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Ranji Trophy: हरियाणा के अंशुल कंबोज ने रणजी में रचा इतिहास, एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज
Fri, 15 Nov 2024 02:29 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लाहली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लाहली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:29 PM IST
सार
23 वर्षीय गेंदबाज अंशुल कंबोज ने केरल के खिलाफ ग्रुप सी के मैच में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 30.1 ओवर में 49 रन देकर दस विकेट लिए।
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अंशुल कंबोज
- फोटो : BCCI
विस्तार
हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने शुक्रवार को रणजी ट्रॉफी में इतिहास रच दिया। वह रणजी ट्रॉफी में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए। इस 23 वर्षीय गेंदबाज ने केरल के खिलाफ ग्रुप सी के मैच में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 30.1 ओवर में 49 रन देकर दस विकेट लिए।
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अंशुल कंबोज
- फोटो : BCCI
ये दो गेंदबाज अंशुल से आगे
रणजी ट्रॉफी में उनसे पहले बंगाल के प्रेमांगशु चटर्जी (20 रन देकर 10 विकेट, बंगाल बनाम असम, 1956) और राजस्थान के प्रदीप सुंदरम (78 रन देकर 10 विकेट, राजस्थान बनाम विदर्भ, 1985) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। कुल मिलाकर कंबोज प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 विकेट लेने वाले छठे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले, सुभाष गुप्ते और देबाशीष मोहंती ऐसा कर चुके हैं।
तेज गेंदबाज कंबोज को तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले यह उपलब्धि हासिल करने के लिए केवल दो विकेट की जरूरत थी। उन्होंने बासिल थम्पी और शॉन रोजर के विकेट लेकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी शानदार गेंदबाजी से हरियाणा ने केरल को पहली पारी में 291 रन पर आउट कर दिया। इस दौरान कंबोज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 विकेट भी पूरे किए।
रणजी ट्रॉफी में उनसे पहले बंगाल के प्रेमांगशु चटर्जी (20 रन देकर 10 विकेट, बंगाल बनाम असम, 1956) और राजस्थान के प्रदीप सुंदरम (78 रन देकर 10 विकेट, राजस्थान बनाम विदर्भ, 1985) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। कुल मिलाकर कंबोज प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 विकेट लेने वाले छठे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले, सुभाष गुप्ते और देबाशीष मोहंती ऐसा कर चुके हैं।
तेज गेंदबाज कंबोज को तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले यह उपलब्धि हासिल करने के लिए केवल दो विकेट की जरूरत थी। उन्होंने बासिल थम्पी और शॉन रोजर के विकेट लेकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी शानदार गेंदबाजी से हरियाणा ने केरल को पहली पारी में 291 रन पर आउट कर दिया। इस दौरान कंबोज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 विकेट भी पूरे किए।
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स्नेहल-कश्यप
- फोटो : Twitter
स्नेहल-कश्यप ने निभाई थी 606 रन की साझेदारी
इससे पहले गोवा के स्नेहल कौथांकर और कश्यप बाकले ने रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने अरुणचाल प्रदेश के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए अटूट 606 रन जोड़े थे। यही नहीं, दोनों ने तिहरे शतक भी जड़े। स्नेहल ने 215 गेंद में 45 चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 314 और कश्यप बाकले ने 269 गेंद में 39 चौकों, दो छक्कों की मदद से नाबाद 300 रन बनाए थे। इन दोनों की बदौलत गोवा ने रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ दो विकेट पर 727 रन का बड़ा स्कोर बनाया। गोवा ने अरुणाचल को दूसरी पारी में 92 रन पर समेटते हुए पारी और 511 रन से बड़ी जीत भी हासिल की।
दोनों ने महाराष्ट्र के स्वप्निल गुगाले और अंकित बवाने की ओर से दिल्ली के खिलाफ 2016-17 में निभाई गई 594 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड तोड़ा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। सबसे बड़ी साझेदारी कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के नाम है। दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2006 में 624 रन की साझेदारी निभाई थी। यह रणजी ट्रॉफी में दूसरा मौका है जब एक मैच में दो बल्लेबाजों ने तिहरे शतक जड़े। इससे पहले 1989-90 में डब्ल्यूवी रमन और एजी कृपाल सिंह ने गोवा के खिलाफ तमिलनाडु के लिए तिहरे शतक जड़े थे। स्नेहल ने 205 गेंद में तिहरा शतक लगाया।
इससे पहले गोवा के स्नेहल कौथांकर और कश्यप बाकले ने रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने अरुणचाल प्रदेश के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए अटूट 606 रन जोड़े थे। यही नहीं, दोनों ने तिहरे शतक भी जड़े। स्नेहल ने 215 गेंद में 45 चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 314 और कश्यप बाकले ने 269 गेंद में 39 चौकों, दो छक्कों की मदद से नाबाद 300 रन बनाए थे। इन दोनों की बदौलत गोवा ने रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ दो विकेट पर 727 रन का बड़ा स्कोर बनाया। गोवा ने अरुणाचल को दूसरी पारी में 92 रन पर समेटते हुए पारी और 511 रन से बड़ी जीत भी हासिल की।
दोनों ने महाराष्ट्र के स्वप्निल गुगाले और अंकित बवाने की ओर से दिल्ली के खिलाफ 2016-17 में निभाई गई 594 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड तोड़ा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। सबसे बड़ी साझेदारी कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के नाम है। दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2006 में 624 रन की साझेदारी निभाई थी। यह रणजी ट्रॉफी में दूसरा मौका है जब एक मैच में दो बल्लेबाजों ने तिहरे शतक जड़े। इससे पहले 1989-90 में डब्ल्यूवी रमन और एजी कृपाल सिंह ने गोवा के खिलाफ तमिलनाडु के लिए तिहरे शतक जड़े थे। स्नेहल ने 205 गेंद में तिहरा शतक लगाया।