अनोखी समानताः एक मैच, टीम एक और 4 गेंदबाजों ने दिए 23-23 रन
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क्रिकेट के मैदान पर एक से बढ़कर एक अजीबोगरीब घटनाएं हो जाती हैं, लेकिन मीरपुर में मैच के दौरान जो कुछ हुआ वो शायद ही इससे पहले कभी हुआ हो। भारत की ओर से 5 में से 4 गेंदबाजों ने एक ही इकोनॉमी रेट के साथ रन दिए।
एशिया कप टी-20 के पहले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में भारतीय गेंदबाज जब 167 रनों के लक्ष्य का बचाव करने उतरे तो उन्होंने शुरुआत से ही कसी हुई गेंदबाजी की। उनकी कसी हुई गेंदबाजी का असर यह हुआ कि मेजबान बांग्लादेश पूरे 20 ओवर भी खेलकर महज 121 (7 विकेट) रन ही बना सके।
इस मैच में भारत की ओर 5 गेंदबाजों ने गेंदें फेंकी जिसमें से 4 गेंदबाजों ने अपने-अपने कोटे के 4-4 ओवर डाले और दिलचस्प तरीके से एक समान रन खर्च भी किए। लेफ्ट ऑर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा को छोड़कर अन्य 4 गेंदबाजों आशीष नेहरा, जसप्रीत बुमराह, आर अश्विन और हार्दिक पांड्या ने अपने स्पेल में 23-23 रन दिए। 4-4 ओवर में 23-23 रन देने के कारण इन चारों गेंदबाजों का इकोनॉमी रेट 5.75 ही रहा।
साथ ही इन गेंदबाजों के साथ दिलचस्प यह भी रहा कि इन चारों को ही सफलता भी मिली, जिसमें नेहरा को 3 विकेट के अलावा अन्य 3 को 1-1 विकेट मिले। एक और खास बात यह कि हार्दिक और जडेजा ने 11 गेंदों पर 0 रन दिए।
नेहरा का भी कमाल, पहले 2 ओवर में 2 अनोखी समानताएं
मेजबान बांग्लादेश के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए भारत के 4 गेंदबाजों ने एकसमान रन खर्च किए। लेकिन लेफ्ट ऑर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा इस लिस्ट में शामिल नहीं हो सके। वह भले ही इससे दूर हो गए हों लेकिन उन्होंने भी सकी हुई गेंदबाजी की। उन्होंने 4 ओवर में 25 रन दिए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
इस अजीब सी समानता के अलावा 37 साल के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने भी कमाल कर दिखाया और 23 रन देकर 3 विकेट लिए जो उनके करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। मैच में पहला ओवर डालने के साथ ही उन्होंने अपने शुरुआती 2 ओवर में 2 अनोखी समानताएं भी कर डाली।
पहली 3 गेंदों पर एक भी रन दिए बगैर उन्होंने बेहद कसी हुई गेंदबाजी की। उनकी दोहरी समानता यह रही कि अपने पहले 2 ओवर की शुरुआती 3 गेंदों पर 0 रन देने के बाद एक गेंद पर 3 रन भी दे डाले। दूसरा ओवर उनके लिए बेहद खास रहा क्योंकि दूसरी गेंद पर उन्होंने टीम को पहली सफलता भी दिलाई। तीसरी गेंद पर भी एक जोरदार अपील हुई थी लेकिन अंपायर ने आउट देने से मना कर दिया।
अपने अंतिम ओवर में उन्होंने 4 गेंदों पर एक भी रन नहीं दिया। साथ ही कुल 24 गेंदों में 13 गेंदों में एक भी रन नहीं दिया।