिया। अगर कप्तान धोनी 26 साल के इस ऑलराउंडर को चांस दे देते तो टीम को कोई फर्क नहीं पड़ता, साथ ही एक और खिलाड़ी की परख हो जाती कि यह कितने लंबे रेस का घोड़ा है।
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पहली बार बतौर कप्तान धोनी जिम्बाब्वे के दौरे पर गए हैं और उनके साथ मंझे हुए खिलाड़ियों की फौज के बजाए युवा खिलाड़ियों को भेजा गया। उम्मीद थी कि सभी युवा खिलाड़ियों को इस बार अपना हुनर दिखाने का मौका मिल जाएगा और जिस तरह से वनडे सीरीज में युवा क्रिकेटरों को लेने की दिलचस्पी दिखाई उससे तो यही लगा था, लेकिन एक युवा खिलाड़ी ऐसा भी रहा जिसकी किस्मत में मौका मिलना नहीं लिखा था और ड्रेसिंग रूम में बैठकर ही दौरे का अंत करना पड़ रहा है।
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दिल्ली के ऑफ स्पिनर जयंत यादव है उस अनलकी क्रिकेटर का नाम जिसे मौके के जोरदार अवसर पर भी बेरंग लौटना पड़ेगा। धोनी ने सभी को मौका दिया, कुछ की खराब शुरुआत के बाद भी अगले मैच में खिलाया। लेकिन जयंत को मौका नहीं दिया। अगर कप्तान धोनी 26 साल के इस ऑलराउंडर को चांस दे देते तो टीम को कोई फर्क नहीं पड़ता, साथ ही एक और खिलाड़ी की परख हो जाती कि यह कितने लंबे रेस का घोड़ा है।
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टीम इंडिया से 5 नए खिलाड़ियों को मिली नीली जर्सी
टीम इंडिया
- फोटो : PTI
जिम्बाब्वे दौरे के दौरान भारतीय टीम से 5 खिलाड़यों ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। करुण नायर, यजुवेंद्र चहल, फैज फैजल, रिषि धवन और मंदीप सिंह को इस दौरे से अपने-अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने का मौका मिला। जबकि वनडे और टी-20 करियर का आगाज करने वाले लोकेश राहुल पहले टेस्ट करियर से अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू कर चुके हैं।
धोनी ने वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद जब पहला टी-20 मैच खेला गया तो आश्चर्यजनक तरीके से 5 नए खिलाड़ियों को मैच में उतार दिया जिसका असर यह रहा कि टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ गया। जबकि प्रशसंक इस सीरीज को भी क्लीन स्वीप के रूप में देख रहे थे।
हो सकता है कि पहले मैच की हार के कारण धोनी ने अंतिम मैच में कोई रिस्क न लिया हो, लेकिन अक्षर पटेल की जगह जयंत यादव को मौका देते तो टीम के प्रदर्शन पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। अब जयंत को अपने अगले मौके का इंतजार करना पड़ेगा। और यह कब मिलेगा पता नहीं।
धोनी ने वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद जब पहला टी-20 मैच खेला गया तो आश्चर्यजनक तरीके से 5 नए खिलाड़ियों को मैच में उतार दिया जिसका असर यह रहा कि टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ गया। जबकि प्रशसंक इस सीरीज को भी क्लीन स्वीप के रूप में देख रहे थे।
हो सकता है कि पहले मैच की हार के कारण धोनी ने अंतिम मैच में कोई रिस्क न लिया हो, लेकिन अक्षर पटेल की जगह जयंत यादव को मौका देते तो टीम के प्रदर्शन पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। अब जयंत को अपने अगले मौके का इंतजार करना पड़ेगा। और यह कब मिलेगा पता नहीं।