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अंडर-19 में सबसे अधिक विकेट लेने वाला टीम इंडिया का गेंदबाज बना अमेरिका का बेस्ट बॉलर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 18 Feb 2018 08:34 AM IST
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सौरभ नेत्रावलकर
- फोटो : facebook
सौरभ नेत्रावलकर भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा नाम है, जिसने टीम इंडिया को ओर से खेलते हुए 2010 अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया था। न्यूजीलैंड में आयोजित वर्ल्ड कप में सौरभ ने 9 विकेट अपने नाम किए थे। इस टूर्नामेंट के बाद सभी को लगा था कि जल्द ही वह टीम इंडिया में खेलते हुए नजर आएंगे। लेकिन उनकी किस्मत के एल राहुल और जयदेव उनादकट की तरह नहीं चमकी।
बता दें कि के एल राहुल और जयदेव उनादकट भी उस अंडर-19 टीम के सदस्य थे, जिसमें सौरभ खेले थे। मुंबई के इस खिलाड़ी को इसके बाद आगे ज्यादा मौके नहीं मिले और वह महज एक फर्स्ट मैच खेल सके। इसके अलावा उन्होंने 16 लिस्ट ए क्रिकेट खेलने में कामयाब रहे।
इसके बाद उन्होंने घर वालों के कहने पर अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाया और इसके लिए वह 2015 में न्यूयॉर्क के कोर्नेल यूनिवर्सिटी चले गए। वहां उन्होंने अपने दोस्त के साथ एक लोकल क्लब क्रिकेट में हिस्सा लिया। इसके बाद उनके अंदर का क्रिकेटर बार-बार उन्हें मैदान की ओर ले जाता रहा।
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2016 में बढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में ऑरैकल में नौकरी मिल गई। नौकरी के साथ-साथ वह क्रिकेट भी खेलते रहे। अपने शानदार प्रदर्शन के कारण वह अमेरिकन नेशनल चैंपियनशिम में नॉर्थ वेस्ट रीजन की ओर से खेले। इसके बाद वह 31 जनवरी 2018 को अमेरिका की ओर से अपना पहला इंटरनेशल मैच खेलने में भी कामयाब रहे।
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बता दें कि के एल राहुल और जयदेव उनादकट भी उस अंडर-19 टीम के सदस्य थे, जिसमें सौरभ खेले थे। मुंबई के इस खिलाड़ी को इसके बाद आगे ज्यादा मौके नहीं मिले और वह महज एक फर्स्ट मैच खेल सके। इसके अलावा उन्होंने 16 लिस्ट ए क्रिकेट खेलने में कामयाब रहे।
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इसके बाद उन्होंने घर वालों के कहने पर अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाया और इसके लिए वह 2015 में न्यूयॉर्क के कोर्नेल यूनिवर्सिटी चले गए। वहां उन्होंने अपने दोस्त के साथ एक लोकल क्लब क्रिकेट में हिस्सा लिया। इसके बाद उनके अंदर का क्रिकेटर बार-बार उन्हें मैदान की ओर ले जाता रहा।
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2016 में बढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में ऑरैकल में नौकरी मिल गई। नौकरी के साथ-साथ वह क्रिकेट भी खेलते रहे। अपने शानदार प्रदर्शन के कारण वह अमेरिकन नेशनल चैंपियनशिम में नॉर्थ वेस्ट रीजन की ओर से खेले। इसके बाद वह 31 जनवरी 2018 को अमेरिका की ओर से अपना पहला इंटरनेशल मैच खेलने में भी कामयाब रहे।