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सराहनीय: कोरोना मरीजों के लिए हनुमा बने संकटमोचक
Sat, 15 May 2021 07:39 AM IST
Jeet Kumar
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 15 May 2021 07:39 AM IST
सार
- 100 लोगों की टीम बनाकर जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे प्लाज्मा, ऑक्सीजन
- अस्पताल में बेड की व्यवस्था और दवाईयां मुहैया कराने की भी की जा रही मदद
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hanuma vihari
- फोटो : social media
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विस्तार
तेज गेंदबाजों के बाउंसर और शॉर्टपिच गेंदें झेलकर कोई टेस्ट मैच बचाना आसान काम तो नहीं है लेकिन भारतीय टेस्ट बल्लेबाज हनुमा विहारी के लिए इस समय सबसे बड़ी संतुष्टि किसी कोरोना पीड़ित के लिए अस्पताल का बेड या ऑक्सीजन सिलिंडर का बंदोबस्त करने में है। वह यह काम अपने दोस्तों की मदद से करने में जुटे हैं।
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देश भर में कोरोना की दूसरी लहर के बीच स्वास्थ्य संकट के बीच जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण जरिया बन गया है। बहुत सारे क्रिकेटर अपने-अपने तौर पर प्रयास कर रहे हैं जिसमें आर्थिक चंदे के अलावा चिकित्सकीय उपकरण मुहैया कराने जैसी मदद शामिल है। खुद हनुमा इस समय इंग्लैंड में वारविकशायर के लिए काउंटी खेल रहे हैं लेकिन ट्विटर के जरिए वे नेक काम में जुटे हैं।
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उन्होंने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 100 स्वयंसेवकों की एक टीम बनाई है जिसमें उनके दोस्तों के अलावा समर्थक भी शामिल हैं। ये स्वयंसेवक लोगों के पास प्लाज्मा, ऑक्सीजन सिलिंडर, खाना और मरीजों के लिए अस्पताल में बेड की व्यवस्था करने में लगे हैं।
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हनुमा का कहना है वे यह काम किसी प्रचार के लिए नहीं कर रहे बल्कि इसके पीछे जमीनी स्तर पर लोगों की मदद करने की मंशा है।
फॉलोअर से भी मिल रही मदद
विहारी अप्रैल में इंग्लैंड चले गए थे। वे तीन जून को भारतीय टीम के साथ शामिल हो जाएंगे जब वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने के लिए इंग्लैंड पहुंचेगी। हनुमा के ट्विटर पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं।
विहारी ने कहा, ‘मैंने अपने फॉलोअर के जरिए लोगों तक मदद पहुंचाने की योजना बनाई। मेरा लक्ष्य यही था कि उन लोगों तक मदद पहुंचे जो प्लाज्मा, बेड या जरूरी दवाई अपने तौर पर जुटाने या वहन करने में अक्षम हैं। हालांकि अभी तक जो कुछ हो पाया वो काफी नहीं है, भविष्य में और भी सेवा करने की जरूरत है। ’
दर्द देखा तो भर आया दिल
हनुमा ने कहा कि जब सोशल मीडिया पर मदद की अपीलें देखीं तो दिल दर्द से भर उठा बस तभी तय किया, कुछ करना चाहिए। परिवार से, आंध्र प्रदेश टीम के साथियों और आम जनता से बड़ा समर्थन मिला। मेरे वाट्सअप ग्रुप पर सौ लोगों की टीम है। ये इस टीम की कड़ी मेहनत है, हम कुछ लोगों तक मदद पहुंचा पाए हैं। मेरी पत्नी, मेरी बहन, आंध्र के मेरे कई साथी खिलाड़ी सभी इस टीम में हैं।
जब मुझे किसी अपील का पता चलता है तो मैं इसे टीम को भेजता हूं जो उसकी तलाश करते हैं और सही जरूरतमंद तक मदद पहुंचाते हैं। खुद हनुमा ने ट्विटर पर शुरुआत की थी लेकिन अब उनकी टीम मदद के लिए विभिन्न सोशल नेटवर्क का उपयोग कर रही है।
ओपनिंग की चुनौती को भी तैयार
भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी दौरे पर विहारी ने कहा कि यदि पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्हें ओपनिंग की भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी तो वह पीछे नहीं हटेंगे। ऑस्ट्रेलिया दौरे में उन्होंने साढ़े तीन घंटे क्रीज पर रुककर सिडनी टेस्ट बचाने में मदद की थी।
उन्होंने कहा कि अपने कॅरिअर में वह शीर्ष क्रम पर ही खेले हैं और यह चुनौती उनके लिए नई नहीं होगी। ऑस्ट्रेलिया में 2018-19 में उन्होंने टेस्ट सीरीज में ओपनिंग की थी। चोट के दौरान उनकी अनुपस्थिति में वाशिंगटन सुंदर ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन हनुमा का कहना है कि वह सिर्फ अपने खेल पर फोकस करते हैं।
काउंटी में ससेक्स के खिलाफ उन्होंने 32 और 55 रन की पारियां खेली हैं। विहारी को इंग्लैंड की पिच रास आती हैं। 2018 में ए टीम के लिए उनका दौरा अच्छा रहा था। उन्होंने ओवल में अपने टेस्ट पदार्पण में अर्द्धशतक लगाया था।