IND W vs PAK W: भारत-पाकिस्तान मैच में रेफरी से हुई बड़ी चूक, हरमनप्रीत के खिलाफ फातिमा सना ने चालाकी से जीता
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम पर खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस के दौरान मैच रेफरी से बड़ी गलती हुई, जिसका लाभ पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को मिला। आइये विस्तार से जानते हैं पूरा मामला...
विस्तार
भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को महिला विश्व कप मुकाबले के टॉस के दौरान मैच रेफरी शांड्रे फ्रिट्ज से गलती हो गई। इस गलती की वजह से उन्होंने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को टॉस विजेता घोषित कर दिया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सिक्का उछाला और सना ने 'टेल्स' कहा लेकिन फ्रिट्ज ने सुनने में गलती की और इसे 'हेड्स' समझ लिया। फिर प्रस्तोता मेल जोन्स ने भी उन्हें टॉस विजेता घोषित किया। सिक्का 'हेड्स अप' गिरा लेकिन टॉस का विजेता पाकिस्तान को माना गया जिससे उन्होंने पहले गेंदबाजी करने का विकल्प चुना। हरमनप्रीत ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और पाकिस्तानी कप्तान के बाद जोन्स से बात करने के लिए उनके पास गईं। उन्होंने सना से हाथ नहीं मिलाया।
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— Richa Singh (@CricketMat9391) October 5, 2025
Toss drama in IND vs PAK!
— Cricketopia (@CricketopiaCom) October 5, 2025
Fatima Sana was declared the winner and chose to bowl, but she reportedly called tails while the coin landed on heads!
Referee Mel Jones was heard saying “heads is the call,” suggesting a major mix-up.
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दोनों देशों के बीच रिश्ते पिछले कुछ महीनों से काफी तनावपूर्ण चल रहे हैं, ऐसे में इसका प्रभाव मैदान पर भी दिख रहा है। हाल ही में पुरुष एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बार मुकाबला हुआ और तीनों ही मैचों में विवाद देखने मिला। भारतीय महिला टीम ने भी पुरुष टीम की तरह नो हैंडशेक नीति अपनाई और मैच के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाए। हरमनप्रीत और फातिमा जब टॉस के लिए मैदान पर आए तो दोनों के बीच किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई। हरमनप्रीत ने इस दौरान फातिमा को नजरअंदाज किया और उनकी तरफ देखा भी नहीं।
भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट क्रिकेट संबंध पहले ही निचले स्तर पर हैं और हालात और बिगड़ गए जब दुबई में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) प्रमुख मोहसिन नकवी ने सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी देने से इनकार कर दिया था। एशिया कप के बाद ही यह तय माना जा रहा था कि महिला टीम भी पाकिस्तान के खिलाफ हाथ नहीं मिलाने की नीति जारी रखेगी और हुआ भी ऐसा ही।