IPL 2020: फिर शुरू हुई मांकड़िंग पर बहस, कार्तिक के सुझाव पर अश्विन बोले- फ्री बॉल दो
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आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान दिनेश कार्तिक को मांकड़िग के नकारात्मक उपयोग से दिक्कत है। भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ के नाम पर बने मांकड़िग को आउट करने के लिए गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा जबकि यह पूरी तरह वैध है।
मांकड़ को लेकर दिए दो सुझाव
‘क्रिकेटनेक्स्ट’ वेबसाइट के अनुसार कार्तिक ने कहा, ‘मांकड़ रन आउट को लेकर मेरे दो मसले हैं। पहला इसको लागू करने से संबंधित है और दूसरा इसे मांकड़ रन आउट कहने से। ‘डॉन ब्रैडमैन से लेकर सुनील गावस्कर तक सभी कहते रहे हैं कि यह नियमों के अनुकूल है। आईसीसी और एमसीसी (मेरिलबोन क्रिकेट क्लब) ने भी इसे सही करार दिया है इसलिए मुझे इसका कोई कारण नजर नहीं आता कि गेंदबाज या ऐसा करने वाली टीम को नकारात्मक तरीके से क्यों देखा जाता है। सबसे पहली बार ऐसा करने से पहले वीनू मांकड़ ने बल्लेबाज को कई बार चेतावनी दी थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि रन आउट होने वाले बल्लेबाज को कोई याद नहीं करता। वह बिल ब्राउन थे।'
A lot of people have polarising opinions on this,this is just my 2 cents on this issue.Would like a few cricket nerds to give their thoughts on this too 🙂@bhogleharsha @rohangava9 @ashwinravi99 @cricketaakash @sanjaymanjrekar @Bazmccullum @VenkyMysore @s_badrinath @RK_sports https://t.co/P6QueIUnOZ
— DK (@DineshKarthik) August 24, 2020
कार्तिक की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग ने हाल में कहा था कि वह भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन से बात करेंगे और उन्हें बल्लेबाज को इस तरह से रन आउट नहीं करने के लिए कहेंगे क्योंकि यह खेल भावना के विपरीत है। पिछली बार आईपीएल में अश्विन ने जोस बटलर को इस तरह से आउट किया था। कार्तिक ने कहा कि इस तरह के आउट को ‘मांकड़िंग’ नहीं कहा जाना चाहिए विशेषकर तब जबकि आईसीसी और एमसीसी इसे केवल रन आउट मानते हैं। बिल ब्राउन को जोड़कर कुछ क्यों नहीं कहा जा सकता है?
रविचंद्रन अश्विन ने दिनेश कार्तिक के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है। अगर गेंद फेंकने से पहले बल्लेबाज क्रीज छोड़ता है तो फ्री बॉल दिया जाना चाहिए। अगर उस गेंद पर बल्लेबाज आउट होता है तो उसकी टीम से पांच रन कम कर देने चाहिए। अगर नो बॉल पर मिली फ्री हिट बल्लेबाज को फायदा देते ही तो फ्री बॉल से हम गेंदबाज की मदद कर खेल को थोड़ा और रोमांचक नहीं बना सकते?
Make it a free ball for the bowler. If the batsmen gets out of that ball, the batting team will be docked 5 runs. Free hit adds to the drama for a batter, let’s give a chance to the bowlers too. As of now everyone watches the game hoping that ‘the bowlers will get smacked today’ https://t.co/BxX8IsMgvF
— Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) August 24, 2020
कार्तिक ने सुझाव दिया कि टीवी अंपायर को यह पता करने के लिए कहा जाना चाहिए कि क्या बल्लेबाज क्रीज से बहुत आगे निकला हुआ था और अगर ऐसा होता है तो इस तरह के रन को नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर लगातार रन आउट की तरह ऐसा किया जाता है तो फिर बल्लेबाज सतर्क हो जाएंगे और क्रीज से आगे नहीं निकलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता और इसे नकारात्मक तरीके से देखा जाता है। लोगों की नैतिकता पर संदेह कर दिया जाता है। गेंदबाज, कप्तान और टीमें ऐसा करने से डरती है। अब नोबॉल की जांच करने के लिए टेक्नोलॉजी है, इसलिए कैमरे का उपयोग करके यह भी पता लगाना चाहिए कि क्या नॉन स्ट्राइकर क्रीज से पहले बाहर निकल गया था। जब भी बल्लेबाज क्रीज पर बाहर निकला हो उतने रन को नहीं माना जाना चाहिए।'
क्यों पड़ा मांकड़िंग नाम
वीनू मांकड़ ने 1948 के आस्ट्रेलिया दौर में विरोधी टीम के बल्लेबाज बिल ब्राउन को नॉन स्ट्राइकर छोर पर गेंद करने से पहले बाहर निकलने के कारण रन आउट कर दिया था। इससे पहले उन्होंने ब्राउन को लगातार चेतावनी दी थी, लेकिन वह नहीं माने थे। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया इस पर बिफर पड़ा था और उन्होंने इसे ‘मांकड़िंग’ नाम दे दिया हालांकि सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने इस तरह के आउट करने के तरीके को पूरी तरह से वैध करार दिया था।