भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम इंडिया के हेड कोच के लिए 30 जुलाई तक आवेदन मंगवाए हैं। मौजूदा कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल वर्ल्ड कप 2019 के बाद समाप्त हो गया था। हालांकि, वेस्टइंडीज दौरे के लिए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया के हेड कोच बननने की रेस में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी गैरी कर्स्टन, श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी और टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग शामिल हैं। गौरतलब है कि कर्स्टन के नेतृत्व में भारत ने 2011 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था।
कौन होगा टीम इंडिया का अगला हेड कोच? इन चार खिलाड़ियों के बीच दिलचस्प रेस
गैरी कर्स्टन
ग्रैग चैपल के बाद 2008 में कर्स्टन को टीम इंडिया का कोच बनाया गया। उन्होंने 2008 से 2011 तक टीम की कमान संभाली। कुछ कारणवश उन्होंने अपना करार आगे नहीं बढ़ाया था। दो साल बाद वह दक्षिण अफ्रीका टीम के कोच बने। वह दो साल तक रहे। इसके बाद 2014 से 2015 तक दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच रहे। वे 2018 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कोच हैं। इस टीम के कप्तान विराट कोहली हैं। हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के लिए भी कर्स्टन का नाम सामने आया था।
महेला जयवर्धने
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 हजार से ज्यादा रन बना चुके श्रीलंका के पूर्व कप्तान जयवर्धने 2015 में इंग्लैंड टीम के बल्लेबाजी सलाहकार थे। इसके बाद 2017 में उन्हें मुंबई इंडियंस का कोच बनाया गया। उनके साथ टीम 2017 और 2019 में चैम्पियन बनी। जयवर्धने 2008 से 2010 तक किंग्स इलेवन पंजाब, 2011 में कोच्चि टस्कर्स केरला और 2012 से 2014 तक दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए आईपीएल में खेले थे।
टॉम मूडी
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी भी टीम इंडिया के कोच बनने की रेस में हैं। 2005 में जॉन राइट के बाद भारतीय टीम के कोच बनने के दावेदार थे, लेकिन चैपल को यह जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद मूडी श्रीलंकाई टीम के कोच बने। उनके नेतृत्व में श्रीलंका 2007 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी। इसके अलावा मूडी आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब और सनराइजर्स हैदराबाद के भी कोच रहे। उनकी कोचिंग में ही सनराइजर्स की टीम 2016 में चैम्पियन बनी थी।
वीरेंद्र सहवाग
टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की रेस में हैं। अनिल कुंबले ने जब 2017 में कोच पद से इस्तीफा दिया, तब सहवाग इसके मुख्य दावेदार माने जा रहे थे। सेलेक्शन के दौरान सहवाग की कैजुअल अप्रोच को देखते हुए क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) ने उन्हें कोच नहीं बनाया। सहवाग 2016 में किंग्स इलेवन पंजाब के मेंटर थे। उन्होंने 30 से ज्यादा टेस्ट और 50 से ज्यादा वनडे खेले हैं, लेकिन उनके पास कोचिंग का कोई सर्टिफिकेट नहीं है। बता दे कि कोच पद के लिए बीसीसीआई ने दो साल का अनुभव मांगा है।