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IPL 2024: लखनऊ सुपर जाएंट्स के फिजियोथेरेपिस्ट के घर पहुंचे कोच जस्टिन लैंगर, साझा किया अनुभव
Tue, 28 May 2024 11:44 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Tue, 28 May 2024 11:44 PM IST
सार
लखनऊ सुपर जाएंंट्स के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने खुलासा किया है कि इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान वह अपनी टीम के फिजियोथेरेपिस्ट राजेश चन्द्रशेखर के मुंबई की धारावी झुग्गी में स्थित एक कमरे के घर को देख कर चौक गये जहां चीजें उनकी विलासिता से भरी जिंदगी से बिलकुल उलट थी।
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जस्टिन लैंगर
- फोटो : twitter
विस्तार
लखनऊ सुपर जाएंंट्स के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने खुलासा किया है कि इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान वह अपनी टीम के फिजियोथेरेपिस्ट राजेश चन्द्रशेखर के मुंबई की धारावी झुग्गी में स्थित एक कमरे के घर को देख कर चौक गये जहां चीजें उनकी विलासिता से भरी जिंदगी से बिलकुल उलट थी। लखनऊ की टीम आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचने में विफल रही।
लैंगर ने कहा, "अत्यधिक विलासिता पूर्ण जीवन जीने के बाद मैं यह देख कर काफी खुशकिस्मत महसूस कर रहा था कि अन्य लोग अपने दैनिक जीवन को कैसे जीते है।" लैंगर ने बताया कि इन चीजों की शुरुआत उस समय हुई जब टीम के साथ रहते हुए आरसी ने उन से बाल कटवाने के बारे में पूछा था।
लैंगर ने कहा, "पहले तो, मैंने इस बारे में कुछ भी नहीं सोचा, लेकिन जैसे-जैसे दिन हफ्तों में बदलते गए, आरसी मुझसे पूछता रहता था कि क्या मैं अपने बाल कटवाना चाहूंगा। आखिरकार, मैंने उसकी पेशकश मान ली और कुछ ही मिनटों में वह क्लिपर, कैंची और पानी से भरी एक स्प्रे बोतल के साथ मेरे दरवाजे पर खड़ा था।’’
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इसके बाद आरसी से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और इस दौरान उनकी कहानी ने मुझे काफी प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "आरसी ने मुझे बताया कि वह मुंबई की मलिन बस्तियों से आया और वह खुशकिस्मत था कि एक स्थानीय फुटबॉल टीम के लिए उसे मालिशिये के रूप में काम करने का मौका मिला और वहीं से वह इस क्षेत्र में आगे बढ़ता चला गया।"
लैंगर ने बताया, "मैंने उससे कौतूहल में पूछा कि ‘झुग्गी बस्तियों’ में रहना कैसा होता है। चन्द्रशेखर ने मुझे बताया कि उनका घर उस होटल के बाथरूम के आकार का है जिसमें वे ठहरे थे और वह वहां अपनी मां, पिता भाई, बहन और जीजाजी के साथ रहते थे। चन्द्रशेखर के पिता एक सहायक के रूप में काम करते हैं और उनका भाई स्थानीय सैलून में हेयरड्रेसर है।"
लैंगर ने कहा, "जिस लक्जरी होटल में हम रह रहे थे उसका बाथरूम अच्छा था, लेकिन जब मैंने चारों ओर देखा, तो यह पर्थ में मेरे कपड़े की अलमारी के बराबर था। ऐसे में वह जो कह रहा था कि वह मेरे लिए यह समझ से परे था।" लैंगर ने कहा कि भारत अपने आखिरी दिन (24 मई) से एक दिन पहले उन्होंने चन्द्रशेखर से कहा कि वह उन्हें अपने परिवार से मिलवाने के लिए अपने घर ले जाएं। इस पर आरसी ने आश्चर्यचकित होकर पूछा, "क्या आप मेरे घर आना चाहते है। मेरा भाई आईपीएल के आखिरी दो मैच देखने के लिए भारत में था और वह भी मेरी तरह ही एक ऐसी दुनिया को देखने को लेकर उत्सुक था जो हमारी सोच और वास्तविकता से काफी दूर था।"
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लैंगर ने कहा, "अत्यधिक विलासिता पूर्ण जीवन जीने के बाद मैं यह देख कर काफी खुशकिस्मत महसूस कर रहा था कि अन्य लोग अपने दैनिक जीवन को कैसे जीते है।" लैंगर ने बताया कि इन चीजों की शुरुआत उस समय हुई जब टीम के साथ रहते हुए आरसी ने उन से बाल कटवाने के बारे में पूछा था।
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लैंगर ने कहा, "पहले तो, मैंने इस बारे में कुछ भी नहीं सोचा, लेकिन जैसे-जैसे दिन हफ्तों में बदलते गए, आरसी मुझसे पूछता रहता था कि क्या मैं अपने बाल कटवाना चाहूंगा। आखिरकार, मैंने उसकी पेशकश मान ली और कुछ ही मिनटों में वह क्लिपर, कैंची और पानी से भरी एक स्प्रे बोतल के साथ मेरे दरवाजे पर खड़ा था।’’
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इसके बाद आरसी से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और इस दौरान उनकी कहानी ने मुझे काफी प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "आरसी ने मुझे बताया कि वह मुंबई की मलिन बस्तियों से आया और वह खुशकिस्मत था कि एक स्थानीय फुटबॉल टीम के लिए उसे मालिशिये के रूप में काम करने का मौका मिला और वहीं से वह इस क्षेत्र में आगे बढ़ता चला गया।"
लैंगर ने बताया, "मैंने उससे कौतूहल में पूछा कि ‘झुग्गी बस्तियों’ में रहना कैसा होता है। चन्द्रशेखर ने मुझे बताया कि उनका घर उस होटल के बाथरूम के आकार का है जिसमें वे ठहरे थे और वह वहां अपनी मां, पिता भाई, बहन और जीजाजी के साथ रहते थे। चन्द्रशेखर के पिता एक सहायक के रूप में काम करते हैं और उनका भाई स्थानीय सैलून में हेयरड्रेसर है।"
लैंगर ने कहा, "जिस लक्जरी होटल में हम रह रहे थे उसका बाथरूम अच्छा था, लेकिन जब मैंने चारों ओर देखा, तो यह पर्थ में मेरे कपड़े की अलमारी के बराबर था। ऐसे में वह जो कह रहा था कि वह मेरे लिए यह समझ से परे था।" लैंगर ने कहा कि भारत अपने आखिरी दिन (24 मई) से एक दिन पहले उन्होंने चन्द्रशेखर से कहा कि वह उन्हें अपने परिवार से मिलवाने के लिए अपने घर ले जाएं। इस पर आरसी ने आश्चर्यचकित होकर पूछा, "क्या आप मेरे घर आना चाहते है। मेरा भाई आईपीएल के आखिरी दो मैच देखने के लिए भारत में था और वह भी मेरी तरह ही एक ऐसी दुनिया को देखने को लेकर उत्सुक था जो हमारी सोच और वास्तविकता से काफी दूर था।"