IND vs PAK: फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेल पाने से निराश थे हार्दिक, भारत की जीत से लौटी मुस्कान
भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए एशिया कप के फाइनल मुकाबले में चोटिल होने के कारण नहीं खेल पाए। इस पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण मैच नहीं खेल पाने से मैं बहुत दुखी था, लेकिन खिलाड़ियों ने इसे शानदार तरीके से खेला। उन्होंने बहुत मजबूत जज्बा दिखाया।'
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भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए एशिया कप के फाइनल मुकाबले में चोटिल होने के कारण नहीं खेल पाए। इस पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण मैच नहीं खेल पाने से मैं बहुत दुखी था, लेकिन खिलाड़ियों ने इसे शानदार तरीके से खेला। उन्होंने बहुत मजबूत जज्बा दिखाया।' हालांकि, पांड्या ने भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताई।
𝙁𝙚𝙖𝙧𝙡𝙚𝙨𝙨 𝘾𝙧𝙞𝙘𝙠𝙚𝙩 & 𝙋𝙚𝙧𝙛𝙤𝙧𝙢𝙖𝙣𝙘𝙚 👊
— BCCI (@BCCI) September 29, 2025
Hardik Pandya reflects on #TeamIndia's stellar performance in the #AsiaCup2025 and on his role in the team with the bat and ball 👌 - By @Moulinparikh#Final | @hardikpandya7 | Watch 🔽
एशिया कप 2025 के फाइनल में रोमांच और जुनून चरम पर रहा। टीम इंडिया ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड नौंवी बार एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की और एक बार फिर साबित कर दिया कि एशियाई क्रिकेट में उसका दबदबा कायम है। मैच की शुरुआत में टॉस जीतकर भारतीय कप्तान ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ। स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान की मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया और पूरी टीम को महज 146 रन पर समेट दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत में कुछ झटके जरूर खाए, लेकिन युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने 53 गेंदों पर तीन चौकों और चार गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 69 रन ठोकते हुए जीत की मजबूत नींव रखी। आखिरी पलों में जब भारत को जीत के लिए कुछ ही रन चाहिए थे, तब रिंकू सिंह ने चौका लगाकर टीम को विजय दिलाई। ड्रेसिंग रूम में बैठे खिलाड़ी और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी अपनी खुशी रोक नहीं पाए। मैदान पर बल्ला लहराते तिलक और मायूस चेहरों के साथ खड़े पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीर ने इस ऐतिहासिक फाइनल को और भी यादगार बना दिया।
हार्दिक पांड्या ने सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने कहा, 'शीर्ष क्रम पर अभिषेक ने शानदार प्रदर्शन किया। उसकी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाजी से आधा मैच हम पावरप्ले में ही जीत जाते थे।' हालांकि, फाइनल में अभिषेक का बल्ला खामोश रहा लेकिन 314 रनों के साथ वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
एशिया कप में हालांकि पांड्या का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। उन्होंने छह मैचों में सिर्फ चार विकेट लिए और उनकी इकोनॉमी दर 8.57 रही। 31 वर्षीय खिलाड़ी ने आंकड़ों को नजरअंदाज करते हुए कहा कि उन्होंने जसप्रीत बुमराह के साथ नई गेंद संभालने की चुनौती का आनंद लिया। उन्होंने कहा, 'मुझे जो भी जिम्मेदारी मिलती है, उसे निभाने में मजा आता है। इस बार मुझे नई गेंद सौंपी गई, जिसका मैंने वास्तव में लुत्फ उठाया। मैं बल्लेबाजी से हमेशा योगदान देता रहा हूं, क्योंकि मैं इसी तरह से बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। गेंदबाजी लंबे समय से मेरी शीर्ष प्राथमिकता रही है। मैं अगर अच्छी गेंदबाजी करता हूं तो बल्लेबाजी में कभी समस्या नहीं होती। मैं खुद को तेज गेंदबाज मानता हूं और मुझे इस पर बहुत गर्व है। यह बहुत मेहनत, बहुत अनुशासन का काम है। मैं वास्तव में इसका लुत्फ उठाता हूं।'