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IND vs SA Final: 'पार्ट-टाइम गेंदबाज को विकेट देना...', वोल्वार्ट ने माना- शेफाली की बॉलिंग रही टर्निंग पॉइंट
Mon, 03 Nov 2025 02:19 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 03 Nov 2025 02:19 PM IST
सार
शेफाली ने सून लूस और मारिजाने कैप जैसे दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर खिलाड़ियों को आउट कर दिया। सात ओवर में उन्होंने 36 रन देकर दो विकेट लिए और बल्ले से भी 78 गेंदों में 87 रनों की धुआंधार पारी खेली। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
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वोल्वार्ट ने शेफाली को लेकर बयान दिया
- फोटो : ANI/PTI
विस्तार
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हुए महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में भारत ने इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। लेकिन इस फाइनल का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना- शेफाली वर्मा का अप्रत्याशित गेंदबाजी स्पेल।
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वोल्वार्ट ने क्या कहा?
दक्षिण अफ्रीका की कप्तान एल वोल्वार्ट ने मैच के बाद कहा, 'सच कहूं तो हमने नहीं सोचा था कि शेफाली गेंदबाजी करेंगी। वो फ्रंट ऑफ द हैंड, काफी स्लो गेंदें डाल रही थीं और दो अहम विकेट निकाल गईं। विश्व कप फाइनल में कोई नहीं चाहता कि पार्ट-टाइम बॉलर से विकेट गंवाए, लेकिन उन्होंने दो बड़े विकेट ले लिए, ये काफी निराशाजनक था। उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। यह निराशाजनक था क्योंकि हमने उनके लिए कोई खास योजना नहीं बनाई थी।'
दरअसल, जब दक्षिण अफ्रीका अच्छी स्थिति में नजर आ रही थी, तब हरमनप्रीत कौर ने एक साहसी फैसला लिया। उन्होंने गेंद थमाई शेफाली को, जो अब तक इस विश्व कप में शायद ही कभी गेंदबाजी करती दिखी थीं। और यही गट फीलिंग टीम इंडिया के लिए सोने की साबित हुई।
दरअसल, जब दक्षिण अफ्रीका अच्छी स्थिति में नजर आ रही थी, तब हरमनप्रीत कौर ने एक साहसी फैसला लिया। उन्होंने गेंद थमाई शेफाली को, जो अब तक इस विश्व कप में शायद ही कभी गेंदबाजी करती दिखी थीं। और यही गट फीलिंग टीम इंडिया के लिए सोने की साबित हुई।
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हरमनप्रीत का दांव और शेफाली का जवाब
हरमनप्रीत ने मैच के बाद बताया, 'जब वोल्वार्ट और सून लूस बैटिंग कर रही थीं, वो बहुत अच्छा खेल रही थीं। मैं शेफाली को देख रही थी और लगा कि आज इसका दिन है। मेरे दिल ने कहा कि इसे एक ओवर जरूर देना चाहिए। और वही ओवर मैच बदल गया। जब शेफाली टीम में आई थी, हमने कहा था कि जरूरत पड़ी तो दो-तीन ओवर डालने पड़ेंगे। उसने बोला- मुझे बॉल दो, मैं 10 ओवर डाल दूंगी। उस पॉजिटिव सोच के लिए उसे सलाम।'
शेफाली ने सून लूस और मारिजाने कैप जैसे दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर खिलाड़ियों को आउट कर दिया। सात ओवर में उन्होंने 36 रन देकर दो विकेट लिए और बल्ले से भी 78 गेंदों में 87 रनों की धुआंधार पारी खेली। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
हरमनप्रीत ने मैच के बाद बताया, 'जब वोल्वार्ट और सून लूस बैटिंग कर रही थीं, वो बहुत अच्छा खेल रही थीं। मैं शेफाली को देख रही थी और लगा कि आज इसका दिन है। मेरे दिल ने कहा कि इसे एक ओवर जरूर देना चाहिए। और वही ओवर मैच बदल गया। जब शेफाली टीम में आई थी, हमने कहा था कि जरूरत पड़ी तो दो-तीन ओवर डालने पड़ेंगे। उसने बोला- मुझे बॉल दो, मैं 10 ओवर डाल दूंगी। उस पॉजिटिव सोच के लिए उसे सलाम।'
शेफाली ने सून लूस और मारिजाने कैप जैसे दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर खिलाड़ियों को आउट कर दिया। सात ओवर में उन्होंने 36 रन देकर दो विकेट लिए और बल्ले से भी 78 गेंदों में 87 रनों की धुआंधार पारी खेली। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
'भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने भेजा था'
मैच के बाद शेफाली ने कहा, 'मैंने शुरू में कहा था कि भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने भेजा है और वो दिख गया। मुझे खुद पर भरोसा था कि अगर मैं शांत रहूं तो कुछ भी कर सकती हूं। स्मृति दीदी और हरमन दीदी ने बहुत सपोर्ट किया। और जब मैंने बालकनी में सचिन सर को देखा, तो अलग ही जोश आ गया। उनसे बात करना हमेशा मुझे मोटिवेशन देता है।' 21 साल 279 दिन की उम्र में शेफाली वर्मा विश्व कप के सेमीफाइनल या फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।
मैच के बाद शेफाली ने कहा, 'मैंने शुरू में कहा था कि भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने भेजा है और वो दिख गया। मुझे खुद पर भरोसा था कि अगर मैं शांत रहूं तो कुछ भी कर सकती हूं। स्मृति दीदी और हरमन दीदी ने बहुत सपोर्ट किया। और जब मैंने बालकनी में सचिन सर को देखा, तो अलग ही जोश आ गया। उनसे बात करना हमेशा मुझे मोटिवेशन देता है।' 21 साल 279 दिन की उम्र में शेफाली वर्मा विश्व कप के सेमीफाइनल या फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।
वोल्वार्ट की जंग, लेकिन तीसरी बार टूटा सपना
वोल्वार्ट ने शानदार शतक जमाया और टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रहीं, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। अमनजोत कौर के सीधे थ्रो ने ताजमिन ब्रिट्स को रन आउट किया और दीप्ति शर्मा ने वोल्वार्ट को आउट कर भारत की जीत पक्की कर दी। यह दक्षिण अफ्रीका की तीसरी लगातार हार थी किसी आईसीसी फाइनल में। 2023 और 2024 टी20 विश्व कप के बाद 2025 वनडे विश्व कप भी उनके हाथ से निकल गया। भारत के लिए यह जीत सिर्फ एक खिताब नहीं, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक है, जहां शेफाली, दीप्ति, हरमन और जेमिमा जैसी बेटियां न सिर्फ खेल रहीं हैं, बल्कि इतिहास फिर से लिख रही हैं।
वोल्वार्ट ने शानदार शतक जमाया और टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रहीं, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। अमनजोत कौर के सीधे थ्रो ने ताजमिन ब्रिट्स को रन आउट किया और दीप्ति शर्मा ने वोल्वार्ट को आउट कर भारत की जीत पक्की कर दी। यह दक्षिण अफ्रीका की तीसरी लगातार हार थी किसी आईसीसी फाइनल में। 2023 और 2024 टी20 विश्व कप के बाद 2025 वनडे विश्व कप भी उनके हाथ से निकल गया। भारत के लिए यह जीत सिर्फ एक खिताब नहीं, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक है, जहां शेफाली, दीप्ति, हरमन और जेमिमा जैसी बेटियां न सिर्फ खेल रहीं हैं, बल्कि इतिहास फिर से लिख रही हैं।