खिलाड़ी के बुरे व्यवहार पर कोच भी नपेंगे
क्रिकेट के महायुद्ध शुरु होने में सिर्फ 24 दिन बाकी रह गए है। 14 फरवरी से सभी टीमें इस महाकुंभ में कूद जाएगी। इसी के साथ आईसीसी ने वादा किया है कि उनका प्रयास रहेगा कि वर्ल्ड कप को बिना किसी विवाद के कराया जाए। आईसीसी का कहना है कि मैदान में स्लैजिंग और मैच फिक्सिंग पाए जाने पर संबधित खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को आईसीसी के सीईओ डेविड रिचर्डसन ने एक प्रेस कांफ्रेस की। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों के दुर्व्यवहार को लेकर दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इस तरह की हरकतें शोभा नहीं देती।
उन्होंने बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज और मौजूदा त्रिकोणीय सीरीज के दौरान हुए विवाद के संबंध में कहा कि मैच के दौरान क्रिकेटरों की ओर से सीमाएं लांघी गई। जो उचित नहीं है।
हाल में हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए रिचर्डसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर ने टीम इंडिया के बल्लेबाज रोहित शर्मा के साथ बदतमीजी की। जिसके बाद उन पर कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन क्या इस तरह की कार्रवाई के बाद भी खिलाड़ी सचेत हो जाएंगे।
खिलाड़ी पर नियंत्रण रखे कोच
डेविड रिचर्डसन ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मैच के दौरान गलत व्यवहार करता है, तो इसके लिए अंपायर से ज्यादा टीम के कोच को उसके व्यवहार पर लगाम लगानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि आईसीसी द्वारा दंडित किए जाने के बाद डेविड वॉर्नर ने कहा था कि उन्होंने रोहित शर्मा को कुछ गलत नहीं कहा।
इतना ही नहीं टीम के सीनीयर कोच डैरेन लेमन ने भी वॉर्नर का पक्ष लिया। लेमन ने कहा कि मैच में वार्नर ने कुछ भी गलत नहीं किया और अगर मैदान में वह आक्रामकता दिखाते भी हैं तो हम इसमें उनके साथ है।
रिचर्डसन के अनुसार, "आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत गलत व्यवहार पाए जाने पर खिलाड़ी को मैच से बाहर भी किया जा सकता है। जो टीम के लिए घातक हो सकता है। अगर कोच खिलाड़ी पर नकेल नहीं कस पाते हैं तो ऐसे कोच पर भी जवाबदेह कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने कहा कि आईसीसी लेमन पर जवाबदेही कार्रवाई करेगी।