चेन्नई को 'थाला' एमएस धोनी का शहर कहा जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैच की वन-डे सीरीज का पहला मैच यहीं खेला गया। माही तो इस मैच में मौजूद नहीं थे, लेकिन बावजूद इसके उनके फैंस को अपने चहेते खिलाड़ी की कमी नहीं खली, क्योंकि ऋषभ पंत ने अपने खेल से एक-एक फैन का दिल खुश कर दिया।
चेन्नई में हुए वनडे के दौरान धोनी के नहीं होने के बावजूद पूरा शहर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान से पटा हुआ नजर आया। धोनी के नाम से इस शहर में एक गली भी है। चेन्नै के लोगों के बीच धोनी का क्रेच किस तरह का है, यह इसी साल आईपीएल की शुरुआत से पहले प्रैक्टिस मैच में देखा गया था। तब 'थाला' के फैंस से चेपॉक में चाहे धोनी न हो, लेकिन उनके उत्तराधिकारी माने जा रहे युवा ऋषभ पंत ने दमदार प्रदर्शन किया।
22 वर्षीय पंत तब मैदान पर उतरे थे, जब रोहित शर्मा का विकेट गिरने के बाद भारत का स्कोर 19वें ओवर में 3 विकेट पर 80 रन था। फिर पंत और श्रेयस अय्यर ने मिलकर भारत को मजबूती देते हुए चौथे विकेट के लिए 114 रन की शतकीय साझेदारी जोड़ी। एक धीमी पिच पर, जहां स्ट्रोक-मेकिंग आसान नहीं थी, वहां दिल्ली के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 69 गेंदों पर 71 रनों की पारी खेली।
ऋषभ पंत के लिए यह इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय वन-डे हाफ सेंचुरी थी। पंत ने अपनी इस पारी में 7 चौके और 1 छक्का जड़ा। इससे पहले उन्होंने 12 वनडे खेले थे और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 48 रन था। दबाव में बल्लेबाजी को उतरे पंत ने जब अपने ही अंदाज में हेलिकॉप्टर शॉट लगाया तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने 'पंत.. पंत.. पंत' के नारे शुरू कर दिए।
ऋषभ पंत जब आउट होकर पवेलियन की ओर लौट रहे थे, तब भी ऋषभ के लिए वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। चेपॉक में अपने नाम की गूंज के बाद ऋषभ पंत ने कहा कि, 'मैं अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि प्रदर्शन में सुधार हो सके। मैं सीख रहा हूं. टीम की जीत के लिए मैं जो कुछ कर सकता हूं, उस पर फोकस करूंगा। आखिर में मैने रन बनाए।'