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IND vs NZ: कप्तान रोहित बोले- अश्विन हमेशा ही एक आक्रामक विकल्प, बीच के ओवरों में विकेट दिलाते हैं
Mon, 22 Nov 2021 02:44 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 22 Nov 2021 02:44 PM IST
सार
भारत के टी-20 कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि रविचंद्रन अश्विन हमेशा से ही एक आक्रामक विकल्प रहे हैं। टी-20 मैच में वो बीच के ओवरों में टीम के लिए अहम विकेट निकालते हैं।
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रोहित और अश्विन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
न्यूजीलैंड को टी-20 सीरीज में 3-0 से हराने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने ऑफ स्पिनर अश्विन की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टी-20 मैच में बीच के ओवरों में अश्विन हमेशा से ही एक आक्रामक विकल्प रहे हैं। जब टीम को विकेटों की जरूरत होती है तब वो अहम मौकों पर विकेट निकालते हैं। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में टीम की गेंदबाजी सबसे अच्छी रही है और टीम इंडिया के लिए यह सबसे अच्छी चीज है। अश्विन लगभग चार साल बाद भारत की टी-20 टीम में लौटे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ काफी प्रभावी गेंदबाजी की है।
अश्विन ने इस सीरीज में न सिर्फ विकेट निकाले बल्कि रन भी नहीं खर्चे। मैच के बाद उनकी तारीफ में रोहित ने कहा "वो हमेशा से ही कप्तान के लिए एक आक्रामक विकल्प रहे हैं। जब आपकी टीम में उनके जैसा कोई खिलाड़ी रहता है तो आपके पास बीच के ओवरों में विकेट निकालने का मौका रहता है और हमें पता है कि वह फेज कितना महत्वपूर्ण है। दुबई में वापसी करने के बाद से उन्होंने अब तक अच्छा खेल दिखाया है और हम सब जानते हैं कि वो कितने बेहतरीन गेंदबाज हैं।"
वनडे में भी अश्विन का रिकॉर्ड शानदार
रोहित ने आगे कहा कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित किया है और वनडे में भी उनका रिकॉर्ड खराब नहीं है। जिस तरह से उन्होंने वापसी की और दुबई में गेंदबाजी की। इसके बाद इस सीरीज के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि उनके पास क्या क्षमता है। अश्विन ने पहले मैच में 23 रन देकर दो विकेट लिए थे और दूसरे मैच में 19 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था। रोहित ने कहा कि बीच के ओवरों में आपको रन गति पर लगाम लगाने की जरूरत होती है और विकेट भी निकालने होते हैं। मुझे लगता है कि अश्विन ने अक्षर के साथ मिलकर यह काम किया।
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स्पिन जोड़ी ने काम आसान किया
रोहित ने कहा कि अक्षर पटेल और अश्विन ऐसे गेंदबाज हैं, जो अपना ओवर पूरा करने की बजाय विकेट लेने और बल्लेबाज पर दबाव बनाने के बारे में सोचते हैं। टीम में ऐसे गेंदबाज होना एक कप्तान के लिए अच्छी बात होती है। ये गेंदबाज वो महत्वपूर्ण ओवर करते हैं और विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव डालने की कोशिश करते हैं।
खिलाड़ियों पर भरोसा जता रहे हैं रोहित और द्रविड़
रोहित ने बताया कि एक कप्तान और कोच के रूप में वो द्रविड़ के साथ मिलकर खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाना चाह रहे हैं कि उनकी जगह सुरक्षित है और वो आसानी से मैदान में जाकर अपना स्वाभाविक खेल दिखा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहली मीटिंग में हमने कहा था कि अगर आप टीम के लिए कुछ करने की कोशिश करते हैं तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आप जब भी आगे आकर अपने ऊपर दबाव लेंगे और टीम को मुश्किल हालातों से बाहर निकालने की कोशिश करेंगे तो उस पर ध्यान दिया जाएगा। कोच और कप्तान का यही काम होता है कि खिलाड़ियों को समझाएं कि हम यह समझते हैं कि आप टीम के लिए क्या करना चाह रहे हैं।
टीम का चयन करना मुश्किल
रोहित ने कहा कि भारत में अच्छे खिलाड़ियों की भरमार है और टीम में 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। ऐसे में टीम का चयन करना मुश्किल हो जाता है। एक कप्तान के रूप में यही कोशिश है कि जब भी खिलाड़ी मैदान पर उतरें उनके ऊपर कोई दबाव न हो। रोहित ने इस सीरीज में अपनी टीम की गेंदबाजी को सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू बताया। उन्होंने कहा कि दो मैचों में भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को अच्छी शुरुआत के बाद 160 के आसपास रोका। यह आसान काम नहीं था। इसके अलावा उन्होंने फील्डिंग के दौरान रन बचाने और रन आउट करने की अहमियत पर भी जोर दिया।
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अश्विन ने इस सीरीज में न सिर्फ विकेट निकाले बल्कि रन भी नहीं खर्चे। मैच के बाद उनकी तारीफ में रोहित ने कहा "वो हमेशा से ही कप्तान के लिए एक आक्रामक विकल्प रहे हैं। जब आपकी टीम में उनके जैसा कोई खिलाड़ी रहता है तो आपके पास बीच के ओवरों में विकेट निकालने का मौका रहता है और हमें पता है कि वह फेज कितना महत्वपूर्ण है। दुबई में वापसी करने के बाद से उन्होंने अब तक अच्छा खेल दिखाया है और हम सब जानते हैं कि वो कितने बेहतरीन गेंदबाज हैं।"
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वनडे में भी अश्विन का रिकॉर्ड शानदार
रोहित ने आगे कहा कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित किया है और वनडे में भी उनका रिकॉर्ड खराब नहीं है। जिस तरह से उन्होंने वापसी की और दुबई में गेंदबाजी की। इसके बाद इस सीरीज के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि उनके पास क्या क्षमता है। अश्विन ने पहले मैच में 23 रन देकर दो विकेट लिए थे और दूसरे मैच में 19 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था। रोहित ने कहा कि बीच के ओवरों में आपको रन गति पर लगाम लगाने की जरूरत होती है और विकेट भी निकालने होते हैं। मुझे लगता है कि अश्विन ने अक्षर के साथ मिलकर यह काम किया।
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स्पिन जोड़ी ने काम आसान किया
रोहित ने कहा कि अक्षर पटेल और अश्विन ऐसे गेंदबाज हैं, जो अपना ओवर पूरा करने की बजाय विकेट लेने और बल्लेबाज पर दबाव बनाने के बारे में सोचते हैं। टीम में ऐसे गेंदबाज होना एक कप्तान के लिए अच्छी बात होती है। ये गेंदबाज वो महत्वपूर्ण ओवर करते हैं और विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव डालने की कोशिश करते हैं।
खिलाड़ियों पर भरोसा जता रहे हैं रोहित और द्रविड़
रोहित ने बताया कि एक कप्तान और कोच के रूप में वो द्रविड़ के साथ मिलकर खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाना चाह रहे हैं कि उनकी जगह सुरक्षित है और वो आसानी से मैदान में जाकर अपना स्वाभाविक खेल दिखा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहली मीटिंग में हमने कहा था कि अगर आप टीम के लिए कुछ करने की कोशिश करते हैं तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आप जब भी आगे आकर अपने ऊपर दबाव लेंगे और टीम को मुश्किल हालातों से बाहर निकालने की कोशिश करेंगे तो उस पर ध्यान दिया जाएगा। कोच और कप्तान का यही काम होता है कि खिलाड़ियों को समझाएं कि हम यह समझते हैं कि आप टीम के लिए क्या करना चाह रहे हैं।
टीम का चयन करना मुश्किल
रोहित ने कहा कि भारत में अच्छे खिलाड़ियों की भरमार है और टीम में 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। ऐसे में टीम का चयन करना मुश्किल हो जाता है। एक कप्तान के रूप में यही कोशिश है कि जब भी खिलाड़ी मैदान पर उतरें उनके ऊपर कोई दबाव न हो। रोहित ने इस सीरीज में अपनी टीम की गेंदबाजी को सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू बताया। उन्होंने कहा कि दो मैचों में भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को अच्छी शुरुआत के बाद 160 के आसपास रोका। यह आसान काम नहीं था। इसके अलावा उन्होंने फील्डिंग के दौरान रन बचाने और रन आउट करने की अहमियत पर भी जोर दिया।