फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   holding demands to ban broad for next match

एशेज विवादः क्रीज न छोड़ने वाले ब्रॉड पर लगे बैन

Sun, 14 Jul 2013 03:52 PM IST
नॉटिंघम
नॉटिंघम Updated Sun, 14 Jul 2013 03:52 PM IST
विज्ञापन
holding demands to ban broad for next match

एशेज सीरीज हो और विवाद न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड के बल्लेबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने ऐसी हरकत कर दी जिसकी सब ओर से तीखी आलोचना हो रही है।

विज्ञापन

वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने मांग की है कि स्टुअर्ट ब्रॉड पर दूसरे एशेज टेस्ट के लिए प्रतिबंध लगाया जाए जो आउट हो जाने के बावजूद क्रीज छोड़ने को तैयार नहीं थे।
विज्ञापन


होल्डिंग ने ब्रॉड के व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आईसीसी को इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए कि ब्रॉड ने क्रीज क्यों नहीं छोड़ी।

उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट में आमतौर पर यह परंपरा रही है कि जहां बल्लेबाज को लगता है कि वह आउट हो चुका है तो वह अंपायर के फैसले का इंतजार किए बिना पेवेलियन चल देता है। लेकिन ब्रॉड ने इस खेल भावना की कतई परवाह नहीं की।’
विज्ञापन
विज्ञापन


दिया रामदीन का उदाहरण
विंडीज के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘आईसीसी को ब्रॉड की इस हरकत पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें दूसरे टेस्ट के लिए प्रतिबंधित कर देना चाहिए।’

होल्डिंग ने वेस्टइंडीज के विकेटकीपर दिनेश रामदीन का उदाहरण दिया जिन्होंने पिछले महीने चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ एक गलत कैच का दावा कर दिया था।

रामदीन पर तब दो वनडे मैचों का प्रतिबंध लगा दिया गया था और यह प्रतिबंध लगाने वाले कोई और नहीं बल्कि ब्रॉड के पिता तथा मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड थे।

ब्रॉड के समर्थन में आए पीटरसन
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन ने साथी बल्लेबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के अंपायर के आउट नहीं दिए जाने के कारण मैदान से बाहर नहीं जाने के फैसले को सही ठहराया।

तीसरे दिन के खेल के अंतिम सत्र में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एश्टन एगर की गेंद ब्रॉड के बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के दस्तानों से उछलकर पहली स्लिप में माइकल क्लार्क के हाथों में जा पहुंची।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी विकेट मिलने की खुशी में जश्न मनाने लगे थे लेकिन पाकिस्तानी अंपायर अलिम डार ने अपनी अंगुली नहीं उठाई।

ब्रॉड ने मैदान से बाहर जाने से मना कर दिया और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सकते में आ गए। इससे खेल भावना को लेकर ट्विटर पर जबर्दस्त बहस छिड़ गई।

लेकिन दिन का खेल समाप्त होने के बाद पीटरसन ने कहा, ‘खेल के हर स्तर पर खिलाड़ी के पास यह अधिकार होता है कि वह अंपायर के फैसले का इंतजार करे। अलिम डार बेहतरीन अंपायर हैं।’

'विवाद को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं'
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मामले में रेफरल नहीं मांग सकती थी क्योंकि वे पहले ही दो बार रेफरल मांग चुके थे।

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने इस बार ज्यादा बहस करने से मना कर दिया।  

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पीटर सिडल ने भी इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देते हुए कहा, ‘ऐसा होता है। यह अंपायर का फैसला था और आपको इसे स्वीकार करना होगा। हमने इसे ज्यादा तूल नहीं दिया।’

कमेंटेटरों ने की ब्रॉड की आलोचना
हालांकि अधिकांश कमेंटेटरों ने ब्रॉड की आलोचना करने के बजाए अंपायर डार के खराब फैसले को इस विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया।

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकाट ने कहा, ‘इस मामले में कोई बहस नहीं है। जहां तक मैं जानता हूं तो ऑस्ट्रेलिया के सभी खिलाड़ी अंपायर के फैसले का इंतजार करते हैं। एडम गिलक्रिस्ट एक अपवाद थे।’


दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने भी कहा, ‘मुझे लगता है कि यह काम अंपायर का है। खिलाड़ी को आउट नहीं दिए जाने तक मैदान में बने रहने का अधिकार है। अगर ऑस्ट्रेलिया के पास अपील का एक और मौका होता तो ब्रॉड ड्रेसिंग रूम में आराम कर रहे होते।’

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed