भारत का इंग्लैंड दौरा: सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 10 बल्लेबाजों में सात भारत के, जानें फिर भी क्यों हम पर भारी पड़ रहे इंग्लैंड के गेंदबाज
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विस्तार
सीरीज से पहले जिस बात का डर था, वही होता नजर आ रहा है। हमेशा की तरह हमारी बल्लेबाजी तेज गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थिति में कमजोर नजर आ रही है। जेम्स एंडरसन, ओली रॉबिनसन और क्रैग ओवरटन जैसे तेज गेंदबाज टीम इंडिया पर भारी पड़ रहे हैं। इस सीरीज का एक और खास पहलू यह है कि सिर्फ भारत ही नहीं, इंग्लिश बल्लेबाज भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। दोनों टीमों की बल्लेबाजी में फर्क है तो सिर्फ एक खिलाड़ी का और वह खिलाड़ी है- इंग्लैंड का टेस्ट कप्तान जो रूट।
आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है, लेकिन इसमें 100 फीसदी सच्चाई है। इस सीरीज के आंकड़े इसी ओर इशारा करते हैं। इस सीरीज में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 10 बल्लेबाजों की लिस्ट में सात खिलाड़ी भारत के हैं। इसमें केएल राहुल (252), रोहित शर्मा (230), चेतेश्वर पुजारा (162), रविंद्र जडेजा (133), विराट कोहली (124), अजिंक्य रहाणे (95) और ऋषभ पंत (87) के नाम शामिल हैं। यानी भारत की अंतिम एकादश का हर एक बल्लेबाज इस लिस्ट में शामिल है।
वहीं, इंग्लैंड की बात करें तो इसमें सिर्फ तीन खिलाड़ी आते हैं। कप्तान रूट इस लिस्ट में टॉप पर हैं। उन्होंने अब तक तीन मैच की पांच पारियों में सबसे ज्यादा 507 रन बनाए हैं। इसके बाद जॉनी बेयरस्टो (147) और रोरी बर्न्स (128) का नाम आता है। यानी सिर्फ रूट ही अपनी टीम को मझधार से बाहर निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही चार कारण, जिसकी वजह से रूट टीम इंडिया की बल्लेबाजी पर भारी पड़ रहे हैं...
1. अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील कर रहे रूट
जो रूट इस सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने सीरीज में अब तक 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उनकी पारियों की खास बात यह रही है कि उन्होंने दवाब में खेलते हुए बड़ी पारियां खेली हैं। नॉटिंग्घम में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने 64 और 109 रन की पारी खेली थी। इसके बाद लॉर्ड्स में भी उन्होंने नाबाद 180 और 33 रन बनाए थे। यही नहीं लीड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में भी रूट ने 121 रन की अहम पारी खेली थी।
2. कप्तान होने के नाते टीम का आगे आकर प्रतिनिधित्व कर रहे रूट
रूट की मौजूदा फॉर्म की खास बात यह रही है कि इंग्लैंड की टीम की ओर से बनने वाले रनों में से एक तिहाई रन उनके बल्ले से ही निकले हैं। इंग्लैंड ने इस सीरीज में अब तक कुल 1429 रन बनाए हैं। इनमें से 507 रनों का योगदान रूट का रहा है। यानी इंग्लिश टीम के कुल रन का 35 फीसदी स्कोर जो रूट के बल्ले से ही निकले हैं। रूट ने कप्तान होने के नाते टीम का आगे आकर प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने बल्लेबाज होने के नाते रन बनाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है और सीरीज में अब तक खेले गए तीनों टेस्ट में शतक जड़ा है।
3. कोहली-पुजारा का लंबे समय से शतक न जड़ पाना
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली पिछले 21 महीने से शतक नहीं लगा पाए हैं। इस दौरान वे टेस्ट, वनडे और टी-20 इंटरनेशनल में 50 से ज्यादा पारियां खेल चुके हैं। कोहली का आखिरी शतक नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट मैच के दौरान आया था, तब उन्होंने 136 रन की पारी खेली थी। वहीं, पुजारा ने पिछली 11 पारियों से अर्धशतक भी नहीं लगाया है, जबकि 3 जनवरी 2019 से उनके बल्ले से एक शतक भी नहीं निकला है। इस दौरान वो कुल 35 पारियां खेल चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में पुजारा ने अर्धशतक तो जड़ा, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए।
4. अच्छी शुरुआत के बाद विकेट गंवाने का खामियाजा
रूट के प्रदर्शन के उलट टीम इंडिया के बल्लेबाज या तो रन नहीं बना पा रहे और अगर रन बना रहे हैं, तो उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं। सीरीज में अब तक सिर्फ केएल राहुल ही शतक लगा सके हैं। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज शतक लगाने में कामयाब नहीं हो सका है। भारत की ओर से सीरीज में रोहित शर्मा ने दो और बाकी सात बल्लेबाजों ने एक-एक अर्धशतक लगाया है, लेकिन शतक सिर्फ राहुल ही लगा सके हैं। यही वजह है कि रूट की बड़ी पारियां टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती पेश कर रही हैं।