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IND vs NZ: चोट की गंभीरता से अवगत नहीं थे श्रेयस, अस्पताल पहुंचकर हुआ अहसास; बोले- पहली बार स्प्लीन शब्द सुना
Wed, 14 Jan 2026 05:46 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 14 Jan 2026 05:46 PM IST
सार
श्रेयस अय्यर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगी स्प्लीन की चोट की गंभीरता उन्हें अस्पताल पहुंचने के बाद समझ आई और यह दौर उनके लिए बेहद दर्दनाक रहा। इस चोट से उबरने के बाद उन्होंने संयम और सकारात्मक सोच के साथ वापसी की, जिसका असर न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी में साफ दिखा।
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श्रेयस अय्यर
- फोटो : BCCI
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विस्तार
भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने अपनी हालिया चोट को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान लगी स्प्लीन की चोट की गंभीरता का उन्हें सही अंदाजा तब लगा, जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अय्यर ने इस दर्द को बेहद तकलीफदेह बताया और कहा कि उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि स्प्लीन शरीर का एक अहम अंग होता है।
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'मुझे चोट की गंभीरता का नहीं था अंदाजा'
चोट के बाद श्रेयस अय्यर ने शानदार वापसी की और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में 49 रनों की अहम पारी खेली। दूसरे वनडे से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में उन्होंने कहा, 'दर्द बहुत ज्यादा था। मुझे तब तक नहीं पता था कि चोट कितनी गंभीर है, जब तक मैं अस्पताल नहीं पहुंचा। उसी दिन मुझे पता चला कि स्प्लीन एक महत्वपूर्ण अंग है। यह शब्द मैंने उसी दिन सीखा।'
अय्यर ने बताया कि इस चोट ने उन्हें रुकने और खुद पर ध्यान देने का मौका दिया। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा इंसान हूं जो एक जगह बैठ नहीं सकता, लेकिन इस चोट ने मुझे सिखाया कि खुद को समय देना कितना जरूरी है। आप तुरंत उठकर ट्रेनिंग शुरू नहीं कर सकते। डॉक्टरों ने कहा था कि 6 से 8 हफ्तों में मैं सामान्य हो जाऊंगा, और मैंने पूरी तरह गाइडलाइंस फॉलो की।'
चोट के बाद श्रेयस अय्यर ने शानदार वापसी की और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में 49 रनों की अहम पारी खेली। दूसरे वनडे से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में उन्होंने कहा, 'दर्द बहुत ज्यादा था। मुझे तब तक नहीं पता था कि चोट कितनी गंभीर है, जब तक मैं अस्पताल नहीं पहुंचा। उसी दिन मुझे पता चला कि स्प्लीन एक महत्वपूर्ण अंग है। यह शब्द मैंने उसी दिन सीखा।'
अय्यर ने बताया कि इस चोट ने उन्हें रुकने और खुद पर ध्यान देने का मौका दिया। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा इंसान हूं जो एक जगह बैठ नहीं सकता, लेकिन इस चोट ने मुझे सिखाया कि खुद को समय देना कितना जरूरी है। आप तुरंत उठकर ट्रेनिंग शुरू नहीं कर सकते। डॉक्टरों ने कहा था कि 6 से 8 हफ्तों में मैं सामान्य हो जाऊंगा, और मैंने पूरी तरह गाइडलाइंस फॉलो की।'
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अपनी बल्लेबाजी पर भी की बात
बल्लेबाजी को लेकर अय्यर ने कहा कि उनकी आक्रामकता किसी योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरी तरह उनकी प्रवृत्ति है। उन्होंने आगे कहा, 'मैं मैच में कुछ खास करने की कोशिश नहीं करता। अगर गेंद मेरे एरिया में होती है, तो मैं उसे खेलता हूं। मैं पल में जीना पसंद करता हूं। पिछले मैच में मैं सिंगल लेने के बारे में ज्यादा सोच रहा था, जिससे शरीर की प्रतिक्रिया थोड़ी धीमी हो गई। आगे ऐसा नहीं करना चाहता।'
बल्लेबाजी को लेकर अय्यर ने कहा कि उनकी आक्रामकता किसी योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरी तरह उनकी प्रवृत्ति है। उन्होंने आगे कहा, 'मैं मैच में कुछ खास करने की कोशिश नहीं करता। अगर गेंद मेरे एरिया में होती है, तो मैं उसे खेलता हूं। मैं पल में जीना पसंद करता हूं। पिछले मैच में मैं सिंगल लेने के बारे में ज्यादा सोच रहा था, जिससे शरीर की प्रतिक्रिया थोड़ी धीमी हो गई। आगे ऐसा नहीं करना चाहता।'
कोहली के साथ तालमेल पर क्या बोले अय्यर?
विराट कोहली के साथ अपनी बातचीत पर अय्यर ने कहा कि दोनों का फोकस वर्तमान में रहने और टीम के लिए मजबूत स्कोर खड़ा करने पर रहता है। उन्होंने कहा, 'हम मजाकिया अंदाज में बात करते हैं और ये तय करते हैं कि गेंदबाजों के खिलाफ कैसे खेलना है। आज के वनडे क्रिकेट में 300 रन भी आसानी से चेज हो जाते हैं, इसलिए ऐसा स्कोर बनाना जरूरी है जिससे गेंदबाजों को आत्मविश्वास मिले।'
विराट कोहली के साथ अपनी बातचीत पर अय्यर ने कहा कि दोनों का फोकस वर्तमान में रहने और टीम के लिए मजबूत स्कोर खड़ा करने पर रहता है। उन्होंने कहा, 'हम मजाकिया अंदाज में बात करते हैं और ये तय करते हैं कि गेंदबाजों के खिलाफ कैसे खेलना है। आज के वनडे क्रिकेट में 300 रन भी आसानी से चेज हो जाते हैं, इसलिए ऐसा स्कोर बनाना जरूरी है जिससे गेंदबाजों को आत्मविश्वास मिले।'