क्रिकेट में क्रांतिकारी बदलाव: अब मिलेगा कोरोना स्थानापन्न, लार के इस्तेमाल पर लगेगी पेनल्टी
- टेस्ट क्रिकेट में कोविड-19 स्थानापन्न के प्रस्ताव को ICC की मंजूरी
- गेंद पर बार-बार लार के इस्तेमाल पर पांच रन की पेनल्टी का नियम
- गैर तटस्थ अंपायरों को अंपायरिंग के लिए भी ICC ने दी मंजूरी
- एक अतिरिक्त रीव्यू अब हर टीम को हर पारी में मिलेगा
- खिलाड़ियों की जर्सी पर 32 इंच के अतिरिक्त लोगो की भी अनुमति
- कोरोना के बाद पहली सीरीज 8 जुलाई से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच
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कोविड-19 ने न सिर्फ दुनिया को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया बल्कि खेल के नियमों में भी परिवर्तन ला दिया। क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टेस्ट क्रिकेट में कोरोना सब्स्टीट्यूट (स्थानापन्न) के नियम की मंजूरी दे दी। यानी अब कन्कशन की तरह ही टेस्ट मैच में खिलाड़ियों की अदला-बदली संभव है।
JUST IN: Interim changes to the ICC's playing regulations have been confirmed.
— ICC (@ICC) June 9, 2020
Full details👇 https://t.co/GfQ8l6Qyra pic.twitter.com/4cT2YpOaEO
इस नियम के मुताबिक, अगर मैच के दौरान खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी जगह सब्स्टीट्यूट को मैदान पर उतारा जा सकेगा। खिलाड़ी के कोरोना संक्रमित होने के बाद सर्वप्रथम स्टेडियम में मौजूद डॉक्टर्स को इसकी जानकारी दी जाएगी और फिर संबंधित खिलाड़ी को एकांतवास (Isolation) में भेज दिया जाएगा। कन्कशन की तरह ही यहां भी वही नियम लागू होंगे। मसलन गेंदबाज के पॉजिटिव पाए जाने पर गेंदबाज, बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज और विकेटकीपर के बदले विकेटकीपर को ही मैदान पर खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि, यह सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में ही अमल में लाया जाएगा। फिलहाल, वन-डे और टी-20 में इसे लागू नहीं किया जाएगा।
गेंद पर लार लगाने पर प्रतिबंध
अनिल कुंबले की अगुवाई वाली क्रिकेट समिति की सिफारिशों को भी मान लिया गया है। यानी अब क्रिकेट में खिलाड़ी बार-बार गेंद पर थूक या लार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। एक टीम को प्रति पारी दो बार तक चेतावनी जारी की जा सकती है, लेकिन लार के बार-बार उपयोग पर गेंदबाजी पक्ष को पांच रन की पेनल्टी लगेगी। अर्थात विरोधी टीम के खाते में पांच रन जोड़ दिए जाएंगे। इसके अलावा नए नियमों के मुताबकि गेंद को लार से चमकाने के तुरंत बाद अंपायर्स को उसे साफ करने के निर्दश दिए गए हैं। मतलब अब गेंद को स्विंग देने के लिए अब सिर्फ पसीने का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। खेल के दौरान जश्न मनाने के लिए न ही खिलाड़ी आपस में गले मिल सकेंगे और न ही हाथ मिला सकेंगे। यहां तक कि हर चौके-छक्के और विकेट के बाद उनका उत्साहवर्धन करने वाले फैंस भी स्टेडियम से नदारद होंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब शुरुआती क्रिकेट गतिविधियां बिना दर्शकों के ही नजर आएंगी।
जर्सी पर बड़ा लोगो, स्थानीय अंपायर को मंजूरी
कोरोना संकट के कारण आर्थिक नुकसान उठा रहे बोर्ड को कमाई के लिए खिलाड़ियों की जर्सी पर 32 इंच के अतिरिक्त लोगो की भी अनुमति दे दी गई है। खेल के नए नियमों के तहत आईसीसी ने कोरोना महामारी के चलते ‘अंतरराष्ट्रीय यात्रा में लॉजिस्टिक की चुनौतियों’ का हवाला देते हुए द्विपक्षीय सीरीज में स्थानीय अंपायर्स को भी मंजूरी दे दी। यह करीब दो दशक बाद होगा कि घरेलू अंपायर मैच में रहेंगे। मतलब भारत के शमसुद्दीन, अनिल चौधरी और नितिन मेनन इंग्लैंड के खिलाफ अगले साल घरेलू सीरीज में अंपायरिंग करते नजर आएंगे, जबकि जवागल श्रीनाथ मैच रेफरी होंगे। स्थानीय अंपायर्स की अनुभवहीनता को देखते हुए दोनों टीमों को हर पारी में एक-एक अतिरिक्त डीआरएस भी मिलेगा।