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आईपीएल की मनमानी पर ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
Updated Fri, 12 Apr 2013 01:22 AM IST
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आईपीएल एक बार फिर विवादों में है। पूर्व टेस्ट क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर को ग्राउंड में घुसने से रोके जाने के बाद आईपीएल अधिकारियों ने अपनी मनमानी दिल्ली में भी जारी रखते हुए यह हिमाकत पूर्व टेस्ट क्रिकेटर व डीडीसीए की पिच व ग्राउंड्स कमेटी के चेयरमैन चेतन चौहान के साथ कर डाली।
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पीटर ग्रिफिथ नाम के आईपीएल अधिकारी ने जब चौहान को उन्हीं के ग्राउंड में घुसने से रोका तो सारे कर्मचारियों को यह हरकत इतनी नागवार गुजरी की उन्होंने मैदान छोड़ते हुए हड़ताल कर दी।
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दिल्ली डेयरडेविल्स के जोहान बोथा जिस वक्त फिरोजशाह कोटला के मैदान पर नेट प्रैक्टिस कर रहे थे ग्राउंड्समैन ने नेट उखाड़ दिए। बोथा ने नेट दोबारा लगाने की कोशिश की लेकिन इन्हें फिर गिरा दिया गया।
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जिस वक्त नेट हटाया गया उसके दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद की टीम प्रैक्टिस कर रही थी। पार्थिव पटेल को भी बैटिंग करने से रोक दिया गया।
यही नहीं खबर लिखे जाने तक न तो पिच को कवर किया गया था और न ही इस पर रोलर चलाया गया था।
सूत्रों की मानें तो मामले की जानकारी डीडीसीए अध्यक्ष अरुण जेटली तक पहुंच चुकी थी। ग्रिफिथ ने जिस वक्त चौहान को मैदान में घुसने से रोका उनका गुस्सा देखने वाला था।
दरअसल आईपीएल ने सीधे तौर सभी लोकल एसोसिएशन से टकराव ले लिया है। आईपीएल ने किसी भी लोकल एसोशिएशन के अधिकारी को मैदान में घुसने का कार्ड जारी नहीं किया है। इसी को लेकर लोकल एसोसिएशनों में बेहद गुस्सा है।
उनका कहना है कि मैदान उनका है स्टाफ उनका है और वे ही मैदान में नहीं घुस सकते हैं। ऐसा नहीं हो सकता।
चौहान को मनाने की कोशिश डेयरडेविल्स के सुनील वालसन ने की। लेकिन यह प्रयास विफल गया।
हालांकि इस घटना का कल के मैच पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन पिच पर रोलर नहीं चलाया गया तो यह रन उगलने की बजाय गेंदबाजों की मदद करेगी। वहीं चेतन चौहान ने इस घटना पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।