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क्या होता है अंपायर्स कॉल: जिसे भारी विवाद के बावजूद, ICC ने नहीं बदलने का लिया फैसला

Wed, 24 Mar 2021 01:57 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अंशुल तलमले Updated Wed, 24 Mar 2021 01:57 PM IST
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ICC Cricket Committee set to back concept of umpires call very soon in meeting
अंपायर्स कॉल - फोटो : ट्विटर

तमाम असहमतियों, विवादों के बावजूद ICC अपने सबसे विवादास्पद नियम को बदलने के पक्ष में नहीं है। दुनिया भर में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की क्रिकेट समिति ने सिफारिश की है कि DRS (डिसिजन रिव्यू सिस्टम) के दौरान लिए जाने वाले 'अंपायर्स कॉल' नियम की जरूरत इसलिए है क्योंकि बॉल-ट्रैकिंग तकनीक 100 फीसदी सहीं नहीं होती है। अगले हफ्ते गवर्निंग बॉडी की मुख्य कार्यकारी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है।

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ईएसपीएन क्रिकन्फो की खबर के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली समिति और पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों का एक जत्था, जिसमें एंड्रयू स्ट्रॉस, राहुल द्रविड़, महेला जयवर्धने, शॉन पोलक, मैच रेफरी रंजन मदुगले, अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और मिकी आर्थर की मौजूदगी में इस पर विचार किया गया है। साथ ही इस कमेटी ने मैच अधिकारियों, ब्रॉडकास्टर्स, बॉल ट्रैकिंग तकनीक सप्लायर से सुझाव मंगवाया था। सभी पहलुओँ को सोचने के बाद फैसला लिया गया है कि 'अंपायर्स कॉल' नियम बना रहना चाहिए।
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मौजूदा नियमों के मुताबिक बल्लेबाज के पगबाधा को लेकर दिए गए अंपायर के फैसले पर गेंदबाजी टीम की डीआरएस के दौरान गेंद का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा तीनों स्टंप्स में से किसी एक से टकराना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर अंपायर्स कॉल मान्य होता है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की पूर्व संध्या पर भारत के कप्तान विराट कोहली ने डीआरएस में ‘अंपायर्स कॉल’ की आलोचना करते हुए कहा कि इससे बहुत भ्रम की स्थिति बन रही है।
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क्या होता है अंपायर्स कॉल?
डीआरएस की शुरुआत के बाद से क्रिकेट जगत में 'अंपायर्स कॉल' बहस का एक बड़ा मुद्दा रहा है। सचिन तेंदुलकर सरीखे क्रिकेटिंग लीजेंड ने इसे हटाने की सिफारिश की थी। अगर एलबीडब्ल्यू की अपील पर ऑन-फिल्ड अंपायर ने नॉट आउट दिया है और टीम ने रिव्यू ले लिया है। लेकिन थर्ड अंपायर के पास ज्यादा साक्ष्य मौजूद नहीं हैं या गेंद 50 प्रतिशत से कम विकेट पर लगी है तो उस पर अंपायर्स कॉल के नियम के तहत ऑन-फिल्ड अंपायर का फैसला मान्य होता है। हालांकि इसमें रिव्यू लेने वाली टीम को डीआरएस का नुकसान नहीं होता है।

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