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IPL 2023 Auction: क्या है आईपीएल नीलामी की प्रक्रिया, इस साल नीलामीकर्ता कौन? 15 सवालों में समझें सभी नियम
Fri, 23 Dec 2022 02:48 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 23 Dec 2022 02:48 PM IST
सार
IPL 2023 Auction Process: इस बार मिनी ऑक्शन हो रहा है जो एक दिन में खत्म हो जाएगा, लेकिन यह तय है कि रोमांच पिछली बार जैसा ही रहेगा। नीलामी के दौरान हम आपको हर जानकारी दे रहे हैं।
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आईपीएल ऑक्शन 2023
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईपीएल 2023 के लिए मिनी ऑक्शन में कोच्चि में हो रहा है। कुल 405 खिलाड़ी नीलामी में शामिल हो रहे हैं। अधिकतम 87 खिलाड़ी खरीदे जाएंगे। यह साल का वह समय है जब सभी 10 फ्रेंचाइजी अपनी रणनीतियों को सही साबित करने की कोशिश करती हैं और आईपीएल के एक नए सीजन की तैयारी करती हैं। आईपीएल 2023 दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग का 16वां सीजन होगा, लेकिन इसके शुरू होने से पहले टीमें खिलाड़ियों की नीलामी के लिए कोच्चि में इकट्ठा होंगी। पिछले साल का आईपीएल मेगा ऑक्शन सुपरहिट रहा था क्योंकि हर फ्रेंचाइजी को शुरुआत से अपनी टीम बनानी पड़ी थी। हालांकि, ये ऑक्शन भी कम महत्वपूर्ण नहीं होगा।
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इस बार मिनी ऑक्शन होना है जो एक दिन में खत्म हो जाएगा, लेकिन यह तय है कि रोमांच पिछली बार जैसा ही रहेगा। नीलामी शुरू होने से पहले हम आपको हर जानकारी दे रहे हैं। टीम पर्स से लेकर नए नियमों तक, एक फ्रेंचाइजी कितने स्लॉट भर सकती है, आप यहां नीलामी से जुड़ी हर जानकारी पढ़ सकते हैं।
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आईपीएल 2023
- फोटो : सोशल मीडिया
1. आईपीएल 2023 की नीलामी में कितने खिलाड़ी हैं और कितने स्लॉट भरने के लिए उपलब्ध हैं
पिछले साल जहां कुल 509 खिलाड़ी नीलामी में उतरे थे, इस साल 405 खिलाड़ी ऑक्शन में उतरेंगे। इनमें से 273 भारतीय हैं और शेष 132 विदेशी हैं। इनमें से चार एसोसिएट देशों से हैं। 119 कैप्ड क्रिकेटर हैं और अन्य 296 अनकैप्ड प्लेयर हैं। सभी 10 फ्रेंचाइजियों को मिलाकर कुल 87 स्लॉट भरे जाने हैं, जिनमें से अधिकतम 30 विदेशी खिलाड़ियों को खरीदा जा सकता है।
पिछले साल जहां कुल 509 खिलाड़ी नीलामी में उतरे थे, इस साल 405 खिलाड़ी ऑक्शन में उतरेंगे। इनमें से 273 भारतीय हैं और शेष 132 विदेशी हैं। इनमें से चार एसोसिएट देशों से हैं। 119 कैप्ड क्रिकेटर हैं और अन्य 296 अनकैप्ड प्लेयर हैं। सभी 10 फ्रेंचाइजियों को मिलाकर कुल 87 स्लॉट भरे जाने हैं, जिनमें से अधिकतम 30 विदेशी खिलाड़ियों को खरीदा जा सकता है।
2. क्या है आईपीएल नीलामी की प्रक्रिया?
सबसे पहले खिलाड़ी नीलामी में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इस बार 15 देशों के 991 खिलाड़ियों ने नीलामी के लिए अपना नाम दिया गया था। उनमें से 369 खिलाड़ियों के नीलामी के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। फ्रेंचाइजियों के कहने पर इसमें 36 खिलाड़ी और जोड़े गए। इस तरह नीलामी में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की कुल संख्या 405 हो गई। बल्लेबाजों, गेंदबाजों, विकेटकीपर, ऑलराउंडर्स को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है। बारी-बारी से इन सब पर बोली लगेगी।
सबसे पहले खिलाड़ी नीलामी में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इस बार 15 देशों के 991 खिलाड़ियों ने नीलामी के लिए अपना नाम दिया गया था। उनमें से 369 खिलाड़ियों के नीलामी के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। फ्रेंचाइजियों के कहने पर इसमें 36 खिलाड़ी और जोड़े गए। इस तरह नीलामी में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की कुल संख्या 405 हो गई। बल्लेबाजों, गेंदबाजों, विकेटकीपर, ऑलराउंडर्स को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है। बारी-बारी से इन सब पर बोली लगेगी।
आईपीएल नीलामी
- फोटो : अमर उजाला
3. सोल्ड या अनसोल्ड खिलाड़ी कौन होते हैं?
नीलामीकर्ता खिलाड़ियों का नाम और उनका बेस प्राइस पुकारते हैं। इस पर फ्रेंचाइजी अपना पैडल उठाकर बोली लगाती हैं। जिन खिलाड़ियों के लिए कम से कम एक भी फ्रेंचाइजी ने पैडल उठाया होता है उन्हें ‘सोल्ड’ यानि बिका हुआ माना जाता है। एक खिलाड़ी पर एक से अधिक फ्रेंचाइजी बोली लगा सकती है। जिसने सबसे अधिक रुपये की बोली लगाई होती है वह खिलाड़ी उस टीम का हो जाता है। अगर किसी खिलाड़ी के लिए कोई फ्रेंचाइजी पैडल नहीं उठाती है तो उसे ‘अनसोल्ड’ यानी नहीं बिका हुआ माना जाता है।
नीलामीकर्ता खिलाड़ियों का नाम और उनका बेस प्राइस पुकारते हैं। इस पर फ्रेंचाइजी अपना पैडल उठाकर बोली लगाती हैं। जिन खिलाड़ियों के लिए कम से कम एक भी फ्रेंचाइजी ने पैडल उठाया होता है उन्हें ‘सोल्ड’ यानि बिका हुआ माना जाता है। एक खिलाड़ी पर एक से अधिक फ्रेंचाइजी बोली लगा सकती है। जिसने सबसे अधिक रुपये की बोली लगाई होती है वह खिलाड़ी उस टीम का हो जाता है। अगर किसी खिलाड़ी के लिए कोई फ्रेंचाइजी पैडल नहीं उठाती है तो उसे ‘अनसोल्ड’ यानी नहीं बिका हुआ माना जाता है।
4. कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ी कौन होते हैं?
कैप्ड की श्रेणी में वे खिलाड़ी आते हैं जो अपने देश के लिए टेस्ट, वनडे या टी-20 मैच खेल चुके होते हैं। वहीं, अपने देश के लिए एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलने वाले खिलाड़ी को अनकैप्ड कहते हैं।
कैप्ड की श्रेणी में वे खिलाड़ी आते हैं जो अपने देश के लिए टेस्ट, वनडे या टी-20 मैच खेल चुके होते हैं। वहीं, अपने देश के लिए एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलने वाले खिलाड़ी को अनकैप्ड कहते हैं।
आईपीएल 2023
- फोटो : सोशल मीडिया
5. एक टीम में अधिकतम और न्यूनतम कितने खिलाड़ी हो सकते हैं?
एक टीम में अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं। जहां तक न्यूनतम खिलाड़ियों की बात है तो कम से कम 18 खिलाड़ी एक टीम में होने चाहिए।
एक टीम में अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं। जहां तक न्यूनतम खिलाड़ियों की बात है तो कम से कम 18 खिलाड़ी एक टीम में होने चाहिए।
6. एक टीम में कितने विदेशी खिलाड़ी होंगे?
एक फ्रेंचाइजी अपनी टीम में कुल 25 खिलाड़ियों में ज्यादा से ज्यादा आठ विदेशियों को रख सकती है। प्लेइंग-11 में चार से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी शामिल नहीं हो सकते हैं। कई टीमें तीन विदेशियों के साथ मैच में उतर चुकी हैं। इसका मतलब यह हुआ कि प्लेइंग-11 में चार से ज्यादा खिलाड़ी नहीं रख सकते हैं लेकिन चार से कम विदेशी खिलाड़ी रखे जा सकते हैं।
एक फ्रेंचाइजी अपनी टीम में कुल 25 खिलाड़ियों में ज्यादा से ज्यादा आठ विदेशियों को रख सकती है। प्लेइंग-11 में चार से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी शामिल नहीं हो सकते हैं। कई टीमें तीन विदेशियों के साथ मैच में उतर चुकी हैं। इसका मतलब यह हुआ कि प्लेइंग-11 में चार से ज्यादा खिलाड़ी नहीं रख सकते हैं लेकिन चार से कम विदेशी खिलाड़ी रखे जा सकते हैं।
7. राइट टू मैच कार्ड क्या होता है? क्या इस बार उसका इस्तेमाल हो सकता है?
फ्रेंचाइजियों को राइट टू मैच कार्ड (आरटीएम) मिलता है। वे इसके जरिए अपने पुराने खिलाड़ियों को नीलामी के दौरान अपनी टीम में लाने में सफल होते हैं। उन्हें उस खिलाड़ी के लिए लगी उच्चतम बोली के बराबर कीमत देनी होती है। इस बार कोई भी टीमें राइट टू मैच कार्ड (आरटीएम) का इस्तेमाल नहीं कर सकती है। यह कार्ड मेगा ऑक्शन के दौरान ही उपलब्ध रहता है।
फ्रेंचाइजियों को राइट टू मैच कार्ड (आरटीएम) मिलता है। वे इसके जरिए अपने पुराने खिलाड़ियों को नीलामी के दौरान अपनी टीम में लाने में सफल होते हैं। उन्हें उस खिलाड़ी के लिए लगी उच्चतम बोली के बराबर कीमत देनी होती है। इस बार कोई भी टीमें राइट टू मैच कार्ड (आरटीएम) का इस्तेमाल नहीं कर सकती है। यह कार्ड मेगा ऑक्शन के दौरान ही उपलब्ध रहता है।
8. प्रत्येक फ्रेंचाइजी के पास बची हुई राशि
सभी 10 फ्रेंचाइजी संयुक्त रूप से नीलामी में 206.5 करोड़ रुपये खर्च कर सकती हैं, जिसमें से सनराइजर्स हैदराबाद के पास सबसे बड़ी राशि बची है और कोलकाता नाइट राइडर्स के पास सबसे कम। सभी फ्रेंचाइजी के पास बची राशि के बारे में जानते हैं।
सभी 10 फ्रेंचाइजी संयुक्त रूप से नीलामी में 206.5 करोड़ रुपये खर्च कर सकती हैं, जिसमें से सनराइजर्स हैदराबाद के पास सबसे बड़ी राशि बची है और कोलकाता नाइट राइडर्स के पास सबसे कम। सभी फ्रेंचाइजी के पास बची राशि के बारे में जानते हैं।
- चेन्नई सुपर किंग्स- 20.45 करोड़ रुपये
- दिल्ली कैपिटल्स- 19.45 करोड़
- गुजरात टाइटंस- 19.25 करोड़ रुपये
- कोलकाता नाइटराइडर्स- 7.05 करोड़ रुपये
- लखनऊ सुपरजाएंट्स- 23.35 करोड़ रुपये
- मुंबई इंडियंस- 20.55 करोड़ रुपये
- पंजाब किंग्स- 32.2 करोड़ रुपये
- रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर- 8.75 करोड़ रुपये
- राजस्थान रॉयल्स- 13.2 करोड़ रुपये
- सनराइजर्स हैदराबाद- 42.25 करोड़ रुपये
9. खिलाड़ियों की बेस प्राइस कितनी होती है और कैसे तय की जाती है?
कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस अलग-अलग होता है। अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए तीन बेस प्राइस हैं। वे अपना रजिस्ट्रेशन 20, 30 और 40 लाख रुपये की श्रेणी में कर सकते हैं। कैप्ड खिलाड़ियों के लिए पांच अलग-अलग श्रेणियां बनी हुई हैं। वे अपना नाम 50 लाख, 70 लाख, एक करोड़, 1.5 करोड़ और दो करोड़ रुपये में रख सकते हैं। खिलाड़ी ही तय करते हैं कि उन्हें किस श्रेणी में अपना नाम देना है।
कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस अलग-अलग होता है। अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए तीन बेस प्राइस हैं। वे अपना रजिस्ट्रेशन 20, 30 और 40 लाख रुपये की श्रेणी में कर सकते हैं। कैप्ड खिलाड़ियों के लिए पांच अलग-अलग श्रेणियां बनी हुई हैं। वे अपना नाम 50 लाख, 70 लाख, एक करोड़, 1.5 करोड़ और दो करोड़ रुपये में रख सकते हैं। खिलाड़ी ही तय करते हैं कि उन्हें किस श्रेणी में अपना नाम देना है।
10. नीलामकर्ता कौन है?
ह्यू एडमीड्स नीलामीकर्ता होंगे, जिन्होंने 2018 में रिचर्ड मैडले से पदभार संभाला था। पिछली बार, दुर्भाग्य से, एडमीड्स मेगा नीलामी के पहले दिन बीच में ही गिर गए थे, जिसके बाद चारु शर्मा ने उनकी जगह ली थी। एडमीड्स ने खिलाड़ियों के अंतिम स्लॉट के लिए दूसरे दिन नीलामी में वापसी की थी।
ह्यू एडमीड्स नीलामीकर्ता होंगे, जिन्होंने 2018 में रिचर्ड मैडले से पदभार संभाला था। पिछली बार, दुर्भाग्य से, एडमीड्स मेगा नीलामी के पहले दिन बीच में ही गिर गए थे, जिसके बाद चारु शर्मा ने उनकी जगह ली थी। एडमीड्स ने खिलाड़ियों के अंतिम स्लॉट के लिए दूसरे दिन नीलामी में वापसी की थी।
11. नया 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम?
इस आईपीएल से 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम की शुरुआत होगी। इसके अनुसार हर बार से एक सब्सटिट्यूट प्लेयर आईपीएल मैच में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। हालांकि, बीसीसीआई की घोषणा के अनुसार, यह नियम केवल एक घरेलू खिलाड़ी पर ही लागू किया जा सकता है, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पर नहीं। हालांकि, अगर कोई टीम अपने प्लेइंग इलेवन में चार से कम विदेशी खिलाड़ियों को मैदान में उतारने का फैसला करती है, तो यह एक अपवाद बन सकता है। कप्तान के पास इम्पैक्ट प्लेयर की घोषणा करने का अधिकार होता है और ऐसा वह सिर्फ पारी की शुरुआत से पहले, एक ओवर पूरा होने के बाद, एक विकेट गिरने पर कार्रवाई में ला सकता है। इम्पैक्ट प्लेयर द्वारा रिप्लेस किया जाने वाला प्लेयर मैच में आगे कोई भूमिका नहीं निभाएगा।
इस आईपीएल से 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम की शुरुआत होगी। इसके अनुसार हर बार से एक सब्सटिट्यूट प्लेयर आईपीएल मैच में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। हालांकि, बीसीसीआई की घोषणा के अनुसार, यह नियम केवल एक घरेलू खिलाड़ी पर ही लागू किया जा सकता है, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पर नहीं। हालांकि, अगर कोई टीम अपने प्लेइंग इलेवन में चार से कम विदेशी खिलाड़ियों को मैदान में उतारने का फैसला करती है, तो यह एक अपवाद बन सकता है। कप्तान के पास इम्पैक्ट प्लेयर की घोषणा करने का अधिकार होता है और ऐसा वह सिर्फ पारी की शुरुआत से पहले, एक ओवर पूरा होने के बाद, एक विकेट गिरने पर कार्रवाई में ला सकता है। इम्पैक्ट प्लेयर द्वारा रिप्लेस किया जाने वाला प्लेयर मैच में आगे कोई भूमिका नहीं निभाएगा।
12. आईपीएल नीलामी में सबसे उम्रदराज और सबसे कम उम्र का खिलाड़ी कौन है?
अफगानिस्तान के दाएं हाथ के स्पिनर अल्लाह मोहम्मद गजानफर आईपीएल 2023 की नीलामी के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं। नीलामी में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भारत के अनुभवी स्पिनर अमित मिश्रा हैं। 40 साल के मिश्रा आईपीएल के इतिहास में तीन हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं।
अफगानिस्तान के दाएं हाथ के स्पिनर अल्लाह मोहम्मद गजानफर आईपीएल 2023 की नीलामी के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं। नीलामी में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भारत के अनुभवी स्पिनर अमित मिश्रा हैं। 40 साल के मिश्रा आईपीएल के इतिहास में तीन हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं।
13. साइलेंट टाई-ब्रेकर क्या है?
यदि किसी खिलाड़ी को खरीदने के चक्कर में बोली लगाते-लगाते दो टीमों का पर्स समाप्त हो गया है और टाई हो गया है, तो दोनों फ्रेंचाइजी अंतिम बंद बोली राशि जमा कर सकती है और उच्च बोली वाली टीम जीत जाती है। अतिरिक्त राशि जमा की जाएगी, जो उनके पर्स से बाहर होगा।
यदि किसी खिलाड़ी को खरीदने के चक्कर में बोली लगाते-लगाते दो टीमों का पर्स समाप्त हो गया है और टाई हो गया है, तो दोनों फ्रेंचाइजी अंतिम बंद बोली राशि जमा कर सकती है और उच्च बोली वाली टीम जीत जाती है। अतिरिक्त राशि जमा की जाएगी, जो उनके पर्स से बाहर होगा।
14. क्या अनसोल्ड हुए खिलाड़ी बिक पाएंगे?
सबके मन में इस बात को लेकर एक धारणा रहती है कि अनसोल्ड रहने वाले खिलाड़ी दोबारा नहीं बिक सकते हैं। यह गलत है। दिन की नीलामी जब समाप्त होने वाली होती है तो ठीक पहले फ्रेंचाइजी अनसोल्ड रहने वाले कुछ खिलाड़ियों की सूची नीलामीकर्ता को सौंपती है। उन खिलाड़ियों का नाम फिर से पुकारा जाता है। टीमें अगर चाहे तो उन्हें खरीद सकती हैं।
सबके मन में इस बात को लेकर एक धारणा रहती है कि अनसोल्ड रहने वाले खिलाड़ी दोबारा नहीं बिक सकते हैं। यह गलत है। दिन की नीलामी जब समाप्त होने वाली होती है तो ठीक पहले फ्रेंचाइजी अनसोल्ड रहने वाले कुछ खिलाड़ियों की सूची नीलामीकर्ता को सौंपती है। उन खिलाड़ियों का नाम फिर से पुकारा जाता है। टीमें अगर चाहे तो उन्हें खरीद सकती हैं।
15. एक्सलरेटेड ऑक्शन क्या है?
जो खिलाड़ी शुरुआती दौर में नहीं बिकते हैं, उनके पास एक्सलरेटेड ऑक्शन के दौरान चुने जाने का एक अंतिम मौका होगा। इसके लिए सभी फ्रेंचाइजी उन खिलाड़ियों की सूची तय करती हैं जिन्हें वे खरीदना चाहते हैं और उन्हें नीलामकर्ता को सौंपती हैं। सूची में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें अभी तक ऑक्शन में नहीं लाया गया है या जो पहले बिना बिके रह गए थे।
जो खिलाड़ी शुरुआती दौर में नहीं बिकते हैं, उनके पास एक्सलरेटेड ऑक्शन के दौरान चुने जाने का एक अंतिम मौका होगा। इसके लिए सभी फ्रेंचाइजी उन खिलाड़ियों की सूची तय करती हैं जिन्हें वे खरीदना चाहते हैं और उन्हें नीलामकर्ता को सौंपती हैं। सूची में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें अभी तक ऑक्शन में नहीं लाया गया है या जो पहले बिना बिके रह गए थे।