गौतम गंभीर से लेकर विजेंदर सिंह तक, सियासी मैदान पर किस खिलाड़ी ने मारी बाजी और किसे मिली हार?
बीजेपी ने जहां 2011 विश्व कप फाइनल की जीत के हीरो रहे गौतम गंभीर और ओलंपिक मेडलिस्ट राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मैदान में उतारा, तो वहीं कांग्रेस की ओर से ओलंपिक खिलाड़ी कृष्णा पूनिया और बॉक्सर विजेंदर सिंह ने चुनाव लड़ा था। चुनावी मैदान में इन खिलाड़ियों में किसी को जीत मिली, तो किसी को हार का सामना करना पड़ा।
आईए जानते हैं सभी खिलाड़ियों के चुनाव परिणाम
पूर्वी दिल्ली सीट पर क्रिकेटर गौतम गंभीर ने बड़ी जीत दर्ज की है। 'आप' की आतिशी और कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली पर भारी पड़ते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर 3 लाख 90 हजार के विशाल अंतर से जीतकर लोकसभा पहुंचेगे। चुनावी मैदान में गंभीर ने पहली बार कदम रखा और जीत दर्ज की।
गंभीर ने पिछले साल इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उसके बाद से वो सेना, जवानों और बाकी सामाजिक मुद्दों पर ट्विटर के जरिए अपनी राय रखा करते थे। राष्ट्रवादी छवि बनाने के बाद से ही चर्चा थी कि गंभीर जल्द ही बीजेपी ज्वॉइन कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने इस बात को कभी माना नहीं।
क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक रुख के लिए मशहूर रहे इस खिलाड़ी ने राजनीति में भी जोरदार शुरुआत की। ताबड़तोड़ रोड शो किए। धुआंधार रैलियां की। हालांकि उनकी विरोधी और आप नेता आतिशी ने गौतम पर गंभीर आरोप लगाकर माहौल गर्म कर दिया था।
कृष्णा पूनिया और राज्यवर्धन सिंह राठौड़
कांग्रेस ने डिस्कस थ्रो की खिलाड़ी कृष्णा पुनिया को जयपुर ग्रामीण सीट से केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन के खिलाफ मैदान में उतारा। राज्यवर्धन ने दोबारा इस सीट पर करीब 1.26 लाख से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से लीड ले ली है। मोदी कैबिनेट के खेल मंत्री राज्यवर्धन वर्तमान में जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से सांसद भी हैं।
बता दें कि राज्यवर्धन ने 2004 ओलंपिक में भारत के लिए शूटिंग में सिल्वर मेडल जीता था। वहीं पूनिया ने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडलिस्ट रहीं थीं। पूनिया चूरू के सादुलपुर से विधायक हैं। वह 2018 में सादुलपुर सीट से पहली बार विधायक चुनी गईं थीं। इससे पहले वह 2013 में सादुलपुर सीट से ही हारी थीं।
विजेंदर सिंह
कांग्रेस पार्टी ने दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट से बॉक्सर विजेंदर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। विजेंदर को भाजपा के मौजूदा सांसद रमेश बिधूड़ी और आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा के खिलाफ खड़ा किया गया, लेकिन वह हार गए।
इस सीट पर भाजपा के रमेश बिधूड़ी ने 52 हजार मतों से जीत हासिल की। दूसरे क्रम पर आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और तीसरे नंबर पर विजेंदर सिंह रहे। विजेंदर ने मुक्केबाजी में अपने करियर के 20 से अधिक वर्षों में देश का नाम रोशन किया है। विजेंदर ने 2008 ओलंपिक गेम्स में भारत को ब्रॉन्ज मेडल जिताया था।
कीर्ति आजाद
1983 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद पिछली बार दरभंगा सीट (बिहार) से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ संसद पहुंचे थे। चुनाव से कुछ दिन पहले वो भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें धनबाद से मैदान में उतारा। जहां कीर्ति आजाद को तकरीबन 81 हजार वोट से हार मिली। यहां से चुनाव मैदान में कुल 20 प्रत्याशी थे। इनमें दो महिला उम्मीदवार भी हैं। इस सीट से भाजपा की पूनम प्रभाकर ने जीत हासिल की है।